Pyaar ka Sagar…


Maan ne kaha tha beta beshq lad lena kisi se par sada naraz na hona.!

Zindagi kuch lamhon 8ki dastan hi hai ise yun hi bekaar na karna.!!

Tum roothi raho tumhari zindagi hai jaisa chaho apne ilam ki suno.!

Hum bandishon mein bandhe kiye wadon se kaise inkar katein.!!

Teri khta nahin jawan sanson mein sochne ki taqt km hi hua karti.!

Fursat mile sochna jahan se kya paaya kya khoya kisse taqrar karein.!!

“Sagar”beshq onchi parwaz se parwat chuye par kinare todta nahin.!

Ik baar milti zindagi kyun na dushmon se bhi doston sa pyaar karein.!! 

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Tera Naam Lena Chod Diya.!!


पहले तेरे नाम से कुछ लिख-बोल लिया करता था,
तूने अपने यारों संग मिल साज़िश की और बदनाम सरे आम किया.!

क्या समझे खौफ कह मुहब्बत करना छोड़ दूंगा,
प्यार किया चोरी नहीं दिल में तेरी तस्वीर बसी नाम लेना छोड़ दिया.!!

wafa

Pahale tere naam se kuch likh-bol liya karta tha,

Tune apne yaaron sang mil saazish ki aur mujhe badnaam sare aam kiya.! 

Kya samjhe khauf kha muhabbat karni chod dunga,

Pyaar kiya chori nahin dil mein teri tasweer basi tera naam lena chod diya.!!

Ehasas…


मेरी छोटी-सी दुनियां में तेरा मुस्कुरा के आना तड़पा चले जाना.!
जीवन में खुशियों का एहसास कराता जीने का नया अंदाज़ सिखाता.!!

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Meri choti si duniyan mein tera muskura ke aana tadpa chale jaana.!

Jiwan mein khushiyon ka ehasas karata jine ka nya andaaz sikhata.!!

Adaa…


 

रुख पर नक़ाब डाल अब वो मिलते हैं,
जिन्हें चेहरा दिखाने से परहेज़ न था.!

हुसन की यही अदा है घायल करने की,
वरना वक़्त कभी भी इतना खराब न था.!!

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Rukh par naqab daal ab wo milte hain,

Jinhein chehara dikhane se parhez na tha.!

Husn ki yahi to ada hai ghayal karne ki,

Warna waqt kabhi bhi itna kharab na tha.!!

Amazing Life…


ज़िन्दगी  की  दौड़ में अकेला ही रहा.!
लोग मिलते रहे बिछड़ जाने के लिए.!!

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Zindagi ki daud mein akela hi raha.!

Log milte rahe bichad jaane ke liye.!!

Only for U…


Teri muhabbat mein  gar nazakat hai to meri bagaawat dekh.!

Teri gali guzrta tere nagmein sunta par naam lena chod diya.!!

 

ज़िन्दगी में अपने मसले खुद सुलझाने की कोशिश करनी
चाहिए…
तीसरा-चौथा व्यक्ति बात बनाता कम बिगाड़ता ज्यादा है,
क्यूंकि वो सिर्फ आप की तरफ से बात रखेगा फैसला
आपकेहक़ में ही लेना पसंद करेगा ? वो केवल आपको
ही जानता है?इसमें उसकी कोई गलती नहीं होती…
अपने मसाइल खुद हल करते तो अच्छा रहता…
अर्ज़ किया है:-

माना हम गुनहगार हैं आपकी नज़रों में,
कोई कसर आपने भी तो कम न की हमें रुस्वा करने की.!
भुला सको तो भुला देना कौन रोकता है,
हमनें तो हर सुबह रब्ब से दुआ की बस आपके नाम की.!!

 

अफ़सोस नहीं क्यों इलज़ाम लगाए,
गम इस बात का क्यों अपने मसाइल पर खुद बात ना की.!
दुनियां ने कब हैं सुलझाए मामलात,
रिश्तों को तोडा और दिलों में बस नफरत की शुरुवात की.!!

 

दर्द गर वहां है तो यहाँ कुछ कम नहीं,
और बात तुम ने कभी हवाओं में सिसकियाँ न महसूस की.!
सागर” की लहरों से कभी पूछ लेते,
क्यों इतनी हलचल-तड़प है और परेशानी है किस बात की.!!

bharat

Watan…


ज़िन्दगी इतनी नाचीज़ नहीं किसी के क़दमों में डाल दो.!
वतन खातिर जियो और वतन खातिर ही अपनी जान दो.!!

Zindagi itni nachiz nahin kisi ke kadamon mein daal do.!

Watan khatir jiyo aur Watan khatir hi apni jaan do.!!

Dhokha…


Gairon se shiqwa kis baat ka yaaro.!

Yahan Apnon se dhokha khaye hain.!!

Imtehan…


Wada karke na aana koyi aap se seekhe,

Zustxu mein tadpana aap ki ada hai.!

Koyi tadpata hai to tadpe aap ki bala se,

Ulfat mein aajmana hi muhabbat hai.!!

 

Do Haath


Bhula sako to zarur bhula dena,

Dil mein saji murat ko hta dena.!

Uthate zanaze ko sakun mil jaayega,

Do haath tum bhi aa laga dena.!!

Don’t be…Heartless??


Today I’m free & very happy I don’t know why?

One thought for You…

ज़िन्दगी में मोहम्मद गोरी के वंशज न बनिए ? दिल में रहम और माफी की गुंजाईश रखिये पृथ्वीराज चौहान की तरह…

ऐसा कोई काम न करिये के पीडियों को भी खुद पर शर्म आये?”

वक़्त-ए-गर्दिश में भी चिराग-ए-उल्फत जलाये रखना.!
कहीं ऐसा नो हो लम्हों की ख़ता सदियों तक सजा दे.!!

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Waqt-e-gardish mein bhi chirag-e’ulfat jalaye rakhna.!  

Kahin aisa na ho lamhon ki khta sadiyon tak saza de.!!

मेरे देश में है कितनी आज़ादी.!!


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सुनता देखता वहां बोलने की क्या सजा मिली.!
सोचता हूँ मेरे देश में है कितनी आज़ादी.!!

जब चाहो किसी को दो गाली किसी को ताली.!
दुनियां में कहाँ-कहाँ मिली इतनी आज़ादी.!!

फिरंगी साज़िशों का न शिकार बनो नौजवानों.!
इस देश से बेहतर कहीं न होगी हरयाली.!!

कई माँओं की कोख उझडी कई भाई-सुहाग.!
खून बहाया शहीदों ने तब पाई आज़ादी.!!

जायँ न करो अपने हुनर की ताकतों को तुम.!
कंधे से कन्धा मिलाएं देखें फिर खुशहाली.!!

जात-पात-धर्म से ऊपर उठ कर देखो यारो.!
बाद पछताओगे होगी हर और बर्बादी.!!

I’m Still Happy…


मुझे नज़र  अंदाज़  करना  है कर कोई बात नहीं,
मुझे  तो कोई  और  मिल  जाएगा.!

ज़रा अपनी सोच कौन थामेगा तेरा अब हाथ और,
सफर तेरा कैसे तन्हा कट पायेगा.!!

priytam

Mujhe nazaranaz karna hai kar koyi baat nahin,

Mujhe to koyi na koyi mil jaayega.!

Zara apni soch kaun thamega tera ab hath aur,

Safar tera kaise tnha kat paayega.!!

Pareshan Dil…


Ik sher sunata hun tujhe aaye pasand to daad dena!

Nahin to kuda samajh dil par boz thoda chadha lena.!!

Arz kiya hai:-

Kyun luka-chipi karti mujhse,

Muhabbat hai to aa milne.!

Yun kya kam pareshan hai dil,

Chali aur pareshan karne.!!

यक़ीन.!!


कौन कहता है हम से रोज़ आ बतियाया करो,
चाँद डूबने से पहले मिल जाया करो.!

बेवफा बेशक तुम्हें ज़माना कहे हम न कहेंगे,
इतना”सागर“पे यक़ीन दिखाया करो.!!

Modern World

Kaun kahta hai hum se roz aa batiyaya karo,

Chaand doobne se pahale mil jaya karo.!

Bewafa beshq tumhein zamana kahe hum na kaheinge,

Itna “Sagar” pe yaqeen dikhaaya karo.!!

तेरा सिवा बहुत कुछ है.!!


तेरे इश्क़ से घायल हूँ इतना भी नहीं के मर जाऊं.!
जहाँ  में  और  बहुत  कुछ  है अभी जीने के लिए.!!

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Tere ishq se ghayal hun itna bhi nahin ke mar jaun.!
Jahan  mein  aur  bahut kuch hai abhi jeene ke liye.!!

Kya yahi etabar hai


तू ही मेरे मन का मीत तू ही मेरा चैन,
बेक़रार सी रहती हूँ जब तल्क़ तुझे न देखती हूँ.!
कुछ तो तरस खा मेरी हालत पर तू बेदर्दी,
क्या बिस्तर पड़ी सिलवटों तक ही अच्छी लगती हूँ.!!

Young woman asleep in bed

Young woman asleep in bed

Tu hi mere man ka meet tu hi mera chain,

Beqraar si rahti hun jab talq tujhe na dekhti hun.!

Kuch to tars kha meri halat par tu bedardi,

Kya bistar padi silwton tak hi achchi lgti hun.!!

Behaya…


क्या है तेरे पास कुछ और मुझे देने को,
तू भी तो औरों जैसी ही है.!
बेवफा बेगैरत तेरे पास क़त्ल करने बाद,
हंसने बेहयाई भी है.!!

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Kya hai tere paas kuch aur mujhe dene ko,

Tu bhi to auron jaisi hi hai.!

Bewafa beraham tere paas qatl krne baad,

Hansane ki behayai bhi hai.!!

Life…Morning Msg…


 

ज़िन्दगी कुछ दिनों की मेहमाँ है,
मेहमाँ कब रुकते.!
कुछ सुख-दुःख देगी और फिर,
चली ही जायेगी.!!

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Zindagi kuch dinon ki mehmaan,

Mehmaan kab rukte.!

Kuch sukh-dukh degi aur phir,

Chali hi jaayegi.!!

 

 

Bebas Insaan…


आदमी चाहे भी तो अपने मुक़द्दर को बदल सकता नहीं,
अपने हाथों की लकीरों में मनचाहा नाम लिख सकता नहीं.!
कितनी भी कोशिश करे होता वही जो रब्ब ने चाहा है,
ज़िन्दगी ले सकता मगर किसी को ज़िन्दगी दे सकता नहीं.!!

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Aadmi chahe bhi to apne muqaddr ko badal sakta nahin,

Apne hathon ki lakiron mein manchaha naam likh sakta nahin.!

Kitani bhi koshish kare hota wahi jo Rabn ne chaha hai,

Zindagi le sakta magar kisi ko  zindagi de sakta nahin.!!

Mom I Miss You…I’m Alone…


Maan ne kaha tha Beta kabhi bhi kisi ka dil na dukhana,

Jaisa samjhaya tha tah Umar waisa hi kiya.!

Jiwan mein Waqt kaisa bhi rahe Maan ki baat na bhuliye,

Suna hai  Maan ki Dua se Zannt naseeb hoti.!!

 

Why You Not…


Beshaq humse tum wafa na karte,

Chahe pyaar bhi na karte,

Ek baar aazma to lete dil diya hai,

Maangte to jaan bhi de dete.!!

Tasweer…


Meri sanson mein un ki mahak samai hai,

Khushboo unki hawaon mein ghul aai hai.!

Log puchane lge surmuyi aankhon ki wajah,

Tasweer unki nigahon mein jab se pai hai.!!

😅😅

Maybe…


Dard seene mein is qaddar utha hai lgta jaan lekar jaayega.!

Maalik shayad isi tarha se yaad un ki dil se mitwa paayega.!!

Ego Problem…


न Good Morning न Good Evening न Good Night-Sweet Dreams,
फिर ऊपर से उम्मीद के उन से पहले हम बात भी करें.!

जनाब माना मुहब्बत में तक्कलुफ़ की कोई ज़रूरत नहीं,
पर फिर भी बिन बुलाये मेहमान की तरह बात कैसे करें.!!

sry

Na Good Morning Na Good Evening Na Good Night-Sweet Dreams,

Phir Opar Se Ummeed Ke Unse Pahale Hum Baat Bhi Karein.!

Janab Maana Muhabbat Mein Takkaluf Ki Koyi Zarurat Nahin Hoti,

Par Phir Bhi Bin Bulaye Mehman Ki Tarah Baat Kaise Karein.!!

ज़रा सोच…!!


तुझ से मुहब्बत न होती तो ज़रा सोच,
तेरे पीछे-पीछे घर तक क्यों मैं आता,
तेरी मम्मी के जुटे-चप्पल क्यों खाता,
वो जो काला सांड-सा कुत्ता पाल रखा है,
तेरे डैडी ने पीछे छोड़ भाग कटवाया है…

ज़रा सोच…

साला बनाने की चाह कई जतन किये,
तेरे भाई को उसकी गर्ल-फ्रेंड से मिलवाया,
और गर्ल-फ्रेंड के पापा ने भी पिट लिए हैं,
बड़ा मंहगा पड़ा है सौदा तेरी उल्फत का,
जिसने चाहा धो-धो थपकी से धुलाया है…

ज़रा सोच…

कहीं दाल न गली तेरी बहन से जा मिले,
पास बिठाया और दिल के टुकड़े खोल दिए,
हाल-ए-दिल सारा जान वो मंद-मंद मुस्काई,
बोली हमें देखो हमरी बहना से बेहतर मलाई,
अरे बेवकूफ तूने हमसे क्यों न आँख लड़ाई…

ज़रा सोच…

तरस खा मुझ पर कर मुहब्बत तू मुझ से,
ज़िन्दगी न कटे तेरे बगैर कसम है दिल से,
और का न हो जाऊं मुझसे पहले आ मिल,
माँ ने दिया है अल्टीमेटम खफा है मुझ से,
देख लेना वो एक दिन दूर करेगी तुझ से…

ज़रा सोच…

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Yun Dosti Na Kar…


मुझ को इतनी मुहब्बत न दे दोस्त तेरे बिन रह न सकूँ.!
बिछड़ जाए गर कभी मुझ से एक लम्हा भी जी न सकूँ.!!

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Mujh Ko Itni Muhabbat Na De Dost Tere Bin Reh Na Sakun.!

Bichad Jaaye Gar Kabhi Mujh Se Ek Lamha Bhi Ji Na Sakun.!!

Bewafa…


ज़िन्दगी इतनी खूबसूरत नहीं जितना दिख बैठी है.!
जानता हूँ बेवफा है  मेहबूब कभी नहीं बन सकती.!!

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Zindgai  itani  khubsurat  nahin  jitna  dikh  baithi  hai.!

Jaanta hun bewafa hai mehboob kabhi nahin ban sakti.!!

“तू भी खुश मैं भी खुश”


तू भी खुश मैं भी खुश

वहां तूने नया साथी ढून्ढ लिया और यहाँ मैंने भी.!
देख बेवफा हो गये हैं अब जहाँ में हम दोनों भी.!!

कल तक तू तरसती दीदार को मैं जागता रातों.!
गुज़र गया वो वक़्त पुराना   भूली सारी बातें भी.!!

हो सकता कोई  गिला तुझे यहाँ शिकायत नहीं.!
कुछ नहीं है घाटा – साटा दुनियां हसीं अभी भी.!!

क्या फायदा रोज़ झगड़े रुस्वा करें एक-दूजे को.!
अलग हुए अच्छा ही हुआ निपटे सारे झगड़े भी.!!

ज़िन्दगी इक बार मिलती कहाँ मिले फिर दोबारा.!
मैं भी खुश तू भी खुश  खुश अब  सारी दुनियां भी.!

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Wahan tune nya sathi dhoond liya aur yahan maine bhi.!
Dekh bewafa ho gaye hain ab jahan mein hum dono bhi.!!

Kal tak  tu  tarsti  deedar  ko main jaagta raaton.!
Guzar gya wo waqt purana bhuli sari batein bhi.!!

Ho  sakta  koyi gila  tujhe  yahan  shiqaayat  nahin.!
Kuch nahin hai ghata sata duniyan hansi abhi bhi.!!

Kya  fayda  roz  jhagde ruswa  karein ek duje ko.!

Alag huye achcha hi  hua nipate sare jhagde bhi.!!

Zindagi    ik    baar    milti    kahaan   mile   phir   dobara.!

Main bhi khush tu bhi khush khush ab sari duniyan bhi.!!

धीरज


  1. प्रस्तुत ग़ज़ल अपने एक साथी ब्लॉगर के दिए
    गए टाइटल “धीरज” पर लिखी है…

ग़ज़ल कैसी लगी अपने विचार दीजियेगा…
आपका कोई”Topic“लिखने की नई प्रेरणा देता है…
आप भी”Topicदे सकते हैं…

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कष्ट जीवन में बेशक कितने भी क्यों न आएं.!
मंजिल वही पाते जो धीरज से सफर हैं करते.!!

फूलों को पाना है तो काँटों से गुज़रना होगा.!
सड़क पर आशिक यूँ तो बेशुमार हैं मिलते.!!

जवां दिल के जवां अरमाँ को न जगा यारा.!
दो अलग दिशा के तार आपस में न जुड़ते.!!

मर्जी की कर ज़िन्दगी बार-बार नहीं मिलती.!
अपना बनाने को वादा कर बाद वादा तोड़ते.!!

ज़रा भी धीरज न रख सके और जा सो गए.!
रात जाग”सागर“उन के ख्यालों को लिखते.!!

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