Category Archives: Shayari Khumar -e- Ishq

वो क्या करेंगे इश्क़.!!


वो क्या करेंगे इश्क़”सागर“,
जो खुद में ही जीते हैं.!

तन्हा तड़पने  को छोड़ देते,
अपनों को भुला देते हैं.!!

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बड़ी कमब्खत है.!!


बड़ी कमब्खत जान है,
छिप छिप हाल-ए-दिल हमारा सुनती.!
लोगों को ना ना कहती,
तन्हा सपनों में ताने-बाने हमारे बुनती.!!

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खुदा से”सागर”कैसी फरमाइश है.!!


उनका तस्सवुर उनकी आरज़ू,
ज़िन्दगी  की  ये कैसी ख्वाहिश है.!

जो कभी अपनी हो नहीं सकती,
खुदा से”सागर“कैसी फरमाइश है.!!

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Why…


आग लगा तन-मन में कहाँ खो जाते हो,
वैसे भी सरकार बहुत कम नज़र आते हो.!
दीद को तरसें सारा-सारा दिन और रात,
क्यों “सागर” की  जान  पर  बन  आते हो.!!

5

हाल-ए-दिल.!!


आज कल आप कहाँ और आप के वो अरमान कहाँ.!
जो कभी लफ़्ज़ों में पिरो हाल-ए-दिल बयान करते थे.!!

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Aaj kal Aap kahan  aur aap  ke wo  armaan  kahan.!
Jo kabhi lafzon mein piro haal-e-dil byan karte the.!!

सिन्टैम्स हैं इश्क़ के.!!


सिन्टैम्स सारे हैं इश्क़ के,
जाकर हक़ीन साहेब के पास इलाज़ कराओ.!
इससे पहले रोग बड़ जाए,
दवाखाने जा कर दर्द-ए-रोग की दवा ले आओ.!!

3

इंतज़ार.!!


बेसब्री से इंतज़ार था आपकी वाह-वाही का,
कलाम-ए-शायरी पर पीठ थप-थपाई का.!

वैसे ज़माने में मौका नहीं छोड़ते हैं”सागर”,
लोग अपनों की खींच और जग-हसाई का.!!

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“सागर”आवारा बादल नहीं.!!


न ख्वाहिश न कोई अरमान इस दिल में ,
जानता  हूँ  गैर  है.!
यूँ भी हद में रहने की आदत “सागर” को,
आवारा बादल नहीं.!!

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क़ातिल अदा.!.!!


आये-हाय कहना है हसीनों की क़ातिल अदा.!
क़त्ल करवा ढूंढें आशिक़ फिरभी उनमें वफ़ा.!!

Good morning

काश.!!


काश किसी हसीना को इम्प्रेस्सेड कर पाते”सागर”.!
इतने क़ाबिल होते तो क्या अब घुमते आवारा बदल.!!

I Can Feel Your Heart Beat...

मुंह ना फेरो.!!


यूँ शर्मा के मुंह ना फेरो,
हया में हुस्न और भी निखर जाता.!

दीवाने राह चलना भूलते,
उन का दिल मतवाला हो जाता.!!

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क़ाबिलियत.!!


न इतरा यूँ हुस्न पर,
दिया खुदा ने माना बेपनाह.!

I'm Falling in Love.....'Sagar'
करीब आ तो सही,
क़ाबिलियत हम में बेपनाह.!!

Good Morning…!!


 

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कई खुशियाँ और तकलीफों भरा कल का दिन गुज़रा.!
दुआ रब्ब से है आज का दिन बीते मन – उम्मीदों भरा.!!

इलज़ाम.!!


इतना करीब ना आओ,
कहीं हमें आग लगाते-लगाते खुद न जल जाओ.!

वैसे भी बेसब्र है ज़माना,
डर है तूफान बाद हम पर इलज़ाम न लगाओ.!!

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यक़ीन…!!


हर बात की गवाही ज़रूरी है,
मुहब्बत को भी परखा जाता है.!

समुन्दर से गहरा है मेरा प्यार,
गर यक़ीन नहीं उतर कर देख.!!

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Har baat ki gwahai zaruri,

Muhabbat ko bhi parkha jaata.!

Samundar se gehra hai mera pyaar,

Gar yaqeen nahin utar kar dekh.!!

दुआ.!!


लोग कहते है वो बेवफा है,
उनसे इश्क़ ना कर”सागर“.!
कमब्खत दिल मानता नहीं,
रोज़ उसकी ही दुआ करता.!!

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Log kahte hain wo bewafa hai,

Unse ishq na kr”Sagar“.!

Kambakhat di maanta nahin,

Roz us ki hi Dua karta.!!

 

आदत.!!


आग लगा तड़पने को छोड़ देना हुस्न की पुरानी आदत.!
गर इश्क़ करे तो बेवफाई और हुस्न कहे हसीन आदत.!!

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बातें.!!


तुझ संग दो चार बातें की थी,
तुझे समझने खुद को समझाने के लिए.!

न नियत खराब न सोच गल्त,
न ख्वाहिश की कभी तुझे पाने के लिए.!!

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तेरी तस्वीर.!!


नहीं करनी तुझ संग दोस्ती नहीं करनी तुझ से मुहब्बत,
मैं तो अपनी ही दुनियां में खुश हूँ.!
सुना इश्क़ कर लोग तकिया बाँहों में भर करवटें बदलते,
मैं तो तेरी तस्वीर देख ही खुश हूँ.!!

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सौदागर हूँ.!!


प्यार का सौदागर हूँ,
वफ़ा की उम्मीद ना कर.!

वादा ना निभा सका,
तो मुझे व्यापारी कहेगी.!!

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“Sagar”Never Leave You…!!


मत छेड़ मेरे आवारा दिल को,
पीछे पड़ गया तो जहन्नुम तक ना छोड़ेगा.!
मुहब्बत तो सभी करते यारा,
मरते दम तक भी”सागर“साथ ना छोड़ेगा.!!

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Mat ched mere aawaara dil ko,

Piche pad gaya to zahunnum tak na chodega.!

Muhabbat to sabhi karte Yaara,

Marte dam tak bhi “Sagar” saath na chodega.!!

दुआ सलाम.!!


ना दुआ सलाम किया और ना बात,
कैसी वफ़ा की फिर उम्मीद.!

सागर“क्यों हुस्न वाले बेवफा कहते,
क्या यही इश्क़ की तहज़ीब.!!

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कभी गीत कभी ग़ज़ल बन कागज़ पर उतरा”सागर”का दिल.!!


दीवाना है दिल घायल है दिल परवाना है,
कभी भाई बन कभी शायर कभी आशिक़ बन धड़का है दिल.!

तन्हाई में तड़पा चाहत में मुस्कुराया है,
कभी गीत कभी ग़ज़ल बन  कागज़ पर उतरा”सागर“का दिल.!!

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चाहत.!!


बहार आये और हर दिल का अरमाँ पूरा हो जाए.!
किसी को  चाहत मिले  पंछी को मनचाहा बसेरा.!!

love

रुपये-पैसे”सागर”में सब कमाते हैं.!!


ज़िन्दगी में गर कुछ पल किसी को हंसा सको,
मानो बहुत कुछ पा लिया.!
रुपये-पैसे तो “सागर” जहाँ में सब कमाते हैं,
इंसान  वो  कमा  लिया.!!

comment

बस इक बार अपनी तस्वीर दिखा दो.!!


बस इक बार अपनी तस्वीर दिखा दो,
मरने का गम ना रहेगा.!

सांसें जिस्म छोड़ने को है साथी यारा,
तुझे अफ़सोस ना रहेगा.!!

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इक नाम के सिवा और कुछ नहीं.!!


इक नाम के सिवा और कुछ नहीं,
जो बताऊँ दुनिया को.!

जो भी था गैर के नाम कर दिया.
क्या दे जाऊं दुनियां को.!!

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उनकी आरज़ू में मौत की अब उम्मीद है.!!


बिकते यहाँ दिल बिकता आदमी भी,
फिर मुहब्बत क्या चीज़ है.!
ज़िन्दगी गुज़र गयी उन की आरज़ू में,
बस मौत की अब उम्मीद है.!!

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मुबारक.!!


आपकी एक मुबारक ने दिल को सकूँ बहुत दिया.!
आप जैसों के दम से “सागर” की शायरी में शुमार.!!

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महफ़िल.!!


लोगों ने हरदम किसी के गम में कहकहे ही लगाए “सागर“.!
ये तो हम थे की फिर भी महफ़िल को सजाये गए” सागर“.!!

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बेरोजगारी.!!


ख्वाब देखना बुरी आदत नहीं,
ज़िन्दगी हसीं लगती.!
यूँ भी बड़ी बेरोजगारी है आज,
कुछ हिल्ले से लगती.!!

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इम्तहान.!!


जानता हूँ मेरी न है ना ही होगी,
फिर भी दुआ दिल से है.!
हर इम्तहान ज़िन्दगी सफल हो,
बन्दी उस खुदा की तो है.!!

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रात तुझे ख्वाबों में देखा है…


हर रात तुझे ख्वाबों में देखा है,
अश्कों भरी आहों में देखा है,
जानत हूँ गैर है मगर फिर भी,
फिर भी दिलके करीब देखा है!!

A photo by Julia Caesar. unsplash.com/photos/DpoMKEARZe4

बगावत.!!


बड़ा नाज़ है तुझे खुद पर और अपनी अदावत पर.!
बचना “सागर“से कहीं दिल हो जाए न बगावत पर.!!

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कब तक.!!


देखते हैं कब तक इक़रार ना करोगे,
दिल पर अपना यूँ इख्तयार तुम करोगे.!

अज़ी इश्क़ की जुम्बिश को देखा कहाँ,
सागर“से कभी तुम प्यार जरूर करोगे.!!

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खता.!!


आपकी खता नहीं नहीं.
हुस्न की यही पुरानी आदत.!
दिल लगाना इठलाना भी,
फिर किसी गैर की हो जाना.!!

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