सतरंगी ख्वाबों की बस इतनी सी दास्तान..
किसी की चाहा में फन्हा हो जाना ..!

वो दावा करते थे मुहब्बत का मगर..
तौहीन करने में एक लम्हां भी न लागते..!

 

यूँ आना जाना अब तो लगा रहेगा
गर मुहब्बत की है तो फ़साना बना ही रहेगा..
लोग दिल लगाते हैं ख़ुशी पाने के लिए,
यहाँ तो ग़मों का आना जाना लगा ही रहेगा.

इश्क़ के कसीदे पढ़ते कइयों को देखा है.
वक़्त ज़रूरत पर अपने गैर होते देखा है..!

तुझे चाहा था मैंने पर ज़रा भी इशारा न दिया..
अब किसी और तीर-ऐ-नज़र से घायल तो बुरा लगा..!

न सताएं तो क्यूँकर याद करोगे हमें यारा..
देखो यूँ पिग्ला बात अपनी न मनाया करो..!

मुसाफिर दो पल के जाने किस मोड़ मुड़ जाना है..
काहे का झगड़ा फिर यारो सब यहीं रह जाना है..!

शौख गुनाहों की दिल फरेब मंडी ये दुनियां..
यहाँ हर कोई आया शोहरत कमाने के लिए..!

ये तेरी ख़ताओं की या मेरी खता की कोई सज़ा है..
मंज़िल करीब थी मगर रास्ते न जाने कहाँ खो गए…!

येतेरी ख़ता ही थी जो तू उन सांग दिल लगा बैठी जो मुहब्बत का ABC नहीं जानते..

गुरुर में डूबें हैं इस क़द्दर खुदसे बड़ा कोई न मानते..!

मुझे बहुत प्रिय था रूठन्ना और न मानना..
आप क्या आये ज़िन्दगी में आदतें बदल गयी..!

कब कहा हमनें हम तुम्हारे हैं सनम..
न पाल दिल मे ये सुहाना सा भरम…!

यूँ नाउम्मीद न हो ज़िन्दगी से परछाई साथ छोड़ती..
मगर ये भी हक़ीक़त परछाई हरदम साथ भी देती..!

बहुत गम हैं यारा इस ज़िन्दगी में अपनी..
इक बार चेहरा दिखा थोड़ी राहत दे जा..!

इसमें भी उसकी रज़ा है जो तुझे इतना दिया है..
वरना कई तरसे यहाँ तह उम्र इक मुहब्बत खातिर..!

जुल्फों को यूँ न लब छूने दीjiये..
रश्क़ होता कम्बख्त हक़ मार रही..!

Kisi ke khwabon se behtar hai Teri tasweer..
Kahin Apna Kehke cheen le koyi Humse..!

Bewafaon se bach kar rahiye Janaab..
Yahan gali gali Dil le Mukrne wale mileinge..!

Dil ki yahi khwahish chaaho beshq na..
Magar baatein gairon se na kiya karo..!
Unki Aankhein hain jese Mai ke Chalkte Pyaale..
Nasha bin Piye hi ho jaye jb jb dekha Unko..!
Bahut khubsurat hai ye Zindagi jee kr dekho..
Gar Dukh hain Sukh bhi isse Ulfat krke to dekho..!

वो सुबह कब आएगी ज़िन्दगी जब ज़िन्दगी से दो चार हो जाएगी..
यूँ तो बेहतर ही जीते मगर सुना है उनके आने ज़िन्दगी गुलज़ार हो जाएगी..!

दिल लगाने से पहले हुस्न-ए-यार ने तड़पाया है..
ज़िन्दगी मिले तो देखें सांसों में कितना सुरम्य है..!

अजीब हादसों का शहर है ज़िन्दगी..
कभी खुश तो कभी गम है ज़िन्दगी..!

तेरा यूँ गैरों संग गुफ्तगू करना इस दिल को नागवार लगता..
तुम क्या जानोगी प्यार तुम्हें तो हमारा ये गलत व्यवहार लगता..!

उन की फितरत उनके संग तुम्हारी का जवाब नहीं..
कुछ ऐसे भी जहाँ में जिन्हें किसी बात का फर्क नहीं..!

पल हर पल इंसान रहता सपनों की दुनियां में,
किसी को दौलत का किसी को शौहरत का,
कोई मारा दिल का कोई मोह का,
नादाँ इतना भी न जानता,
हर ख्वाब मुक़म्मिल नहीं होता,
जाते जाते भी कोई न कोई,
अधूरा रह ही जाता..!

उनसे मुहब्बत में कुछ नशीले क्या हुए l
वो बोले यू आर डर्टी
यारो क्या हम गुनाह किये..!

कुछ फर्क मुझ में और दूजे में तो दिखा..
लगे दिल को हमारा असर कुछ और है..!

वो तेरा नशीला हुस्न उस पर होंठों पर खेलती कहकशां..
जब भी देखता तेरी कमबख्त तस्वीर को लगे सारा जहां मेहकशा..!

तेरा यूँ गैरों संग बातें करना
ज़रा भी नहीं सुहाता..
यही वजह रह कर भी करीब
दिल और दूर हो जाता..!

यादों का कारवां चलता है चलता ही रहेगा..
हस्ती मिटते तक फलसफां ना रुकेगा..!गैर अमानत हो यूँ हमारा दिल न बेहलाओ..
मुहब्बत कर बैठे तो बेवफा तुम कहलाओ..!कुछ रही होगी तेरी खता यूँ ही कोई बेवफा नहीं होता..
धुआं वहीँ उठता है यारा जहाँ आग यक़ीनन लगी होती..!

ज़रा सी रौशनी ने कइयों की ज़िन्दगी सुधार दी..
यक़ीन कर मांझी का दिल की किश्ती भंवर में उतार दी..!

 

किनारों की चाहत रखते दरिया में उतरते ही कहाँ..
मुहब्बत करने वाले अंजाम की परवाह करते कहाँ..!
इश्क़ न समझे उस संग दिल लगाया ही क्यों था..
नुमाइश की मंडी में खुद को सजाया ही क्यों था..!

ये सादगी ही तो है जो इस दिल को भाती..
वरना जहां में कई हैं हुस्न के बहते दरिया .!

 

 

Jyada ki chaht nhin thi magar phir bhi Muhabbat kr baithe.
Ek patthar ki Ibaadat ki Mn Mandir ka Rabb samjh baithe..!

Koyi Jaldi Nhin Hai
tumhein paanw ki
Muqaddr mein hoge
to zarur miloge

Kis bat ka Lalch kis bat ki Mohmaya
Zindagi to hai bas kuch pal ki Chaaya.
Jisne jaana sakoon usne yahan Paaya
Koyi aisa bhi Sab pa kar bhi kho Aaya..!

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Posted on December 3, 2019, in Shayari Khumar -e- Ishq. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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