बहुत सुनाया तुमनें हम फिर भी खामोश रहे..
काश समझ पाते यारा क्यों हम खामोश रहे..!
उनकी तस्वीर इस क़द्दर भा गयी देर तक देखते रहे..
नज़रों से ओझल जो हुई दिल में नश्तर से चुभते रहे..!
Life mein Aapke Achche hone Na hone se Aaj koyi Fark nhin padta..!
Duniya ka Naapne ka apna hi Paimana hai…
यदि किसी पढ़े लिख इंसान को अच्छे बुरे की पहचान नहीं है
बात करने की तहज़ीब नहीं है तो इससे बेहतर अनपढ़ होना है..!
Good Morning…
भूल अपने दायरे नहीं जान बड़े परिंदों माफ़िक़ ऊँचे आसमान की चाहत कर बैठी..
काश इतना तो समझ लेती मिलता उतना जो दायरों में होता हद से आगे नाश ही होता..!
Good Morning.!!
दावा करते मुहब्बत का वादा निभाने की आदत नहीं..
सोच सोच परेशाँ है दिल उन्हें मुहब्बत है के भी नहीं..!
मिलने की चाहत तो है सुने में ही तुझ संग मगर..
क्या करें हुस्न पर यक़ीन ज़रा कम ही है..?
गर मिला है कुछ तो न
इतना गरूर कर..
सुना है एक नदियां भी
सूख जाती हैं..!
आपका दिन मंगलमय हो
सूरज की पहली किरण का फिर से नज़र आना..
देता है हर किसी को एक और दिन मुस्कुराना..!
ज़िन्दगी आ तुझ से समझौता कर लेते हैं..
लेकर तेरे गम अपनी खुशियां दे देते हैं..!
शुक्रिया हमारी तरफ यूँ प्यार भरी नज़र के लिए..
वो दिन गए जब हज़ूर बेगाने हो चला करते थे..!
खुद तो आती नहीं शुक्र तस्वीर तो दे गयी हो..
कम से कम उसी सहारे ज़िन्दगी बसर कर रहे..!
बहुत शौक है न तुझे यूँ तड़पाने का..
कोई न यूँ ही ज़िन्दगी खत्म कर रहे हैं..!
वो खिलौना समझ इस
दिल से खेल तोड़ गए..
क्या करें बचपन की
आदत उनकी गयी नहीं..!
ज़िन्दगी से मिले आज हम खुद से मुलाक़ात हो गयी..
अब तक जो अधूरी थी ख्वाहिशों की बरसात हो गई..!
ज्यादा की नहीं लालच बस खुदा तेरे सारे गम देदे..
मौत दे हमें बदले में तुझे ज़िन्दगी देदे..!
ज़िन्दगी में आना तो आ जाओ यूँ ख्वाबों में आ ना सताया करो..
ज़िद्द बेशक हर पूरी कर लेना मगर इस बात पर मान जाया करो..!
सीमाओं में बंधा हर शख्स माँ के प्यार की कोई सीमा नहीं..
जो भुला दे दुःख दर्द ऐसी संगीत की कोई और वीणा नहीं..!
ख्वाब ऐसे न देख के अधूरे रह जाएँ
आँखों से छलकें आंसूं ज़ज़्बात बह जाएँ..
ज़िन्दगी में मनचाहा कब मिला
यूँ ही ज़िन्दगी बेवफा न कहलाये..!
इश्क़-ए-गली से खाली हाथ गुज़रना नामुंमकिन हो..
ख्वाब दे पलकों में यादें आखों में संजोय ले गया..!
तेरा था न मेरा था फिर ये कसूर किसका था..
प्यार हुआ इक़रार हुआ सफर फिर भी न साथ हुआ..!
हुस्न के वादों पर इश्क़ परेशाँ है परेशां ही रहेगा जाने किस घडी नाराज हो और गैर डोली चढ़ जाये
Har din bs ek us ki hi baat hai.!
Dil ko yaara bs Tera intzar hai.!!
Posted on December 6, 2019, in Shayari Khumar -e- Ishq. Bookmark the permalink. Comments Off on .