आ जाए कभी जो याद


आ  जाए  कभी  जो  याद ‘सागर‘ की  तो  हाल  पूछ  लेना.!
जिस्म  जहां  बेशक  रूह   फ़िरोज़ाबाद   में  ही  रहती  है.!!
वैसे  बताने   को   इतना  ही   काफी  बीमार  हूँ  लाचार  हूँ.!
सांसें  साथ  छोड़ने  को  पर  इक  उम्मीद  लगी  रहती  है.!!

Happy Rose Day To All Of You…


जैसे फूलों में खूबसूरत फूल है बस गुलाब का.!
वैसे ही दुनियां में हसीं हुस्न है हमारे जनाब का.!!

rose

Jaise Phoolon Mein Khubsurat Phool Hai Bas Gulaab Ka.!

Waise Hi Duniyan Mein Haseen Husn Hai Humare Janab Ka.!!

दुनियाँ पहले कभी किसी के लिए रुकी है??


आप कहाँ है और किस हाल में हैं
यहाँ किसी को नहीं फिक्कर !
दुनियाँ ना पहले कभी किसी के लिए
रुकी-थमी है ना अब रुकेगी ?
वैसे भी आम इंसान की फिक्कर ही
किसे है ?
हो सकता है कोई लाचार हो बीमार हो
या फिर मौत से लड़ कर आया हो
और अब भी पूरी तरह से ठीक ना हो
आप हैं कि सोचते हों बन्दा भला-चंगा है
आप से यूँही बिन बात ना बतिया रहा है ?

अर्ज़ किया है:-

 

छुप  गया  हूँ  किधर,
कहाँ और क्यूँ – कैसे,
इक बार आकर तो पूछते.!

ज़िंदगी इतनी सस्ती नहीं,
कि अपने भुलाए जायें,
साथी यूँ ऐसे नहीं रूठते.!!

Chup Gaya Hun Kidhar,

Kahan Aur Kyun-Kaise,

Ik Baar Aa Kar To Poochate.!

Zindagi Itni Sasti Nahin,

Ki Apne Bhulaye Jayein,

Sathi Yun Aise Nahin Ruthate.!!

Good Bye…


Chahat Zara Bhi Na Thi Aap Se Door Hone Ki,

Magar Kya Karein Aap Ruthe Duniyan Ruthi.!

Ab Koyi Maksad Na Raha Na Koyi Dili Hasrat,

Yahan Likhne Ki Jeene Ki Har Aas Hai Tooti.!!

 

Why…?


कभी होते थे जिनकी आँखों के तारे,
आज वही आँखें चुराए  हुए  बैठे हैं.!
दो – चार  दिनों  में  ही  हुए  पराये,
बिन कसूर बता मुंह चढ़ाये बैठे हैं.!!

 

Kabhi Hote The Jinki Aankhon Ke Tare,

Aaj Wahi Aankhein Churaye Huye Baithe Hain.!

Do-Chaar Dinon Mein Hi Huye Paraye,

Bin Kasoor Bata Munh Chadhaye Baithe Hain.!!

रन्झ.!!


पंजाबी दी खुश्बू अलग ही दिखदि!
दिल इच आशिक होये होर महबूब दी उड़िकान
शायरी दा मज़ा ही होर हो जौंदा!
अर्ज़ कित्त जी:-

शिक़वा ना शिक़ायत मितरां नाल,
 रन्झ थोडा हेगा तक़दीर नाल.!

हाथ ते लकीरान वानाईयाँ रब्ब ने,
जोड़ियाँ पर ना किस्मत नाल.!!

Shiqwa Na Shiqayat Mitran Naal,

Ranjh Thoda Hega Taqdeer Naal.!

Hath Te Lakiran Vanaiyan Rabb Ne,

Jodiyaan  Pa r Naa  Kismat  Naal.!!

तेरे बिन.!!


गर ज़िंदगी में आना ही ना था तो मिले ही क्यूँ थे.!
तेरे बिन पहले भी जीते थे आगे भी जी लेते हम.!!

Gar Zindagi Mein Aana Hi Na Thas Mile Hi Kyun The.!

Tere Bin Pahale Bhi Jeete The Aage Bhi Jee Lete Hum.!!

Final Verdict…


Once You Lost Me,

You Lost Me Forever.!!

But My Love Is True,

I Love You Forever.!!

That’s Final…आखरी ख्वाहिश.!!


जान जाए बहन-भाई से पहले और अपनों से.!
मौत आए जब कभी सामने हों सब अपनों के.!!

 

दूरियाँ स्थानों शहरों या देशों की हो सकती हैं.!
परन्तू अगर दिलों में प्यार हो हर दूरी कम है.!!

 

यही पहली वा आख़िर दिली इलतज़ा रब्ब से है.!
जान जाए उनके सामने जो हमें प्यार करते हैं.!!

 

ईश्वर ने बहुत कुछ दिया अब कोई हसरत नहीं है.!
दुख इस बात का ज़रूर माँ-बाप को क्यूँ छीना है.!!

 

दिल ने जिसे भी देखा मिला चाहा अपना हुआ है.!
मालिक ज़मीन भेज बन्दे का ख़याल भी रखता है.!!

 

ख्वाहिशों और इच्छा की इंसान पास कमी नहीं है.!
यहाँ ऐसी किस्मत पाई शिक़वा-शिक़ायत नहीं है.!!

Oh!God Please Solve This Problem…


ज़मीन का चाँद फल्क के चाँद से मिलने चला.!
दोनो खूब मालिक मुहब्बत किससे करूँ भला.!!

Zamin Ka Chaand Falk Ke Chaand Se Milne Chla.!

Dono Khub Maalik Muhabbat Kisse Karun Bhala.!!

Old Memories Never Die…


ज़िंदगी गुज़रे लम्हों और यादों को सॅंजो के रखने का नाम है!
आपकी ज़िंदगी में कभी ना कभी कुछ या बहुत से हसीन पल
यक़ीनन गुज़रे होते हैं?आप अक्सर उन्हें याद कर कहीं खो
जाते हैं,वैसे ही यादों के झरोखों से कुछ लम्हें याद कर एक
ग़ज़ल बन पड़ी है:-

काम ज़िंदगी में और ज़रूरी हैं.!
तुझसे मिलना भी तो ज़रूरी है.!

साँसे जीने के लिए ज़रूरी हैं.!
प्यार बिन ज़िंदगी अधूरी है.!!

माना ख्वाहिशें कई ज़रूरी हैं.!
तुझ से सब ख्वाहिशें पूरी हैं.!!

प्यार में हर कदम मजबूरी है.!
प्यार है तो इम्तहान ज़रूरी है.!!

ना कहना हुस्न की मगरूरी है.!
अदाओं बिना हसीना अधूरी है.!!

यारो  उससे प्यार मजबूरी है.!
जीने लिए इक साथ ज़रूरी है.!!

Kaam Zindagi Mein Aur Zaruri Hain.!

Tujh Se Milna Bhi To Zaruri Hai.!!

Sansein Jine Ke Liye Zaruri Hain.!

Pyaar Bin Zindagi Adhoori Hai.!!

Maana Khwahish Kai Zaruri Hain.!

Tujh Se Sab Khwahishe Poori Hain.!!

Pyaar Mein Har Kadum Majboori Hai.!

Pyaar Hai To Imthaan Bhi Zaruri Hai.!!

Na Kehna Husn Ki Magruri Hai.!

Adaaoon Bin Haseena Adhuri Hai.!! 

Yaaro Usse Pyaar Karna Majboori Hai.!

Jeene Ke Liye Ik Saath Zaruri Hai.!!

Incomparable Beauties. !!


तेज़ बारिश हो और जनाब भीग जायें सर से पाँव तक?
यक़ीनन पानी में भी आग लग जाएगी फिर बंदे की बिसात कहाँ?
ग़ज़ल अर्ज़ है:-

अफ ये कम्बख़त बारिश और उस पर आपका हुस्न.!
मदहोश कर रहा बिन पिए आप का बेमिसाल हुस्न.!!

करीने से सजाया-संवारा मालिक ने फ़ुर्सत में शायद.!
कर गया होगा उसे भी गुमरहा आपका हसीन हुस्न.!!

बारिश का मज़ा और भी बढ़ जाता जो भिगो आप.!
छेड़े भीगा बदन आपका और उस पर नशीला हुस्न.!!

बाग-ए-चमन में कलियाँ कई खिलखिलाते फूल भी.!
भंवरे भटक मचल रहे हैं देखा ना पहले ऐसा हुस्न.!!

तसव्वुर में बसे हो आज कल आप ज़िंदगी बन कर.!
दुआ यारों  की रात-दिन हो अपना आपका हुस्न.!!

My Attitude…


जीवन में कभी ऐसा लगे कि कोई अनदेखा कर रहा है,
उसे उसके हाल पर ही छोड़ना बेहतर!!
शायद वो आपको समझ ना पाया हो अथवा आप उसे?
क्या फ़ायदा बात बढ़ाकर?
ज़िंदगी एक के पीछे वीरान होने का नाम नहीं है?
आगे बढ़िए और ऐसे काम कर जाइए कि मुँह फेरने वाला
अपने निर्णय पर पछताए!!
अर्ज़ है:-

दिल कहता जो हम लिखते रहे,
लोग समझते हम शायर हो गये.!
दिल लगा लीजिए देखिए फिर,
हम  से कितने बेहतर हो गये.!!

 

Dil Kahta Jo Hum Likhte Rahe,

Log Samjhte Hum Shayar Ho Gaye.!

Dil Laga Lijiye Dekhiye Phir,

Hum  Se Kitne Behtar Ho Gaye.!

गर्व है हिन्दुस्तानी होने और हिन्दी भाषा पर.!!


नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें.!!

कारवाँ ज़िंदगी का यूँ ही बढ़ता रहे,
ज्योत उम्मीद की रोशन रहे.!
हम रहे ना रहे अगले बरस भी,
आप सदैव यूँ मुस्कुराते रहें.!!

हिन्दी देश में हिन्दी का सम्मान देखिए.!
इंग्लीश डे 364  हिन्दी दिवस मात्र एक.!!

दर्द जब दिल की बर्दाश से बाहर हो जाता है,
शब्द बन बाहर आता है,क्रोधित और अशांत मन से !

इसे दुर्भाग्य कहें या गुलामी की आदत
देश आज़ाद होने के लगभग ७० वर्षों बाद भी
अपनी भाषा अपना नहीं पाए?
हिन्दी बोले-लिखने वाले हीन नज़र से देखे जाते हैं ?”

क्यूँ?

एक सज्जन के रहे थे”आई लव हिन्दी
काश वो बोलते-लिखते”हमें हिन्दी से प्रेम है

कैसी विडंबना है यहाँ पैदा होते ही बच्चा जो शब्द सीखता है वो है

अक्सर हिन्दुस्तानी पवित्र प्रेम की दुहाई देने वाले भी अपने
माशूक-माशूका (प्रेमी-प्रेमिका) को कहते सुने जाते हैं :
आई लव यू
साहेब अब तो प्यार भी अँग्रेज़ हो चला है?

काश कहते:
तुमसे प्रेम है
(समझते हैं अटपट्ता लगा होगा?)

चाइनीस चाइना वाले,स्पेनिश स्पेन वाले रूसी रूस वाले
कोरियन कोरिया वाले आदि-आदि
बोल-लिख स्पेस तक जा सकते हैं तो
हिन्दुस्तानी हिन्दी अपना क्यूँ नहीं?

सन् १९८४ में स्पेस जाने वास्ते रूसी हमारे अंतरिक्ष यात्री को सीखनी पड़ी थी !
इंग्लीश की ज़रूरत ना थी?यानि इंग्लीश बिना भी स्पेस
जाया जा सकता है !!

हर किसी की भाषा अच्छी है मानते हैं !
परंतु हिन्दी भी कुछ कम नहीं?

फिर क्यूँ शर्म आती है बोलते-लिखते?
इंग्लीश ग्लोबल (सर्वसम्म्त भाषा)है किंतु इससे हिन्दी का
प्रभाव कम तो नहीं हो जाता?

अपनी अपनी समझ है आपनी-अपनी सौच परंतु दिल कहता है

अपनी भाषा बोलने-लिखने से अपने राष्ट्र की पहचान बनती है

जनाब जिसे करनी करनी है जिससे मुहब्बत करिए कौन रोकता है.!
यहाँ तो गर्व है अपने वतन हिंदुसतनी होने अपनी हिन्दी भाषा पर.!!

गम नहीं है इस बात का अपनाया ना सबने !
दुःख है धोखा दिया जिन पर दावा था अपना होने का !!

From The Voice Of Heart…


कुछ लोग भावनाओं की कद्दर नहीं करते शायद खुद में जीना पसंद करते होंगे?
या उनकी कोई और वजह हो सकती है!
पर यहाँ ये मानना है जिस दिल में ज़ज़्बात नहीं वो दिल दिल नहीं!!
ठीक वैसे ही है जैसे की कोई कल-पुर्जों से सज़ा जिस्म??

ज़िंदा लाश बनने से बेहतर है ज़िंदा दिल बनिये्अर किसी को अपनी और से इज़्ज़त
मान-सम्मान और प्रेम दीजिए बाकी मालिक पर छोड़ दीजिए!
वही उचित-उनुचित का फ़ैसला करेगा,आख़िर उसी के बंदे जो हैं?
उसकी रज़ा के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता फिर हमारी क्या बिसात?

ज़िंदगी चार दिनों का मेला है,
हंस या रोकर गुज़ार दे.!

ना इल्ज़ाम दे किसी को यार,
ज़िंदगी जी कर गुज़ार दे.!!

Zindagi Char Dino Ka Mela Hai,

Hans Ya Rokar Guzaar De.!

Naa  Ilzaam  De  Kisi  Ko  Yaar,

Zindagi Jee Kar Guzaar De.!!

गुज़रे वक़्त में हम में से काइयों ने बहुत कुछ खोया होगा?
कुछ ऐसा जो वापिस आ सकता है और कुछ ऐसा जो कभी वापिस ना आएगा?
पर किया भी जा सकता है?

मालिक की रज़ा मालिक ही जाने!

क्यूँ सौच-सौच ज़िंदगी गुज़ारें,
क्या खोया क्या पाया.!
मालिक जो भी करता ठीक करता,
सौचो कम ही खोया.!!

Kyun Soch-Soch Zindagi Guzarein,

Kya Khoya Kya Paya.!

Maalik   Jo   Bhi   Karta   Theek   Karta,

Socho Kam Hi Khoya.!!

प्यार बाँटिए प्यार ही मिलेगा बबूल बोने से अमृत प्राप्ति की कल्पना करना बेमानी है?

जैसा हूँ वैसा कहता यारो,
दिल में कुछ काम और की आदत नहीं.!
माँ ने कहा था एक-सा रहना,
बात माँ की ना मानने की ताक़त नहीं.!!

दिल अपना निकाल रखा है,
मानों या ना मानो कोई शिक़ायत नहीं.!
बहुत जी चुके यूँही रह यारो,
अब खुद को बदलने की हरारत नहीं.!!

जो भी दिया रब्ब ने ठीक,
उसके यहाँ अलग-अलग रियायत नहीं.!
नेक काम खातिर बेशॅक मरूं,
पापा कहते थे इससे बड़ी शहादत नहीं.!!

माता पिता में रब्ब बस्ता है,
रब्ब में माता-पिता !!

Jaisa Hun Waisa Kehta Yaaro,

Dil Mein Kuch Kam Aur Ki Aadat Nahin.!

Maan Ne Kaha Tha Ek-Sa Rahna,

Baat Maan Ki Na Manne Ki Takat Nahin.!!

Dil Apna Nikaal Rakha Hai,

Mano Ya Na Mano Koyi Shiqayat Nahin.!

Bahut Ji Chuke Yunhi Rah Yaaro,

Ab Khud Ko Badalne Ki Harart Nahin.!!

Jo Bhi Diya Rabb Ne Theek,

Uske Yahan Alag-Alag Riyayat Nahin.!

Nek Kam Khatir Beshq Marun,

Papa Kahte The Isse Badi Shahadat Nahin.!! 

जब भी दिल-दिमाग़ की सुनेंगे कुछ खूबसूरत-लाजवाब ही सुनने-बोलने-लिखने
को मिलेगा!!यक़ीन मानिए

दिल-दिमाग़ बड़ी खूबसूरत चीज़ है

मुहब्बत भी करना सिखाता है और लड़ना-खून-ख़राबा करना भी
फ़ैसला आपको करना है

क्या अच्छा है और क्या बुरा?

What’s Your Opinion…

दुल्हन बन घर आ जाओ…


दुल्हन बन घर आ जाओ.!
तन्हा रातों में तड़पाते हो.!!
दुल्हन बन घर आ जाओ…

जब शाम को सूरत ढलता है,
आकाश पर सितारे निकलते हैं,
चंदा के दर्शन होते हैं,
तुम अक्सर मुझको याद आते हो…
दुल्हन बन घर आ जाओ…

छान-छान करते झरने जो बहते,
गीत वफ़ा के जैसे हों गाते,
पैरों की पायल छनकाते हुए,
लगता है दिल को तुम आए हो…
दुल्हन बन घर आ जाओ…

Dulhan   Ban   Ghar  Aa   Jaao.!

Tanha Raton Mein Tadpate Ho.!!

Dulhan Ban Ghar Aa Jaao…

Jab shaam ko Surat dhalta hai,

Aakash par  Sitare nikalte hain,

Chanda ke darshan hote hain,

Tum aksar Mujhko yaad aate ho...

Dulhan Ban Ghar Aa Jaao…

Chan-Chan karte Jharne jo bahte,

Geet Wafa ke jaise hon gaate,

Pairon ki Payal Chankate Huye,

Lagta Hai Dil ko Tum aaye ho…

Dulhan Ban Ghar Aa Jaao…

दर्दान दी देजा दवा.!!


सोहन्यान दी गलां विह सोहनियाँ हौंडीयाँ,
पर कद्दी-कद्दी ज़िद्दी हो वडा दर्द देइन्दे नें.!
अर्ज़ किता हेगा:-

तेनू याद कर-कर,
साढी अख भर आई.!

होये अस्सी शोदाइ,
तूँ फिर विह ना आई.!!

अख लड़ान वेले सोचदी,
तेनू लाज क्यूँ ना आई.!

आग ला दिल विच,
तेनू हूँ लाज आई.!!

मर्जानी ज़िंद होई,
कद्दी सद्दर ना होई.!

लोकी होन्से कर्दे,
मौत क्यूँ ना आई.!!

 

Tenu Yaad Kar-Kar,

Sadhi Akh Bhar Aayi.!

Hoye Assi Shodai,

Tun Phir Wih Na Aayi.!!

Akh Ladan Wele Sochdi,

Tan Laaj Kyun Na Aayi.!

Ag La Dil Wich,

Tenu Hun Laaj Aayi.!!

Marjaani Zind Hoyi,

Kaddi Saddar Na Hoyi.!

Loki Honse Karde,

Maut Kyun Na Aayi.!!

शुभ प्रभात ईश्वर का शुक्रिया.!!


शुभ प्रभात-शुभ प्रभात सभी,
प्रिय मित्रग्न.!

प्रणाम एक और सुबहा का,
ईश्वर का शुक्रिया.!!

सूरज की पहली किरण संग,
आ मेरे आँगन.!

कर नमस्कार नये सवेरे का,
कर आलंगण.!!

Last Chance…


ज़िंदगी में हर इंसान से कुछ ना कुछ ग़लती हो ही जाती है!
ज़रूरी नहीं की जो आपने देखा समझा वही सही हो?

जनाब मुहब्बत में यक़ीन ज़रूरी होता गर कहीं शक-शुभा हो
पूछ लेना चाहिए?

ग़लतफ़हमियाँ रिश्ते तोड़ती ही हैं जोड़ती नहीं?

बहुत कुछ था पिछले साल जो तुम्हें,
अच्छा ना लगा हमें अच्छा ना लगा.!

पीछे छोड़ देते सब बातें जो तुम्हें,
अच्छी ना लगी हमें अच्छी ना लगी.!!

नया साल नयी शुरुवत कर लेते हैं,
जो दिल को रास आए मन को भी भाए.!

कहना तुम्हें भी होगा हमें भी,
दिन कैसा है गुज़रा साल कैसा लगा.!!

गर दिल को कोई चोट पहुँचाई है तो,
तुम हमें माफ़ करो हम तुम्हें.!

फिर ना कहना तुमने बात ना की,
अच्छा ना किया दिल को अच्छा ना लगा.!!

 

Bahut Kuch Tha Pichale Saal Jo Tumhein,

Achcha Na Laga Humein Achcha Na Laga.!

Piche Chod Dete Sab Baatein Jo Tumhein,

Achchi Na Lagi Humein Achchi Na Lagi.!!

Naya Saal Nayi Shuruvat Kar Lete Hain,

Jo Dil Ko Raas Aaye Man Ko Bhi Bhaaye.!

Kehna Tumhein Bhi Hoga Humein Bhi,

Din Kaisa Hai Guzara Saal Kaisa Laga.!!

Gar Dil Ko Koyi Chot Pahunchai Hai To,

Tum Humein Maaf Karo Hum Tumhein.!

Phir Na Kehna Tumnein Baat Na Ki,

Achcha Na Kiya Dil Ko Achcha Na Laga.!!

Happy New Year All The Best In 2017 !!


 

दोस्तों को किया कभी दुश्मनों को याद कर लेते तो अच्छा था,
दो कदम प्यार के बढ़ लेते तो अच्छा था.!

कभी संग-संग बिताए लम्हों को याद कर लेते तो अच्छा था,
गुज़री बातें ले गया वो साल कितना अच्छा था.!!

नाम ना लेंगे अब तुम्हारा ये वादा हमार बड़ा सच्चा था,
नादान दिल की नादानी हरदम ये बच्चा था.!

बातें तुम्हारी हैं बड़ी प्यारी क्या करें दिल अभी कच्चा था,
पसंद आए थे और इरादा हमारा पक्का था.!!

सुलझी उमर प्यार करने वाले देखें क्या इंसान सच्चा था,
बिन सोचे-समझे फ़ैसला करना एक धक्का था.!

पहले-पहल खूब बातें होती क्या हुआ दिल हक्का-बक्का था, 
मानो ना मानो पर प्यार हमारा सच्चा था.!!

नये साल की नयी सुबहा में इरादा करो गठबंधन पक्का है,
जो गुज़र गया सोचो वो ही तो फला रास्ता था.!

वक़्त गुज़रे डोली चढ़ आने की सोचो दिल हमारा भी सच्चा है,
सब कुछ पहले सी ही तो अच्छा-अच्छा था.!!

Doston Ko Kiya Kabhi Dushmanon Ko Yaad Kar Lete To Achcha Tha,

Do Kadam Pyaar Ke Badh Lete To Achcha Tha.!

Kabhi Sang-Sang Bitaaye Lamhon Ko Yaad Kar Lete To Achcha Tha,

Guzari Baatein Le Gaya Wo Saal Kitna Achcha Tha.!!

Naam Na Leinge Ab Tumhaara Ye Waada Hamaar Bada Sachcha Tha,

Nadaan Dil Ki Nadani Hardam Ye Bachcha Tha.!

Baatein Tumhari Hain Badi Pyaari Kya Karein Dil Abhi Kachcha Tha,

Pasand Aaye The Aur Iraada Humara Pakka Tha.!!

Sulajhi Umar Pyaar Karne Waale Dekhein Kya Insaan Sachcha Tha,

Bin Soche-Samjhe Faisla Karna Ek Dhakka Tha.!

Pahale – Pahal Khub Baatein Hoti Kya Hua Dil Hakka-Bakka Tha,  

Mano Na Mano Par Pyaar Humara Sachcha Tha.!!

Naye Saal Ki Nayi Subaha Mein  Iraada Karo Gathbandhan Pakka Hai,

Jo Guzar Gaya Socho Wo Hi To Phala Rasta Tha.!

Waqt Guzare Doli Chadh Aane Ki Socho Dil Humara Bhi Sachcha Hai,

Sab Kuch Pahale Si Hi To Achcha-Achcha Tha.!!

Enjoy Yourself & Keep Smiling On New Year…


आपसे प्यार क्या हुआ दीवाने हो बैठे,
आप  हैं  की  नये  साल  में  भी  बेगाने  हुए  बैठे.!

वक़्त यूँही गुज़र जाएगा ताकते बैठे,
बाबुल देख मनचाहा उठाएगा डोली रह जाओगे बैठे.!!

Aapse Pyaar Kya Hua Deewane Ho Baithe,

Aap  Hain  Ki  Naye  Saal  Mein  Bhi  Begaane Huye Baithe.!

Waqt Yunhi Guzar Jayega Taakte Baithe,

Babul  Dekh  Manchaha  Uthayega  Doli  Reh jaoge Baithe.!!

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