Category Archives: Ghazals Zone

मनचलों का गरूर…होगा चकनाचूर.!!


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वक़्त करवट लेता है,
और लेगा भी ज़रूर.!
देखना होगा चकनाचूर,
मनचलों का गरूर.!!

कब तक पिसेगी नारी,
इन शोहदों से हज़ूर.!
खुदा एक दिन इनकी,
दुआ करेगा मंज़ूर.!!

नशेमन बेख़ौफ़ हैं जो,
उतरेगा इनका सरूर.!
जब नारी हो जायेगी,
अपने हितों से सरोबूर.!!

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Are U Annoyed…


हुस्न की बेरुखी का कारण शायद ही कोई जान पाए…?
इश्क़ को चाहिए कि बस मुहब्बत करे और करता रहे…
अर्ज़ किया है:-

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कैसे समझाऊँ उन को इस दिल की हालत.!
नहीं बात करती तो दुनियां सूनी-सूनी लगती.!!

धड़कने रुकने को होती सांसें बेज़ार दिखती.!
अर्थी सपनों में और मौत सामने खड़ी लगती.!!

अरे कुछ तो तरस खाओ हसीनों का प्यारा हूँ.!
दिल आप पर हारा  इतनी खुन्नस क्यों रखती.!!

सखियों ने कसम दी या सब तड़पाने खातिर.!
इतने बुरे तो  नाचीज़  की शायरी क्यों पढ़ती.!!

इक दिन पच्छ्ताओगे याद करोगे’सागर“को.!
तन्हाई में रोओगे क्यों मैं प्यार नहीं थी करती.!!

Persecutor Lover…👽


बड़े बेवफा होते ये हुस्न वाले,
जान ले कर भी नहीं मानते ये हुस्न वाले.!👽
बेगैरत-मगरूर ये हुस्न वाल,
वक़्त गुज़रे बाद हैं पच्छ्ताते ये हुस्न वाले.!!👽

मेहबूब मेरे मुझ संग मुंह चढ़ा बता तुझे क्या है मिला.!
मेरी बेपन्हा मुहब्बत के बदले मुझे अच्छा दिया सिला.!!
ना रूठ मुझ से बता क्या  है खता  किस बात का गिला.!
शिक़वे-शिकायत होते ज़िन्दगी में दिल तोड़ क्या मिला.!!
क्या जानो हैं कितने सितम रोशनी  का  दीया  दिया जला.!
सारे गम भुला सकूँ साकी मद-मस्त होंठों से इतना पिला.!!
दो पल की ज़िन्दगी होंठों पे ला  हंसी अपना चेहरा खिला.!
बात-बात की बेरुखी यारा’सागर‘को अंदर से दिया हिला.!!

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Mehboob Mere Mujh Sang Munh Chadha Bta Tujhe Kya Hai Mila.!

Meri  Bepanha  Muhabbat  Ke  Badale  Mujhe  Achcha  Diya  Sila.!!

Naa Rooth Mujh Se Bata Kya Hai Khata Kis Baat Ka Gila.!

Shiqawe – Shiqayat Hote Zindagi Mein Dil Tod  Kya Mila.!!

Kya Jano Zindagi Mein Kitne Sitam Roshni Ka Diya Diya Jala.!

Saare Gum Bhula Sakun Saki Mad-Mast Honthon Se Itna Pila.!!

Do Pal Ki Zindagi Honthon Pe La Hansi Apna Chehra Khila.!

Baat – Baat  ki  Berukhi Yaara ‘Sagar‘ Ko Andar Se Diya Hila.!!

वो लड़की…कहीं 💖💖ना हो जाए…


आप ही शायद वो💖💖हैं जो दिल को अज़ीज़ लगते…
मन भी कितना चंचल होता…

इस ग़ज़ल का ख्याल रात सोते वक़्त आया था…

अर्ज़ किया है:-                                                   

सिंधी है पंजाबी है या पंडतायनी,
पर वो लड़की है बड़ी सयानी.!
सुरमई आँखें कुछ कहती-सुनती,
है वो लड़की बड़ी अरमानी.!!

जब से देखा दिल में बस गयी,
तस्वीर उसकी बड़ी रूमानी.!
नाक पर गुस्सा होंठों पर हंसी,
वो लड़की इस दिल की रानी.!!

अच्छे-अच्छों को सबक सिखादे,
अच्छों की उसने कदर जानी.!
सोच के कहना समझ समझना,
वो लड़की है बड़ी स्वाभिमानी.!!

💖💖💖💖

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Expensive Water…


जो  दिख  रहा  है  वही  बिक  रहा है.!
आज  कल  यही  चलन  चल  रहा है.!!

ज़माना गुज़रा जब गुणों की बात थी.!
खंडहरों  पर  रंग – रोगन लग रहा है.!!

सर  पे  ओड  ओढ़नी मिलती सजनी.!
पूरब  में  सूरज  पश्चिम निकल रहा है.!!

अच्छा  कमाऊ  बालक  इतराने लगा.!
उनकी  कमाई  घर  बसाने चल रहा है.!!

गुलबदन हुस्न -ए -जाना की चाहत ना है.!
वफ़ा व्यापार हो चली प्यार बिक रहा है.!!

संस्कृति-सभ्यता की फिक्र किसे’सागर‘.!
आज  खून  से  महंगा  पानी  हो  रहा है.!!

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Be Great…(लाजवाब हो…)


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यौवन की मद-मस्ती पर यूँ ना इतरा,
खुदा ने गर दिया संभाल ज़रा.!
यहाँ भँवरे फिरते हर गली चौराहे पर,
बाद में पछताने से बच ज़रा.!!
गदराई जवानी और सावन का महीना,
बारिश जिस्म ना भिगा ज़रा.!
सरे शहर बदनाम हो जायेगी सोहनिए,
यारों के क़त्ल ना कर ज़रा.!!
इस दिल की भी बन आती समझ यारा,
उठे कोई तुझ पे नज़र ज़रा.!
कैसे समझाऊँ दुनियां को ना देखे तुझे,
सागर“नहीं तुझ बिन ज़रा.!!

जाने कब…


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आज हैं कल होंगे या जला-दफना दिए जाएंगे.!
किसी न किसी के अफ़साने अधूरे रह जाएंगे.!!
अजीब मंजर है और अजीब दुनिया का दस्तूर.!
आज अपने हैं कौन जाने कब बेगाने हो जाएंगे.!!
दिल पागल है लग जाता कभी-कहीं किसी से.!
उनको देने को शायरी के नज़राने रह जाएंगे.!!
वक़्त रहते दिल की हर बात जुबां पर लाओ.!
दिली ना कहना चाहने वाले बेगाने हो जाएंगे.!!
वक़्त की नज़ाकत को समझ नादान ‘सागर‘.!
एक बार गुज़रा तो जीने के बहाने रह जाएंगे.!!

Post.

For You…


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तड़प लेने दो उन्हें भी,
जिन्हें यार मुहब्बत है.!
मुंह पर ना-ना है और,
आंखों में शरारत है.!!

खुद जो कराते थे अब,
खुद इंतज़ार कर देखें.!
यार बिन ज़िन्दगी में,
कहाँ ऐसी नज़ाक़त है.!!

बहुत इतराते हो ना,
अपने हुस्न-ए-ज़माल.!
कभी तो मानोगे अब,
अपनी भी बगावत है.!!

कुछ दिन ना मिले तो,
चेहरा क्यों उतरा है.!
कह दो ना सनम,
हमें भी मुहब्बत है.!!

सच है’सागर‘की हर,
शेर-औ-शायरी आप.!
तभी तो यारों के हर,
लफ्ज़ में अदावत है.!!

तेरा-मेरा मिलन.!!


    इक  रूमानी  तनहा  सितारों  भरी  रात  में  लिखी  गयी  ग़ज़ल  पेश है:-

तेरा-मेरा मिलन इतना सुहाना क्यों है.!
दुनियां में अपना यूँ आना क्यों है.!!
इत्तेफ़ाक़ नहीं उसकी कोई रज़ा जरूर.!
तेरे नाम बाद नाम आना क्यों है.!!
बात नहीं  दिल  में  बता  कैसे मान लूँ.!
नज़र मिलते ही यूँ शर्माना क्यों है.!!
बोतल का नशा कर भी नशा होता नहीं.!
तेरे हुस्न से मेरा बहक जाना क्यों है.!!
हसीं  कई  हैं  शहर  में  किसे  इंकार.!
तेरी गली ही राह भटक जाना क्यों हैi.!!
शबनम-सी नाज़ुक है जान-ए -जहाँ.!
देख रवि को तेरा सिमट जाना क्यों है.!!

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Tera-Mera Miln Itna Suhana Kyun Hai.!

Duniyan Mein Apna Yun Aana Kyun Hai.!!

Itefaaq Nahin Us Ki Koyi Raza Jaroor.!

Tere Naam Baad Naam Aana Kyun Hai.!!

Baat Nahin Dil Mein Kaise Maan Lun.!

Nazar Milte Hi Yun Sharmana Kyun Hai.!!

Botal Ka Nsha Kar Bhi Nsha Hota Nahin.!

Tere Husn Se Mera Bahak Jana Kyun Hai.!!

Haseen Kai Hain Shahar Mein Kise Inqar.!

Teri Gali Hi Raha Bhatak Jana Kyun Hai.!!

Shabnam-Si Nazuk Hai Jaan-e-Jahan.!

Dekh Ravi Ko Tera Simat Jana Kyun Hai.!!

 

Beautiful Princess…


बात न करने की लगता आज उसने कसम खाई है.!
तभी तो गौरी छुप-छुप कर ऑनलाइन हो आई है.!!
अज़ी  गर्म  मौसम  में  इतनी गर्मी ठीक नहीं.!
तेरी गली गन्ना-चरखी लगाने की ख्वाहिश है.!!
कल तक तो खूब बतिया रही थी दीवाना कर गई.!
लगता  मम्मी  ने नेट  करने  पर पाबन्दी लगाई है.!!
खुद  ही  सोच  कब  तक  तेरी  खातिर  लिखता  रहूँ.!
बेवजह ही अपने दिल-औ-दिमाग की जोर-ाज्मिश है.!!
जब चाहा दिल से खेला और जब चाहा खूब बतिया.!
दिल तोडना-जोड़ना मनो हुस्न वालों की पैदाइश है.!!

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Baat Na Karne Ki Lagta Aaj Usne Kasam Khai Hai.!

Tabhi To Gauri Chup-Chup Kar Online Ho Aai Hai.!!

Azi Garm Mausam Mein Itani Garmi Theek Nahin.!

Teri Gali Ganna-Charkhi Lagane Ki Khwahish Hai.!!

Kal Tak To Khub Batiya Rahi Thi Deewana Kar Gai.!

Lgta Mummy Ne Net Karne Par Pabandi Lagai Hai.!!

Khud Hi Sauch Kab Tak Teri Khatir Likhta Rahoon.!

Bewajah Hi Apne Dil-o-Dimaag Ki Jor-Aajmish Hai.!!

Jab Chaha Dil Se Khela Aur Jab Chaha Khub Batiya.!

Dil Todna-Jodna Mano Husn Walon Ki Paidaish Hai.!!

What kind of …


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मर्दों ने दुनियां में औरत  को खिलौना समझा.!
बेशक कुछ ने उनको जीवन का सार समझा.!!
भोग-विलास की वस्तु जान कुछ सजाते मंडी.!
औरत ने जन्म दिन पर उस को मांस समझा.!!
जन्म लेते ही घर मैं कैदc हो जीवन बिताती.!
बिन अपराध ही सजा का cहक़दार समझा.!!
बाबुल से प्यार करती भाई का शृंगार करती.!
अपने आँगन खिलाया परया संसार समझा.!!
कैसी रीत कैसी प्रीत जीते-जी न माने’सागर’.!.
बेटे को मोक्ष – दवार की  खेवन हार समझा.!!

Love story …


उन्हें मनाने की चाहा में,
इन्हें जलन का कीड़ा दे गया.!
इंदौर वाली क्या मानती,
फिरोजाबादी नाराज कर गया.!!
सच कहा किसी ने यारो,
जलन की पीड़ा ने ढाये सितम.!
एक पट्टी नहीं थी और,
दूजी का कोप-भजन गा गया.!!
अभी तो अच्छा था उस,
ब्राज़ीलियाई को हिंदी न आती.!
वरना ‘सागर‘ तय था,
जूतों का हार और शृंगार गया.!!
लाहौर वाली का क्या,
वीजा प्रॉब्लम बता बच सकता.!
वैसे कुड़ी पंजाबन है,
टप्पे से फ़ोन पर इजहार गया.!!

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Can’t Forget You…


मेरे शेरों में इतनी ज़ुस्तज़ू कहाँ,
जो ला सकूँ फिर से तुझे अपने करीब.!
बस अब तो बीती यादें ही हैं पास,
जिन्हें याद कर जी रहा हूँ अब तक.!!
दुनियां दिल बहलाती वाह-वाह करती,
किसे फुर्सत जाने दर्द है किसकी जुदाई का.!
दिन गुज़ारे ख्यालों में रात करवट बदल,
लोग समझते हैं कोई बेवजह आदत है.!!
ग़ज़ल न लिखी जाए जो जिक्कर न हो उनका,
हर लफ्ज़ लिखा तस्वीर आँखों में रख.!

कोई दवा ला कर दो जो भुला सकूँ उनको,
या खुदा अपने’सागर’को वापिस अपने पास रख.!!

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Mere  Shairon  Mein  Itni  Zustzoo Kahan,

Jo La  Sakun Phir  Se  Tujhe  Apne Kareeb.!

Bas  Ab  To  Beeti  Yaadein  Hi  Hain Pass,

Jinhein  Yaad  Kar  Jee  Raha  Hun  Ab Tak.!!

Duniyan  Dil  Behalati  Waah – Waah Karti,

Kise  Fursat  Jaane  Dard  Hai Kiski Judai Ka.!

Din Guzare Khayalon Mein Raat Karwat Badal,

Log Samajhte Hain Koyi Bewajah Aadat Hai.!!

Gazal Na Likhi Jaaye Jo Zikkar Na Ho Unka,

Har Lafz Likha Tasweer Aankhon Mein Rakh.!

Koyi Dawa La Kar Do Jo Bhula Sakun Unko,

Ya Khuda Apne’Sagar‘Ko Wapis Apne Pas Rakh.!!

 

Stubbornness…


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क्यों जानने की ज़िद्द है,
किसी  का  प्यार  पहचानने  की  ज़िद्द है.!
सभी को हक़ छिपाने का,
क्यों इज़्ज़त किसी की उछालने की ज़िद्द है.!!
अपना गिरेबान पहले देखो,
औरों  की  खिड़कियां  झाँकने  की ज़िद्द है.!
प्यार किया गुनाह नहीं,
ज़िन्दगी किसी की क्यों मिटाने की ज़िद्द है.!!
घर उझड़े किसी का,
कैसी  खूबसूरत  यारो  ये  आप की ज़िद्द है.!
इबादत जैसी होती मुहब्बत,
फिर  ऐसी  क्यों  तोहीन  करने  की ज़िद्द है.!!
रब्ब का खौफ खाओ बन्दों,
मालिक  से  क्यों आगे निकलने की ज़िद्द है.!
खुदा  से  बड़  नहीं  हो,
क्यों  बाद  को  यारो  पपच्छ्ताने  की ज़िद्द है.!!

Kyun Jaanne Ki Zidd Hai,

Kisi Ka Pyaar Pehchanne Ki Zidd Hai.!

Sabhi Ko Haq Chipane Ka,

Kyun Izzat Kisi Ki Uchalne Ki Zidd Hai.!!

Apna Gireban Pahale Dekho,

Auron Ki Khidkiyan Jhankne Ki Zidd Hai.!

Pyaar Kiya Gunaaha Nahin,

Zindagi Kisi Ki Kyun Mitaane Ki Zidd Hai.!!

Ghar Ujhade Kisi Ka,

Kaisi Khubsurat Yaaro Ye Aap Ki Zidd Hai.!

Ibadat Jaisi Hoti Muhabbat,

Phir Aisi Kyun Toheen Karne Ki Zidd Hai.!!

Rabb Ka Khauf Khao Bando,

Maalik Se Kyun Aage Nikalne  Ki Zidd Hai.!

Khuda Se Bad Nahin Ho,

Kyun Baad Ko Yaaro Pachchtane Ki Zidd Hai.!!

One Day.!!


तुझे रातों को जागना होगा.!

हमसफ़र है मेरी मानना होगा.!!

यूँ ही नहीं होता रोज़ मिलना.!
रज़ा खुदा की पहचानना होगा.!!

हर शै तेरा अक्स तलाशा है.!
दिल-ए-ज़ुस्तज़ू को जानना होगा.!!

यूँही परेशान नहीं वहां तुम भी.!
दिल की धड़कनों को सुनना होगा.!!

सागर“से ना पन्गा ले मान जा.!
एक दिन लहरों संग मचलना होगा.!

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Her Problem His Tension…


सोशल साइट्स पर की गयी मुहब्बत पर कम ही यक़ीन करना अच्छा रहता है
कौन जाने कब-कहाँ कोई हुस्न अपना प्रोफइल बंद करदे या चलाना ही छोड़ दे?
चाहे शादी हो जाना या कोई और कारन या हो सकता है कोई मजबूरी?
बेचारा इश्क़ तो गया ना बारहां के भाव में?
” एक मित्र महोदय सोशल साइट्स पर इक बड़ी ही हसीं दिलकश हसीना से
दिल लगा बैठे जनाब रात-दिन इंतज़ार करते और उनके ऑनलाइन होते ही
हो जाते चैटिंग करना…
फिर एक दिन अचानक “वो अकाउंट”बंद  हो गया?? “
जनाब का जो हाल हुआ वो देखते ही बनता था??

अर्ज़ किया है:-

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कैसे एतबार करूँ कैसे तुझ संग मैं प्यार करूँ.!
जाने कब देगा दे जायेगी क्यूँकर इंतज़ार करूँ.!!
हो सकता कोई मजबूरी हो या समझौता कोई.!
बेवफा भी न कहूं क्यों दिल पर अत्याचार करूँ.!!
जब चाहा सवाल किया जब चाहा जवाब दिया.!
तेरे मन-मुताबिक़ ही क्यों मैं हर व्यवहार करूँ.!!
बात किसी संग इश्क़ किसी से ब्याह किसी से.!
सज कहती तेरे लिए ही तो सोलहां-शृंगार करूँ.!!
तेरी कुछ होंगी माना पर मेरी भी मजबूरियां हैं.!
दिल एक बार लगता बार-बार कैसे प्यार करूँ.!!
वक़्त मिला तो मुडकर देखना दीवाने का हाल.!
तन्हा ज़िन्दगी कटती नहीं कैसे सफर यार करूँ.!!

‘Feelings’ Devoted to You…


गुज़रे लम्हों  की  सौगात  बन गया हूँ.!
तेरे ख्यालों में  खो  ख्याल हो गया हूँ.!! 

सूरज की पहली किरण याद कराती.!
तेरे  बिन  जीने  को ही तरस गया हूँ.!!

इक सवाल-सा बन रह गयी ज़िन्दगी.!
उलझे सवालों का जवाब  हो  गया हूँ.!!

आ छोड़ सारे  रिवाजों  को छोड़ कर.!
डूबती सांसें मगर इंतज़ार कर रहा हूँ.!!

बोले  आ  ढूंढें  इस  शहर  में  शायरी.!
नादान तेरे तीर से ही तो घायल हुआ हूँ.!!

यूँ ही नहीं तेरे दिल को भाती  मेरी बातें.!
गौर से देख आइना आँखों में बस गया हूँ.!!

यूँ ना छेड़ सांसों को अपनी खुशबू से.!
तेरी चाहत में पढ़ दीवाना बन गया हूँ.!!

लफ़्ज़ों में ज़ुस्तज़ू’सागर‘की गहराई है.!
तन्हाई में अक्सर  ग़ज़ल लिख  गया हूँ.!!

UdikaN YaaraN DiyaN..


 मंगना – सी  तै  कुछ  होर  ही मंग लैंदे
दिल  की  चीज़  यारां  दी  जां मंग लैंदे.!
अस्सी मर गए उड़िकान कर-कर तवाडही,
अपने शहर विच अपना दीदार करा देंदे.!!

डेरा पा अस्सी बैठेाँ तवाडेह शहर विच,
मित्तरां नूं  सावां – दा  हार पहनवा देंदे.!
गड़ी  चल  देगी  जदन  यारा  शहर तुं,
सोचेंगी काश ‘सागर‘ नूं हाल-ए-दिल कह लौंडे.!!

अख मारो या सौटा सुट्टो साहड़े सर उत्ते,
मगरूण यार नाल कुज हंसी-मजाक कर लैंदे.!
बुए खोल बैठा”सागर‘दिल दे सारे मित्तरा,
कदी तै ख़यालां वालयो अखां चार कर लैंदे.!!

Mngna-Si Tai Kuch Hor Hi Mang Lainde,

Dil Kee Cheez Yaaran-Di Jaan Mang Lainde.!

Assi Mar Gaye Udikan Kar-Kar Twahdi,

Apne Shahar Wich Apna Deedar Kara Deinde.!!

Dera Paa Aise Baithe Aan Twadhe Shahar Wich,

Mitran Nun Sawan-Da Haar Pehanwa Deinde.!

Gadi Chal Degi Jadan Yaara Shahar Tun,

Sochoge Kash’Sagar‘Nun Dil-E-Hal Keh Launde.!!

Akh Maaro Ya Sauta Sutto Sahade Sar Utte,

Magarun Yaar Naal Kuz Hansi-Majak Kar Lainde.!

Bue Khol Waitha’Sagar‘Dil De Saare Mittra,

Kadi Tai Khayalan Walayo Akhan Char Kar Lainde.!!

Waiting…


तेरे दिल में गर वहाँ  कुछ-कुछ होता है.!
मेरा दिल भी तुझे याद कर यहाँ रोता है.!!

माने ना माने पर यही सच  है जान- ए- जहाँ.!
सच को झुठला अक्सर ज़माना बड़ा रोता है.!!

यहाँ क़बूल है क़बूल  कर अब  मुहब्बत को.!
ऐसा मौका बार-बार खुदा फिर कहाँ देता है.!!

सागर‘ को पसंद याद  किया  हर पल तूने.!
तेरे साँसों में ज़िक्कर  बस मेरा ही होता है.!!

इक़रार की आरज़ू  किए  बैठा आ बात कर.!
खवाबों  वालिए क्यूँ तेरा खुद से धोखा है.!!

है दम मिटा दे अपने  दिल  की किताब से नाम.!
देखना हर वर्का तस्वीर किसकी लिए खुलता है.!! 

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Tere Dil Mein Gar Wahan Kuch-Kuch Hota Hai.!

Mera Dil  Bhi  Tujhe Yaad Kar Yahaan Rota Hai.!!

Mane Na Mane Par Yahi Sach Hai Jaan-e-Jahan.!

Sach Ko Jhuthala Aksar Zamana Bada Rota Hai.!!

Yahan Qabool Hai Qabool Kar Ab Muhabbat Ko.!

Aisa Maoka Baar-Baar Khuda Kahaan Deta Hai.!!

Sagar‘  Ko   Pasand  Yaad   Kiya  Har   Pal T une.!

Tere Sanson Mein Zikkar Bas Mera Hi Hota Hai.!!

Tere  Iqraar  Ki Aarzoo  Kiye  Baitha  Aa  Baat Kar.!

Khawabon Waliye Kyun Tera Khud Se Dhokha Hai.!! 

Hai  Dam  Mita  De Apne  Dil  Ki  Kitaab  Se  Naam.!

Dekhna Har Warka Tasweer Kiski Liye Khulta Hai.!

Old Memories Never Die…


ज़िंदगी गुज़रे लम्हों और यादों को सॅंजो के रखने का नाम है!
आपकी ज़िंदगी में कभी ना कभी कुछ या बहुत से हसीन पल
यक़ीनन गुज़रे होते हैं?आप अक्सर उन्हें याद कर कहीं खो
जाते हैं,वैसे ही यादों के झरोखों से कुछ लम्हें याद कर एक
ग़ज़ल बन पड़ी है:-

काम ज़िंदगी में और ज़रूरी हैं.!
तुझसे मिलना भी तो ज़रूरी है.!

साँसे जीने के लिए ज़रूरी हैं.!
प्यार बिन ज़िंदगी अधूरी है.!!

माना ख्वाहिशें कई ज़रूरी हैं.!
तुझ से सब ख्वाहिशें पूरी हैं.!!

प्यार में हर कदम मजबूरी है.!
प्यार है तो इम्तहान ज़रूरी है.!!

ना कहना हुस्न की मगरूरी है.!
अदाओं बिना हसीना अधूरी है.!!

यारो  उससे प्यार मजबूरी है.!
जीने लिए इक साथ ज़रूरी है.!!

Kaam Zindagi Mein Aur Zaruri Hain.!

Tujh Se Milna Bhi To Zaruri Hai.!!

Sansein Jine Ke Liye Zaruri Hain.!

Pyaar Bin Zindagi Adhoori Hai.!!

Maana Khwahish Kai Zaruri Hain.!

Tujh Se Sab Khwahishe Poori Hain.!!

Pyaar Mein Har Kadum Majboori Hai.!

Pyaar Hai To Imthaan Bhi Zaruri Hai.!!

Na Kehna Husn Ki Magruri Hai.!

Adaaoon Bin Haseena Adhuri Hai.!! 

Yaaro Usse Pyaar Karna Majboori Hai.!

Jeene Ke Liye Ik Saath Zaruri Hai.!!

Incomparable Beauties. !!


तेज़ बारिश हो और जनाब भीग जायें सर से पाँव तक?
यक़ीनन पानी में भी आग लग जाएगी फिर बंदे की बिसात कहाँ?
ग़ज़ल अर्ज़ है:-

अफ ये कम्बख़त बारिश और उस पर आपका हुस्न.!
मदहोश कर रहा बिन पिए आप का बेमिसाल हुस्न.!!

करीने से सजाया-संवारा मालिक ने फ़ुर्सत में शायद.!
कर गया होगा उसे भी गुमरहा आपका हसीन हुस्न.!!

बारिश का मज़ा और भी बढ़ जाता जो भिगो आप.!
छेड़े भीगा बदन आपका और उस पर नशीला हुस्न.!!

बाग-ए-चमन में कलियाँ कई खिलखिलाते फूल भी.!
भंवरे भटक मचल रहे हैं देखा ना पहले ऐसा हुस्न.!!

तसव्वुर में बसे हो आज कल आप ज़िंदगी बन कर.!
दुआ यारों  की रात-दिन हो अपना आपका हुस्न.!!

Last Chance…


ज़िंदगी में हर इंसान से कुछ ना कुछ ग़लती हो ही जाती है!
ज़रूरी नहीं की जो आपने देखा समझा वही सही हो?

जनाब मुहब्बत में यक़ीन ज़रूरी होता गर कहीं शक-शुभा हो
पूछ लेना चाहिए?

ग़लतफ़हमियाँ रिश्ते तोड़ती ही हैं जोड़ती नहीं?

बहुत कुछ था पिछले साल जो तुम्हें,
अच्छा ना लगा हमें अच्छा ना लगा.!

पीछे छोड़ देते सब बातें जो तुम्हें,
अच्छी ना लगी हमें अच्छी ना लगी.!!

नया साल नयी शुरुवत कर लेते हैं,
जो दिल को रास आए मन को भी भाए.!

कहना तुम्हें भी होगा हमें भी,
दिन कैसा है गुज़रा साल कैसा लगा.!!

गर दिल को कोई चोट पहुँचाई है तो,
तुम हमें माफ़ करो हम तुम्हें.!

फिर ना कहना तुमने बात ना की,
अच्छा ना किया दिल को अच्छा ना लगा.!!

 

Bahut Kuch Tha Pichale Saal Jo Tumhein,

Achcha Na Laga Humein Achcha Na Laga.!

Piche Chod Dete Sab Baatein Jo Tumhein,

Achchi Na Lagi Humein Achchi Na Lagi.!!

Naya Saal Nayi Shuruvat Kar Lete Hain,

Jo Dil Ko Raas Aaye Man Ko Bhi Bhaaye.!

Kehna Tumhein Bhi Hoga Humein Bhi,

Din Kaisa Hai Guzara Saal Kaisa Laga.!!

Gar Dil Ko Koyi Chot Pahunchai Hai To,

Tum Humein Maaf Karo Hum Tumhein.!

Phir Na Kehna Tumnein Baat Na Ki,

Achcha Na Kiya Dil Ko Achcha Na Laga.!!

Happy New Year All The Best In 2017 !!


 

दोस्तों को किया कभी दुश्मनों को याद कर लेते तो अच्छा था,
दो कदम प्यार के बढ़ लेते तो अच्छा था.!

कभी संग-संग बिताए लम्हों को याद कर लेते तो अच्छा था,
गुज़री बातें ले गया वो साल कितना अच्छा था.!!

नाम ना लेंगे अब तुम्हारा ये वादा हमार बड़ा सच्चा था,
नादान दिल की नादानी हरदम ये बच्चा था.!

बातें तुम्हारी हैं बड़ी प्यारी क्या करें दिल अभी कच्चा था,
पसंद आए थे और इरादा हमारा पक्का था.!!

सुलझी उमर प्यार करने वाले देखें क्या इंसान सच्चा था,
बिन सोचे-समझे फ़ैसला करना एक धक्का था.!

पहले-पहल खूब बातें होती क्या हुआ दिल हक्का-बक्का था, 
मानो ना मानो पर प्यार हमारा सच्चा था.!!

नये साल की नयी सुबहा में इरादा करो गठबंधन पक्का है,
जो गुज़र गया सोचो वो ही तो फला रास्ता था.!

वक़्त गुज़रे डोली चढ़ आने की सोचो दिल हमारा भी सच्चा है,
सब कुछ पहले सी ही तो अच्छा-अच्छा था.!!

Doston Ko Kiya Kabhi Dushmanon Ko Yaad Kar Lete To Achcha Tha,

Do Kadam Pyaar Ke Badh Lete To Achcha Tha.!

Kabhi Sang-Sang Bitaaye Lamhon Ko Yaad Kar Lete To Achcha Tha,

Guzari Baatein Le Gaya Wo Saal Kitna Achcha Tha.!!

Naam Na Leinge Ab Tumhaara Ye Waada Hamaar Bada Sachcha Tha,

Nadaan Dil Ki Nadani Hardam Ye Bachcha Tha.!

Baatein Tumhari Hain Badi Pyaari Kya Karein Dil Abhi Kachcha Tha,

Pasand Aaye The Aur Iraada Humara Pakka Tha.!!

Sulajhi Umar Pyaar Karne Waale Dekhein Kya Insaan Sachcha Tha,

Bin Soche-Samjhe Faisla Karna Ek Dhakka Tha.!

Pahale – Pahal Khub Baatein Hoti Kya Hua Dil Hakka-Bakka Tha,  

Mano Na Mano Par Pyaar Humara Sachcha Tha.!!

Naye Saal Ki Nayi Subaha Mein  Iraada Karo Gathbandhan Pakka Hai,

Jo Guzar Gaya Socho Wo Hi To Phala Rasta Tha.!

Waqt Guzare Doli Chadh Aane Ki Socho Dil Humara Bhi Sachcha Hai,

Sab Kuch Pahale Si Hi To Achcha-Achcha Tha.!!

Change Your Profile Pic…


आप आयें अपना ब्लॉग बनायें और उस पर एक सोहनी सी पिक लगा दें,
देखने वाले बस उस पिक को ही देख-देख जीते रहें और आहें भर आपके
आने का इंतज़ार करते रहें?जनाब कब आयेंगे बात करेंगे…
क्या बात है जी…
अर्ज़ है:-

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देख-देख तेरी प्रोफाइल पिक सुबहा से शाम रात फिर दिन गुज़र जाता.!
काँधे से ले नाभि तक तुझसे चिपटी बैग की स्ट्रीप देख गुस्सा बहुत आता.!!

काश हाल-ए-दिल समझती तो ऑनलाइन हो रोज़ बातें करने को आती.!
कब समझेगी घर आएगी बिस्तर का तकिया रोज़ सवाल है कर चिढ़ाता.!

कढ़ाइदार नीला कुर्ता उस पर लाल-हरा कार्डिगन तुझ पर भाता बहुत.!
सोशियल साइट्स की हर प्रोफाइल पिक में तेरा पिक अलग नज़र आता.!!

एक तो मिलने नहीं आती उस पर ब्लॉग साइट एक  ही पिक लगा दे.! 
अपने हुस्न का जलवा दिखा क्या रोज़-रोज़ पिक बदलना नहीं सुहाता.!!

माना सुबहा-सवेरे तुझे जल्दी उठना होता पढ़ने-पढ़ाने भी जाना होता.!
बदल ले अपनी दिनचर्या क्या तेरे दिल को’सागर‘पर रहम नहीं है आता.!!

Will Happen.!!


 

अज़ी हजूर हुस्न वाले हैं स्टाइल तो
मारेंगे ही ना?और फिर इंतज़ार उसी
का किया जाता जो इंतज़ार करवाता!
सर्द रातों में वो आयें या ना आयें,
उनकी यादों में एक ग़ज़ल तो लिखी
ही जा सकती है ना?
अर्ज़ है:-

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तेरे  शहर  में  फिर  से आना होगा.!
तेरी रातों की नींद को चुराना होगा.!!

बहुत संभल – संभल कर चलती है.!
तेरे कदमों को डग-मगवाना होगा.!!

कैसे  हो सकता जगा खुद सोती रहे.!
तेरी पलकों में इक़ घर बसाना होगा.!!

कोई  वहम  नहीं  जिसे  पालूं दिल में.!
तुझे हक़ीक़त की दुल्हन बनाना होगा.!!

खवाबों से की दोस्ती बहुत’सागर‘ने.!
तेरे  घर  बारात  ले  अब  आना होगा.!!

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Tere Shahar  Mein  Phir Se Aana Hoga.!

Teri Raton Ki Neend Ko Churana Hoga.!!

Bahut Sambhal-Sambhal Kar Chalti Hai.!

Tere Kadamon Ko  Dag-Magvaana Hoga.!!

Kaise  Ho  Sakta  Jagaa Khud Soti Rahe.!

Teri Palkon Mein Ik Ghar Basana Hoga.!!

Koyi Waham Nahin Jise Paalun Dil Mein.!

Tujhe Haqeeqat Ki Dulhan Banana Hoga.!!

Khawabon Se Ki Dosti Bahut’Sagar‘Ne.!

Tere  Ghar  Barataa  Le  Ab  Aana Hoga.!!

Your Happiness Is My Life…


कोई आप से बात किए बिना खुश रह सकता है
जब आपको इस बात का इल्म हो जाए आपकी
खुशी का ठिकाना नहीं रहता और वो भी वो व्यक्ति
जिसे आप चाहने लगे हैं या चाहते हैं?
शायद इसी का नाम मुहब्बत है??
प्यार खुद के लिए जीने का नाम नहीं है बल्कि दूजे
वास्ते सौचने-त्याग करने उसकी खुशी का ख़याल
रखने का ज़ज़्बा है एक खूबसूरत एहसास है??
यक़ीन नहीं होता ना?
जिस दिन हो जाएगा खुद-बखुद पता चल जाएगा!!
आपकी चाहत खुश रहे यही आपकी एक मात्र ख्वाहिश
होती है!
ग़ज़ल अर्ज़ है:-

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तुझसे वादा किया है दूर होने का,
तेरी शायरी पर कुछ ना बोलने का.!
मतलब ये तो नहीं जान-ए-ग़ज़ल,
मिल गया बहाना तुझे दूर होने का.!!

तेरे नगमों में खुद को पाया है,
तेरे गीतों नें शिद्दत से सरहाया है.!
तेरे दिल से गर गैर होता सनम,
मुकम्मिल होता ना शेर ग़ज़लों का.!!

मेरे दिल नें एक तुझे ही चाहा है,
अपने मन-मंदिर का रब्ब माना है.!
मेरी इबादत को ना अनदेखा कर,
यक़ीन करेगा ना कोई मुहब्बत का.!!

ज़िंदगी वही कट सकती तेरे संग,
दुनियाँ वही जो बस सकती तेरे संग.!
तेरे बिन जीने का अब मज़ा कैसा,
कोई सहारा ना रहा यहाँ’सागर‘का.!!

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Tujhse Wada Kiya Hai Door Hone Ka,

Teri Shayari Par Kuch Na Bolne Ka.!

Matlab Ye To Nahin Jaan-e-Jahaan,

Mil Gaya Bahana Tujhe Door Hone Ka.!!

Tere Nagmon Mein Khud Ko Paaya Hai,

Tere Geeton Ne Shiddat Se Sarhaya Hai.!

Tere  Dil  Se  Gar  Gair  Hota  Sanam,

Mukammil Hota Na Sher Gazalon Ka.!! 

Mere Dil Ne Ek Tujhe Hi Chaaha Hai,

Apne Man-Mandir Ka Rabb Maana Hai.!

Meri Ibaadat Ko Na Andekha Kar,

Yaqeen Karega Na Koyi Muhabbat Ka.!!

Zindagi Wahi Kat Sakti Tere Sang,

Duniyan Wahi Jo Bas Sakti Tere Sang.!

Tere Bin Jeene Ka Ab Maza Kaisa,

Koyi Sahaara Na Raha Yahan’Sagar‘Ka.!!

Always Remember U…


अगर आपका महबूब आपसे खफा हो जाए
तो इससे बेहतर और कुछ नहीं आप उन्हें
एक ग़ज़ल लिख कर सुना दें!
अब मियाँ शायर तो आप को ही बनना
होगा!!
अर्ज़ किया है:-

ऐसा भी क्या कह दिया  जो  मुँह फूला बैठे हो.!
बहाना बना सर्दी का जा लिहाफ़  लिए बैठे हो.!!

यारों से यूँ ज़्यादा जोरा-ज़ोरी अच्छी नहीं होती.!
मैसेज सारे पढ़ते लेपटॉप  हाथों में लिए बैठे हो.!

कब तक तड़पना होगा  बिन बतियाए कहो ना.!
लगता दिल को जैसे  सात  सुमन्दर जा बैठे हो.!!

अब मान भी जाओ ना इतना भी ना सताओ.!
फिर ना कहना दिल बाहर  क्यूँ लगा बैठे हो.!!

रातों को चैन नहीं  और  दिन का क़रार है लुटा.!
सागर‘से क्या खता हुई बिन बताए चुप बैठे हो.!!

Aisa Bhi Kya Keh Diya Jo Munh Phula Baithe Ho.!

Bahaana Bana Sardi Ka Ja Lihaaf  Liye Baithe Ho.!!

Yaaron  Se  Yun  Jyada  Jora – Jori  Achchi  Nahin  Hoti.!

Massage Sare Padhte Laptop Hatho Me Liye Baithe Ho.!! 

Kab Tak Tadpna Hoga Bin Batiyaaye Kaho Naa.!

Lagta Dil Ko Jaise Saat Sumandar Ja Baithe Ho.!!

Ab Maan Bhi Jaao Naa Itna Bhi Naa Sataao.!

Phir Naa Kehna Dil Bahar Kyun  Baithe Ho.!!

Raaton Ko Chain Nahin Aur Din Ka Qaraar Hai Luta.!

‘Sagar’Se Kya Khata uyi Bin Bataaye Chup Baithe Ho.!!

Beauty on Earth…


मिलने आना हो तो वक़्त तय कर के ही आना-जाना चाहिए,
आपकी बिन बताए आने-जाने की आदत से कितना
कष्ट होता है काश इसका इल्म होता?
अर्ज़ है:-

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चुपके से आते हो और चुपके से ही चले जाते,
पटियाले  वालिए कितना इठलाती हो.!
दूर-दूर से कहती कुछ बिन बताए भाग जाती,
करीब आओ तो जाने कितना गर्माती हो.!!

काश छोटे बच्चे होते स्कूल जा फिर से पढ़ते,
सुना  है  स्कूल  में बहुत खूब पढ़ाती हो.!
चर्चे फ़िरोज़बाद में देखा नहीं कोई ऐसा टीचर,
शहर में अपना मुकाम अलग बनाती हो.!!

पीली कुरती उत्ते चिटा कोर्ट शराबी नैना वालिए,
बिखरा खुश्बू जवां भंवरों को तड़पाती हो.!
सागर‘सा ना मिलेगा चाहने वाला ख़याल रखना,
तीखे  नैना  वालिए  क्यूँ सितम ढहाती हो.!!

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One Day…?(On Demand By My Sis)


एक दिन में बहुत कुछ हो सकता / जाता है!
किसी की दुनियाँ बदल सकती है किसी का कुछ?
गज़ल अर्ज़ है:-

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बहुत एहमियत होती एक दिन की ‘सागर’,
एक दिन में क्या से क्या हो जाए.!

किसी को मिले एक दिन में ज़िंदगी’सागर’,
किसी की एक दिन तबाहा हो जाए.!!

वो दिन ही होता जो कोई पैदा होता’सागर’,
धरती पर आ अच्छा-बुरा कर जाए.!

जवानी आती एक दिन हर किसी को’सागर,
जो संजोए-संवारे वो अमर हो जाए.!!

एक दिन उंगली पकड़ चलना सिखाती’सागर’,
वही माँ बाद उंगली को तरस जाए.!

पढ़ा-लिखा पाल-पौस जिसे बड़ा करती’सागर’,
एक दिन से केवल बीवी का हो जाए.!!

एक दिन ही  नज़र  मिलती है किसी से’सागर‘,
जन्म-ओ-जन्म का नाता हो जाए.!

दो  जिस्म  एक  दिन  ही एक  जान  होते’सागर‘,
नयी  उत्पत्ति  का  सर्जन  हो जाए.!!

एक  दिन  सौच  पंक्तियाँ  लिख गया’सागर‘,
नस्लों  को  कुछ उम्मीद हो जाए.!

एक दिन ही होगा जहाँ में जब रहेगा ना’सागर‘,
यादों में चर्चा’सागर‘का हो जाए.!!

चिराग-ए-उलफत.//


ये शेर-ओ-शायरी है तेरे प्यार की नज़र.!
जो किया था कभी तूनें’सागर‘से जी भर.!!

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चिराग उलफत के ना जलाओ.!
अब बेवफ़ाई की आँधियाँ चलती हैं.!!

पाक वफ़ा का ज़माना गया.!
अब वफ़ा महज किताबों में मिलती है.!!

ना कैस ना लैला हीर रांझा.!
होते ही मुहब्बत बिस्तर पर दम तोड़ती है.!!

बुलंद थे कभी महल वफ़ा से.!
मिसालें इबारतें बन दीवारों पर लिखी हैं.!!

बैठा हूँ शम्मा उम्मीद की जलाए.!
देखें कब तक इश्क़ के अंधेरे रहते हैं.!!

किया था इश्क़’सागर‘ने भी कभी.!
यादें शायरी बन काग़ज़ पर बिखरती है.!!

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Chiraag Ulfat Ke Na Jalaao.!

Ab Bewafai Ki Aandjiyan Chalti Hain.!!

Pak Wafa Ka Zamana Gaya.!

Ab Wafa Mahaj Kitabon Mein Milti Hai.!!

Na Kais Na Lailla Heer Ranjha.!

Hote Hi Muhabbat Bistar Par Dam Todti Hai.!!

Buland The Kabhi Mahal Wafa Se.!

Misalein Ibartein Ban Deewaron Par Likhi Hain.!!

Baitha Hun Shamma Ummeed Ki Jalaye.!

Dekhein Kab Tak Ishq Ke Andhere Rahte Hain.!!

Kiya Tha Ishq’Sagar’Ne Bhi Kabhi.!

Yaadein Shayari Ban Kagaz Par Bikhartri Hai.!!

Post

A Beauty From Firozabad…(Dedicated)


कुछ शायरों का क्या है दिल हाथ में लिए फिरते हैं,जहाँ देखा बेपनहां हुस्न फिदा हो गये और लिख दी नज़्म / ग़ज़ल !! शायद दिल बस इसी काम के लिए रखते हैं?
यूँही फ़िरोज़ाबाब की गलियों में घूमते-फिरते
इक हसीन हुस्न दिख गया और ग़ज़ल अर्ज़ हो गयी:-

Dedicated To A Beautiful/Intelligent (Married) Teacher From

Firozabadssemras21

बेरहम बेहया हैं वो,
फिर भी क्यूँ उनसे दोस्ती की है.!
प्यार करने के क़ाबिल नहीं,
ए दिल क्यूँ उनसे मुहब्बत की है.!!

वादा पूरा करते नहीं,
फिर भी आने का कर जाते हैं.!
क्यूँ करता यक़ीन दिल,
क्यूँ आरज़ू उनकी ज़ुस्तज़ू की है.!!

प्यार करने की आदत नहीं,
आँख लड़ी है किसी से पहली बार.!
परेशान हो गया हूँ,
दिल कहता क्यूँ ऐसी दिल्लगी की है.!!

हुस्न-ए-जाना फ़िरोज़ाबाद की,
हसीनों में एक ही हसीन है.!
हसरातों की इन्हां होती नहीं,
क्यूँ’सागर‘उनकी ख्वाहिश की है.!!

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Beraham Behaya Hain Wo,

Phir Bhi Kyun Unse Dosti Ki Hai.!

Pyaar Karne Ke Qaabil Nahin,

Ey Dil Kyun Unse Muhabbat Ki Hai.!!

Waada Poora Karte Nahin,

Phir Bhi Aane Ka Kar Jaate Hain.!

Kyun Karta Yaqeen Dil,

Kyun Aarzoo Unki Zustzoo Ki Hai.!!

Pyaar Karne Ki Aadat Nahin,

Aankh Ladi Hai Kisi Se Pahali Baar.!

Pareshaan Ho Gaya Hoon,

Dil Kehta Kyun Aisi Dillagi Ki Hai.!!

Husn-e-Jaana Firozabad Ki,

Haseenon Mein Ek Hi Haseen Hai.!

Hasraton Ki Inhaan Hoti Nahin,

Kyun ‘Sagar‘ Unki Khwahish Ki Hai.!!3e27712d-9043-4302-aa8a-d4898f2ab058

Note:-

 ” दिल की आरज़ू  है जब  भी वो आयें,
पढ़ कर इठलायें-बलखायें पर नाराज़ ना हों.!
मान कर’सागर‘दीवाने की गुस्ताख़ी,
मुस्कुरायें और माफ़  कर  रब्ब  से सब्ब पायें.!!

 

Posted On Dec 2, 2016 10:21 AM

तेरा गैर संग बात करना गंवारा.!!


भूली-बिसरी यादों के कारवाँ से गुज़रे हुए वक़्त में लिखी एक बेदील के लिए ग़ज़ल अर्ज़ है:-

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तेरा गैर संग बात करना  गंवारा नहीं इस दिल को.!
बस इतना जानता इस धरती पर आई हो मेरे लिए.!!

क्यूँ और इन झुलफो की छाँव तले दिन बसर करे.!
ये  घने  बादलों  की  चादर  बनी  है बस मेरे  लिए.!!

मेरे बिन कभी और की  हो जाएगी मुम्मक़िन नहीं.!
ये ज़िंदगी तो बनी जान- ए- ज़िग्गर बस तेरे लिए.!!

दुप्पटे के कोने  में  मुँह  छिपा  क्यूँ  शरमाती हो.!
ये शर्म-ओ-हया बनी  है क्या बस एक मेरे लिए.!!

दिल की ना हो सकी गैर भी ना होना ख्वाहिश यही.!
तोड़ना ना दिल खुदा ने बक्शा हुस्न ‘सागर‘के लिए.!!

तेरा गैर संग बात करना गंवारा नहीं इस दिल को.!.jpg

Tera Gair Sang Bat Karna Ganwara Nahin Is Dil Ko.!

Bas Itana Jaanta Is Dharti Par Aayi Ho Mere Liye.!!

Kyun Aur In Jhulfo.n Ki Chanw Tale Din Basar Kare.!

Ye Ghane Badlon Ki Chadar Bani Hai Bas Mere Liye.!!

Mere Bin Kabhi Aur Ki Ho Jaayegi Mummqin Nahin.!

Ye Zindgi To Bani Hai Jaan-e-Jiggar Bas Tere Liye.!!

Duppate Ke Kone Mein Munh Chipa Kyun Shrmati Ho.!

Ye  Sharm -o- Haya  Bani  Hai  Kya  Bas Ek Mere Liye.!!

Dil Ki Na Ho Saki Gair Bhi Na Hona Khwahish Yahi.!

Todna Na Dil  Khuda Ne Baksha Husn’Sagar‘Ke Liye.!! 

Written By Me On Jan 6, 2016 6:00 AM

Feel Good…


आपका करीब रहना दिल को अच्छा लगता है.!
फिर और किसी की ज़रूरत नहीं समझता है.!!

लोग कहते हैं आपसे मिल ख़ुदग़र्ज़  हो गया हूँ.!
कैसे बताऊँ आपके सिवा और नहीं दिखता है.!!

दिल है किसी से मुहब्बत  तो ज़रूर करेगा ना.!
आप को  चाहा  है  क्या अच्छा नहीं लगता है.!!

आप बिन जीने की तमन्ना कैसे अकरे दिल.!
आप हैं  तभी  तो सीने का दिल धड़कता है.!!

दर्द क्या है अब किसको खबर यहाँ पर’सागर‘.!
दवा का काफिला  तो  आप  के साथ चलता है.!!

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बेवफा……….!!


एक दिन तेरी आँखों से भी नींद उड़ जाएगी.!
जब सनम तुझे भी मुहब्बत कहीं हो जाएगी.!!
तडपेगी  रात-दिन चैन कहीं  भी ना पाएगी.!
देखेगी आईना  सूरत में आशिक़ को पाएगी.!!
तकिये को हमराह समझ  बाहों में भर लेगी.!
तन्हा जब  होगी  खुद से खुद ही शरमाएगी.!!
थी कितनी  मुहब्बत तुझसे या था बेवफा मैं.!
देखेगी उजड़े  घर  को खुद ही समझ जाएगी.!!

Ek  din teri aankhon se bhi neend ud jaayegi.!
Jab Sanam tujhe bhi Muhabbat Kahin ho jaayegi.!!
Tadpegi raat-din  chain  kahin bhi na paayegi.!
Dekhegi  aaina  Surat mein  Aashiq ko paayegi.!!
Takiye ko Hamrah samajh bahon  mein bhar legi.!
Tanha  jab  hogi  khud  se khud hi sharmayegi.!!
Thi kitani muhabbat tujhse ya tha bewafa main.!
Dekhegi ujde  ghar ko  khud hi samajh jaayegi.!!

Dil Se…


इक ग़ज़ल किसी ख़ास के नाम,
जो रोशन है सितारों में,
चमकती चाँदनी की तरह.!

कौन है किस पर है,
इस पर ना जाइए,
बस दिल की लगी का,
मज़ा उठाइए.!! 

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वैसे भी घर जला जब-जब किसी किसी का
दुनियाँ ने है लुत्फ़ उठाया’सागर‘.!
आखों में आँसू तो भरे और होंठों पर आह,
तन्हाई मिलते ही ठहाका लगाया.!!

अर्ज़ है:-

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तुझ  से  बिछड़  कभी  भी  एक  पल चैन से  रह  पाया ना मैं.!
ये   और  है  बात   हर  पल   तेरे   सामने  मुस्कुराया  हूँ मैं.!!

इक  तू  ही  थी  जिस  संग  बात करी दिल खोल कर हरदम.!
तेरे  बाद  सिर्फ़  काग़ज़  पर  ग़ज़ल  बन  सिमट आया हूँ मैं.!!

कभी  तूने  कहा  था  अब  ना  कभी  बोलूँगी  तुझ  संग मैं.!
उस   पल  से   ही   हसीन  दुनियाँ  से  लौट  आया   हूँ मैं.!!

तेरा  शहर  तेरा  वजूद  तुझ   को   ही  मुबारक़  हो  सनम.!
तेरे  नाम   की  दुआ  मंदिर  –  मस्ज़िद  माँग  आया  हूँ मैं.!!

सागर‘ को  भुला  पाना  गर  मुमक़िन  तो ज़रूर भुला लेना.!
अब  सब  कुछ  तेरे  हाल – ए – दिल  पर  छोड़ आया हूँ मैं.!!

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Tujh Se Bichad Kabhi Bhi Ek Pal Chain Se Reh Paya Na Main.!

Ye Aur Baat Hai Har Pal Tere Samne Muskuraya Hun Main.!! 

Ik Tu  Hi Thi  Jis Sang  Baat  Kari Dil  Khol  Kar Hardum.!

Tere Bad Sirf Kagaz Par Gazal Ban Simat Aaya Hun Main.!!

Kabhi Tune Kaha Tha Ab Na Kabhi Bolungi Tujh Sng Main.!

Us Pal Se Hi Haseen Duniyaan Se Laut Aaya Hun Main.!!

Tera Shahar Tera Wajood Tujh Ko Hi Mubaraq Ho Sanam.!

Tere Naam Ki Dua Mandir-Maszid Maang Aaya Hun Main.!!

Sagar‘Ko Bhula Paana Gar Mumqin To Zarur Bhula Lena.!

Ab Sab Kuch Tere Haal-e-Dil Par Chod Aaya Hun Main.!! 

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