Category Archives: Shayari Khumar -e- Ishq

लम्हें


यूँ छुप छुप न देखा करो हमारी प्रोफाइल को l
मुहब्बत गर दिल में तो सीधा वार किया करो ll

बचपन की मुहब्बत रूह की मुहब्बत होती l
न जिस्म की चाहत न रूप तंग की परवाह.ll

ज़िन्दगी में सब बर्दाश
मगर बेइज़्ज़ती नहीं l
वक़्त रहते वादा निभा
वरना ये ज़िन्दगी नहीं ll

कोई दिल का अरमाँ हो तो
लिख सकते हो.!
सुना है आज कल जनाब को
नींद न आती.!!

बेवफा दुनियां में वफ़ा की तलाश न कर.!
यहाँ एक चहरे पर कई चेहरे लगाते लोग.!!

इश्क़ इबादत ए इश्क़ पूजा l
जिनूँ मिल्या इश्क़ रब्ब ए ll

एक सहारे नहीं छोड़ी जाती दुनियां
जीवन तो आना जाना है.!
जो गुज़र गया उसे भूलना है बेहतर
अपनों के लिए भी जीना है.!!

यूँ न इतराओ इस जवानी के नूर पर,
उतर जायेगी एक दिन चढ़ो न खजूर पर.!
लोगों का क्या कब एतेबार उनका
किया कीजिये.!
खुद को बचाना है तो हिफाज़त
खुद ही कीजिये.!!

क्या निगाहें उठा झुका समझना चाहो,
दिल ना फिसलेगा तुझ हुस्न ए लंगूर पर.!!

कोई दिल का अरमाँ हो तो लिख सकते हो.!
सुना है आज कल जनाब को नींद न आती.!!

लम्हें


मेरे अरमानों की कुछ ऐसी होली जली,
दिल-ए-गुलशन की न खिल सकी कली.!

कभी फुरसत मिले तो पीछे मुड देखना ज़रूर.!
ज़िन्दगी में क्या ठुकराया और क्या खोया यहाँ.!!
कुछ अच्छा करने की चाहा में कई दिल तोड़ दिए,
मगर हक़ीक़त ये है यहाँ हक़ीकत की कीमत नहीं.!!

अपने दिल से पूछो ये सवाल क्यों प्यार करते हो,
कुछ तो हमारी भी खता होगी जो करते एतबार.!!

मुहब्बत में जिस्म से जिस्म का मिलना ज़रूरी नहीं,
अफ़सोस आज बिस्तर बिन मुहब्बत मुक़म्मिल नहीं.!!

रात को तेरी नज़रों में बसने वाला नवाब हूँ मैं,
सुबह उठ Unfollow करने वाला ख्वाब हूँ मैं !!
जली कटी सुनाने में तेरा कोई भी तोड़ नहीं,
तेरा प्रेमी कोई और है मुझ पे तेरा ज़ोर नहीं.!!

जैसी भी तुम हो मेरी नज़रों का नूर हो,
चाहूंगा ताह उम्र बेशक तुझे नामंज़ूर हो.!!

हर Atitude रखने वाली को Unfollow कर दिया,
क्यूंकि हम भी Handsome हैं और Atitude रखते.!!

हाँ जी हाँ क्यों न करेगी साइंस की पढ़ाई दूजे की
तस्वीर जो दिल में बसाई,
जाती है मेरी जान जाये तेरी बला से तूने तो करनी
चढ़ाई खानी है रस मलाई.!!
एक काम कर बोरिया बिस्तर उठा और सीधे मेरे,
घर चली आ जो सच में थम सा गया है सब कुछ !!

हक़ीक़त में जीना है
हक़ीक़त में मरना,
हक़ीक़त ये है की तू
अब मेरे पास नहीं.!!

कोई बात दिल से कह के सारी उम्र तुझे याद रखूं,
दिल को छु जाए तुझे अपना बनाने की चाहा रखूं.!!

ये ऊँची इमारतें किस काम की गर दिल में सकूँ नहीं,
गरीब की झोंपड़ी में जा देखो मुहब्बत की गंगा बहती.!!

मेंढक जैसी आँखें इसकी
घोड़ी जैसी चाल,
सर पर लगा के टोपी रखे
छुपाती गंजी बाल.!!

इक बार हाँ तो कर खुदा को भी मना लूंगा,
तक़्क़्दीर का क्या फिर पल में बदलवा लूंगा.!!

मृत्यु वास्तविकता है किन्तु
इंसान फिर भी मोह माया
नहीं त्यागता !!

उनकी आँखें हैं जैसे
फलक पर चमकते
हैं रोशन सितारे,
आधी रात को भी
जगती याद करा करा
हो गए हम बेचारे !!

क्या सच में इतनी सुन्दर हो या डी पी में चुराई पिक लगा बैठी हो,
सच सच बताना तड़पाओ ना कई दीवानो का चैन ही चुरा बैठी हो.!!

बहुत कुछ जहाँ में तेरे मांगने के लिए,
एक हम ही नहीं ज़रूरी जीने के लिए !!

एक को चाहेंगे एक को पूजेंगे और उसी खातिर जान देंगे ,
वो कभी पसंद नहीं एक को ख्वाब दिखा दूसरे भी साथ रखें..!

ज़िन्दगी में आज दिल का साफ़ होना गुनाह हो चला /
अबतो किताबों में ही ये शब्द बहुत अच्छे लगते यारो //

ज़िन्दगी बहुत प्यार तुझ से किया है हमनें मगर l
तेरी आदत बेवफाई की एक दिन कर के रहेगी ll

ये जो छुप छुप रातों को बात करती हो l
सच बोलो क्या दिल से प्यार करती हो ll

बहुत शौक़ है ना I Love U Love U करने का l
चल आ रोज़ रात 11 से 3 Duty पर ll

एक तेरी पढ़ाई फिर अदाओं का सितम l
मारडालेगी एक दिन हमें फुर्सत में सनम ll

वक़्त रहते जो सम्भल जाते
तो अच्छा था l
मगर उसे आदत थी हर बात
बहसबाज़ी की ll

ज़िन्दगी बहुत प्यार तुझ से किया है हमनें मगर l
तेरी आदत बेवफाई की एक दिन कर के रहेगी ll

उन्हें दीखते हैं बस “रवि” अपने रंज ओ गम l
कभी फुरसत निकाल इन आँखों के आसूं देख लेते वो ll

बुझने से पहले लौ की फड़फड़ाहट है l
दिया प्यार का जो हमनें जलाया था ll

All chapters are feel good,
If your partner is Loyal

एक तेरी पढ़ाई फिर अदाओं का सितम l
मारडालेगी एक दिन हमें फुर्सत में सनम ll

ये जो छुप छुप रातों को बात करती हो l
सच बोलो क्या दिल से प्यार करती हो ll

अपने मौत का मंज़र दिखा वफ़ा साबित कर जाएंगे l
मेरे मेहबूब इक तुझे ही आखिर साँस तक हम चाहेंगे ll

ना शौक रख गलतफ़हमी का l
हम जाते तो वापिस न आते ll

बेशक मौत तो एक दिन आनी है
ज़िन्दगी हसीं है बात पहचानी है

उन को कुछ यूँ चाह बैठे हैं
के ये दुनियां भूल बैठे हैं l
सोते जागते उनका तस्सव्वुर
दिल से मजबूर हो बैठे हैं ll

दिल की तो बात न कर “रवि’ सम्भल l
आजाये तो जीना मुश्किल हो जाता है ll

खुद से और खुदा से भी किया इश्क़ l
ज़िन्दगी तो वही जो तेरे साथ बसर हो ll

चाहत का सरूर है मुश्किल भरा
जिसे चढ़ा बर्बाद हो दर दर फिरा

फन्हा होती ना मुहब्बत आज नहीं l
सरूर ए उल्फत ने रुस्वा ही किया ll

मंज़िल गर सामने हो”रवि”तो l
मुक़ाम खुद बखुद मिल जाता ll

इक बार राज़ ए दिल तो बता फिर देख l
मक़सद मिलते ही मंज़िल असां हो जाये ll

शुभ रात्रि शब्बा खैर Good Nigh l
ज़िन्दगी रही तो मिलते “रवि”दोबारा ll

ख्यालों की बस्ती है,
जो चाहे दिल बना लीजिये l
ज़िन्दगी यहाँ सस्ती है,
प्यार की उम्मीद न कीजिये ll

सुप्रभात..!! 🙏🌹🙏

ज़िन्दगी अनमोल है
बे-मोल की नाराज़गी ll
देखो यूँ रूठा न करो
किसीको याद आती है ll

तेरे क़दमों में तेरी पन्हाओं में रहते हर निगहाओं में /
फिर भी तुम्हें यक़ीन न तो जाँ दे देते हैं तेरी राहों में //

Mere mehboob mujhe apni bahon ka sahara de /
Jin mein so kar main sakun se zindagi basar kr skun //

जिसने न पाया विश्वास किसी का
उसका वज़ूद खत्म हो गया l
बेशक हो वो कितना भी मशहूर
जीने का मकसद खत्म हो गया ll

उतारी हमने क़िश्ती इश्क़ के दरिया में l
किनारे लगाए उस साहिल की तलाश में ll

नज़रें ज़ुबाँ बन जाती सासें पैगाम l
इश्क़ के मौसम में ऐसा हो अंजाम ll

एक सर्द सुबह ज़िन्दगी की फिर नसीब हो आई है l
कौन जाने वो आखिर शाम फिर सुबह नसीब न हो ll

आँधियों ने कुछ कहा तूफ़ान ने कुछ,
मगर ज़िन्दगी हर वार सह आगे बढ़ती गई l
यही जीवन है यारो यही एक हकीकत,
वक़्त का जो सामना करे वही नैया पार हुई ll

तेरी चूडियाँ और माथे की बिंदिया
मेरे दिल का चैन चुराती हैं l
फिर कहती तुम न इश्क़ करो भला
सामने क्यूँ सजधज आती है ll

Dear God.
Let every person
fulfill their desired
wish,Except evil.

अखियां उडीकां कर कर थकियाँ,
कब आओगे बोलो न l
के महारि सज़ा केसे महारा कसूर,
कद मानोंगे बोलो न ll

ज़िन्दगी की आखिर शाम,
तुम्हारी जुल्फों तले गुज़रे l
यही दुआ है बस क़बूल हो,
मौत भी कुछ हसीं गुज़रे ll

At one stage
I think we’re
made for each other,
but very next seconds
I think
our thinking is different.

जो न कर पाया अपने
माता पिता की सेवा छोड़ उन्हें l
उसके पास सब कुछ पर
दुनियां का विश्वास अधूरा ll

रात गुज़रो है तेरे ख्यालों में,
सुबह को फिर भी तू न आई l
यूँ एक दूसरे से दूर हो जाएंगे,
कभी ये बात गवारा न हो पाई l

बहुत लफ़्ज़ों में नहीं चंद दिल-ए-अल्फ़ाज़ ही काफी हैं बयाँ करने को गर गर्व से कहते हैं l
एक वतन एक जान हैं एक को छोड़ सब बहिन भाई हैं हिंदुस्तान हमारी शान है ll
Life is a Challenge,
Except it’s each & every
Movement.of your
Life…..

तूने क्या खोया है क्या पाया
याद आएगा साथ गुज़रा वक़्त मेरे जाने के बाद l
दुनियां का दस्तूर न क़द्दर कभी
रंग लाती हिना”रवि”पत्थर पर पिस जाने के बाद ll

ज़िन्दगी के दौर में ये मैं कहाँ आ गया
पतझड़ के मौसम सा जैसे मैं मुरझा गया हूँ l
शाख से टूटे पत्ते सा वज़ूद है आज मेरा
दुनियां-ए-रंज-ओ-गम सहते कहाँ आ गया हूँ ll

ऐसी कोई वजह भी तो बता
के दिल से निकाल पाऊं तुझे l
बड़ी सिद्दत से घर में बिठाया
ये घर अब उझड़३ पाऊं कैसे ll

वादा..!
चिराग उल्फत के
जलाये रखना
वादा है शाम तेरी
गली ही होगी ll

सकूँ मिलता गर बाज़ारों में,
लोग दर दर क्यूँ भटकते फिर l
अमीर के घर गूंजते कहकहे,
गरीब सकूँ से रात सौ न पाता ll

तूने क्या खोया है क्या पाया
याद आएगा साथ गुज़रा वक़्त मेरे जाने के बाद l
दुनियां का दस्तूर न क़द्दर कभी
रंग लाती हिना”रवि”पत्थर पर पिस जाने के बाद ll

हम भी गैर हैं और की हैं अमानत l
रूठा न कर दुआ है तू रहे सलामत ll

सकूँ मिलता गर बाज़ारों में,
लोग दर दर क्यूँ भटकते फिर l
अमीर के घर गूंजते कहकहे,
गरीब सकूँ से रात सौ न पाता ll
झूठी थी वो और झूठी उन की मुहब्बत l
ज़रा सी आँख हटी गैर बाँहों में समा बैठे ll

न टूटे दिल से बात कर ज़िन्दगी न मुश्किल मिलती l
खुदा की हर बात में वजह अपनी राजा यही जाने ll

इक उम्र के बाद मंज़िल और न ही
ठिकाने का पता l
ख्वाहिश भी अपने हाथ न होती
न पूरी होने का पता ll

शाहजहां ने बनाया मुमताज़ महल
उनके प्यार की निशानी है l
ये मेरे शेर ओ शायरी तेरी नज़र है
दुनियां दोहराये वो कहानी है ll

अगर तन्हाई ल सताने लगे याद हमारी आने लगे तो l
चले आना ये घर पहले भी खुला था आज भी खुला ll

मेरा खत मेरा है पैगाम
इस मिटटी इस वतन के नाम l
जीने मरने की चाह है तो
ज़िन्दगी हो अपनी देश के नाम ll

मेरा एक सपना है कोई मुझे चाहे अगर
वो मुझे चाहे वही वही मेरा अपना हो l
और को ना देखे और को ना चाहे फिर
उसकी आँखों में बस मेरा ही सपना हो ll

Happy Gurunanak Jainti..!

दिल नाल दिल तै
बन्दे नूं बंदा समझो l
एही गुरुनानक जी दी
सच्ची अरदास ll

छुप छुप कर न देखा करो के
शक में पड़ जाएँ l
इस क़द्दर भी न चाहो न मिले तो
मर ही न पाएं ll

Yun zor se na hansiye l
Dil kaanch ka tut jayega ll

लम्हें


  

दिन ज़िन्दगी के यूँही कट जाएंगे /
तेरे साथ ही गुज़रे यही आरज़ू है //

ज़िन्दगी में अक्सर ऐसा क्यों होता यारो /
जब सच सच बोलते लोग झूठ समझते //

मेरे हाथों की चूड़ियां हैं श्रृंगार तेरे नाम का /
बता तूने कहाँ कहाँ लिखा रखा मेरा नाम //

कोई फायदा नहीं
ज़ुस्तज़ु ए तमन्ना करने का /
आज इश्क़ नहीं
लोग व्यपार किया करते हैं //

You’re only one in my life /
I mean to say Special one /

यूँ चाँद को तुम न देखा करो घूर घूर कर /
उसका दिल आ गया तो मेरा क्या होगा //

Chase your Goals own. Nobody supports you without his interest.
So please fight for your target. Then you enjoy your life with full confidence.

बाते ही ना उनकी वो खुद भी हैं बेमिसाल l
जिन्हें मिले साथ आपका हो जाये बेमिसाल ll

न छुड़ा मेरे हाथों से अपना हाथ /
बमुश्किल से मिलता चाहने वाला //

सामने हो जो हुस्न का बहता दरिया तो l
कैसी परवाह बस डूबने को जी चाहता ll

जन्म जन्म का है नाता मेरा तुम्हारा सजनवा l
ये और बात तुझे सात फेरों पर भी यक़ीन नहीं ll

अपनी भी हालत कुछ यूँ ही थी,
दिल में इक तुझे ही सज़ा रखा /
तुझे ही पूजा तेरा ही तस्सव्वुर,
जान को तेरी अमानत बना रखा //

मुझे अपना बनाना चाहते थे,
मैं मिली भी मगर गैर की हो l
तुम जीत कर भी प्यार मेरा,
क्यों मेरा श्रगार ना बन सके ll

Don’t say Sorry,
There is no scope for it
in friendship.
If somebody
believes in
this Word he’s
not you
with by Heart

कितना नखरा है तुझे अपने हुस्न पर,
हमसे क्या बहुत इत्तर हो /
पिया मिलन की छह रखती दिल में,
पर नाक पे नखरा लिए हो //

ना कर ख्यालों में भी याद मुझे /
चला गया जहाँ से तो तड़पेगी //

तुम इस तरह से ख्यालों में रहते हो /
ज़िन्दगी तुम बिन अधूरी सी लगती //

हर शाम ये ख्याल आता कल शाम भी होगी l
वक़्त का क्या है भरोसा जाने कब शाम होगी ll

लम्हें


अब पाक-ए-वफ़ा का ज़माना न रहा l
मुहब्बत तो करते निभाना न जानते ll

आपके जिस्म में रूह
अपनी देखते हम l
आपकी आँखों से देखते
अब जहाँ हम ll

अपनी अपनी बिसातें अपनी हैं सब की कहानियां l
जीवन है सारा जाता और फिर बदलती कहानिया ll

यूँ तो इस दुनिया में
कई करते हैं यहाँ वास l
इक तेरी ही श्रद्धा दिल में
इक तेरी ही आस ll

दुनियां के मेले में
आज हम सब अकेले हैं l
कहने को रिश्त हैं
आजमाएं तो मुंहबोले हैं ll

दो पल फुरसत के निकल,
चली आना ख्यालों में /

कब रात होई कब दिन गुज़रा
तुम में हम ऐसे उलझे सुच बुध अपनी भूल गए l
हर लम्हा रहता इंतज़ार तुम्हारा
अपनों में रहते भी हम घर ही अपना भूल गए ll

जीवन अतीत से आगे भी,
निकल रौशनी तलाश में //

वो काफिर होगा जो दगा दे गया
मुहब्बत कर मुहब्बत रुस्वा कर गया l
लोग कहते हैं उन्हें पाक वफ़ा हूई
माईने जानते नही प्यार कैसे हो गया ll

ए दिल अब चल उस ज़हान को जहाँ प्यार से प्यार हो l
न जाति का बंधन न मज़हब की दीवारों बस एतेबार हो ll

इक बार जिसे दिल से निकाल दिया l
फिर घर बनाने की इज़ाज़त ना देते ll

Please Respect Innocents..!

नादाँ कली बेक़रार थी
फूल बनने को मगर l
भंवरा करीब हो भी ख्याल अपने
आंगन का कर गया ll

वो हमें कहते है तुम अभी
बच्चे हो ABC भी न जानते /
काश दिली कह पाते तुम्हीं
हमारे टीचर बन जाओ ना //

शराब में डूब कर गम भुलाये जा सकते बस कुछ पल को,
ज़िन्दगी कटती नहीं मगर भुलाये अपनों को कुछ पल को.!!

चिराग ए उल्फत यूँ न जला,
यहाँ हर शाख पर अंधेरा है /
लोग करते हैं मुहब्बत यहाँ,
मन की प्यास मिटाने लिए //

जीवन में यदि आप किसी की
इज़्ज़त करते हों और उनसे
दिल से बात करें किन्तु वो
आप से कहें…
“टाइम पास कर रहे”
कैसा लगेगा ?

मेरी तस्लश मेरी ज़ुस्तज़ु
है तेरे नाम से /
तू नहीं तो बता क्या रखा
है अब जीने में //

मम्मी अक्सर कहती
बेटा किसी लड़की का दिल न तोडना ll
अब उन्हें क्या कहें
आज कल उनके पास दिल होता कहाँ ll

कभी सोचा न ऐसा भी कभी बन जाऊंगा l
तू न मिलेगी तो जमने को आग लगाऊंगा ll

नज़र से नज़र मिला दिल चुरा ले गए /
देखा सारी दूनियाँ में मशहूर करा गए //

तुम उतनी हसीं न जितना सर चढ़ा दिया l
मान मेरा अहसान मशहूर तुझे करा दिया ll

तुम जैसी भी हो मेरे
ख्यालों की ही मूरत हो /
मेरी नज़रों से कोई
देखे कितनी खूबसूरत हो //

किताबों में मिलते आज चर्चे अब मुहब्बत के l
नए ज़माने में इबारतें पाक ए वादा बदल गई ll
ताली एक हाथ नहीं दोनों और से बजने लगी l
खुदगर्ज़ वो ही नहीं अपनी भी आदत बदलने गई ll

मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो l
लोग समझते बेवजह मुस्कुराता ll

अपने दिल की लिखूं तो क्या कहूं
कम्बख्त तेरा चेहरा सामने आ जाता l
जिधर देखूं तू ही तू नज़र आये अब
क्यूँ तेरा ख्याल न जीने न मरने देता ll

किसी को पैसे की,
किसी को जिस्म की,
कोई भूखा शोहरत का l
कुर्सी की चाहत है,
इंसानियत से धोखा,
क्यूँ हो गए हवस के पुजारी ll

ज़िन्दगी एक सफर जो गुज़रता जा रहा मगर /
जाने कब ज़िन्दगी की गाडी रुक जाए न खबर //

उन्हें Wait करने की आदत न थी और हमें Tine पर आने /
अब गाड़ी प्रेम की बड़े भी तो कैसे कोई रास्ता बता दो //

तेरी मुहब्बत थी तो जीने का मक़सद भी था,
तू नहीं क्या मज़ा दुनियां में l
कोई वजह ऐसी बता तेरे बिन जीने के लिए,
क्या रखा तेरे बगैर दुनिया में ll

मुसाफिर हूँ पल दो पल का
सफर जाने कब खतम हो जाए /
एक अनजान सी डगर जीवन
जाने इसे मंज़िल कब मिल जाए //

देख तुझे प्यार करना तो कर नहीं भी चलेगा
मगर please मुझे भैया न कहना /
नहीं बनना तेरे बच्चों का मामा मुझे कल को
देख please ये कुफर मत तोलना //

बेचैन कर रही हैं ज़िन्दगी में उम्मीदें /
कुछ पूरी होंगी तो कुछ अधूरी रहेंगी //

तू पट जा इक बार
तेरी मम्मी को भी पटा लेंगे l
अरे मम्मी तो क्या
तेरे पापा से भी हाँ करा लेंगे ll

यूँ छुप छुप घूर घूर
क्यों देखती
हो प्रोफाइल हमारी l
नज़र लगा दोगे तो
बिन दवा मर
जाएंगे लोकदोन में ll

ए बिसाले सनम एक बार आ चेहरा तो दिखा जा l
थक गई आँखें सांसें खुदा हाफिज कहना चाहती ll

ये मुस्कुराती कलियाँ
जीने की नई आस दे जाती हैं l
दुनियां अब भी हसीं
उम्मीदें जगा सकूँ दे जाती हैं ll

यूँ तीर ए नज़र न चलाओ
ज़माना खराब है l
हो जाए ना घायल सम्भल
वक़्त बेईमान है ll

इंतज़ार मिलने का है दिल है बेक़रार भी
मगर जब सामने होते सोचता क्या कहूं या सुनता रहूं l
ये दिल की नेताबिय बड़ी अजीब होती
जितना मिलने का इंतज़ार होता बाद इतना ही इंतज़ार ll

वो पूछते बड़ी मासूमियत से
हमें क्या उनसे प्यार है
क्या बताएं उन्हें खुदा की हर
शे से हमें मुहब्बत है…
और इस आबो हवा में उनके
तन की खुशबु भी है
क्या अब सासें लेना छोड़ दें
सांसों से मुहब्बत है…

किस्मत से मेरे पास थी
किस्मत से ही दूर है
रब्ब करे किस्मत से ही
फिर मिल जाए मुझे…
किस्मत है तो सब कुछ
बिन इसके कैसे जियें
मेहनत बड़ी चीज़ माना
न किस्मत तो न मिले…
किस्मत के खेल निराले
रंक बने राजा कभी
न किस्मत हो तो राजा
भी फ़कीर हो जाए…

जिस शाम गुज़रो हमारी गली,
मौहल्ले की सब लड़कियां रुठ जाती l
अब तुम ही बताओ क्या करें,
क्यों इसमें भी हमारी खता ढून्ढ लाती ll

I’m a mirror,
Without me,
Everyone is invaluable.
But I wish,
Smiles on everybody’s
Face…

उसे आदत है
भैया भैया कहने की l
हमें चाहत नहीं
मामा कहलाने की ll

लम्हें


इश्क़ गैरों से जो हम करते
तेरी गली क्यूँ रोज़ गुज़रते l
तुम्हें ही चाहा तुम्हें ही पूजा
बेवजह हो क्यूँ शक करते ll

मुहब्बत भरे दिए जब जब कोई रोशन करे
दिल से आह निकले l
परेशां है दिल बेवरार है दिल उसके बिना मैं
उदास हूँ बस उदास हूँ ll

तेरे दीवाने होंगे कई
मेरे पास एक तू ही है l
तुझे न प्यार मगर मेरी
दुआओं में तू शामिल है ll

जो बिक जाएँ रवि वो रिश्ते कहाँ l
हालत तो बिगड़ते संवरते रहते हैं ll

कितना असां होता इन हुस्न वालों के लिए कहना
हमें तुमसे प्यार हो गया l
जब ज़मीं नीचे की हकीकत देखिये तो पता चलता
दिलों से खेलना आदत है ll

क्या खूब हंसी है इन लबों पर
खुदा सलामत रखे l
नसीब होगी न जाने किस को
हमारा ख्याल रखें ll

तकिया समझ न बींच बाँहों में,
कम्बख्त हमारी जान निकल जाएगी l
छाती के इतना करीब रखेगी तो,
खुद ही सोच रातों को कैसे सो पायेगी ll

इतना करीब न आईये बेपरवाह हो,
मुहब्बत रब्ब की इबादत की तरह l
कुछ रस्मों रिवाज़ों की बंदिशें होती,
पाक ए वफ़ा न करो नुमाइश तरह ll

मीर की ग़ज़ल सी तेरी आँखों की रुबाई,
छलकते जाम ए पैमाना बन मुझ में समाई l
आ करीब मेरे दूर दूर से ले क्यों अंगड़ाई,
क्या हुस्न पाया है तुझमें दिखे सारी खुदाई ll

वो भी क्या करता उसकी भी क्या खता थी /
मेहबूब की आँखों का नशा सब भुला देता है //
वो फिन और थे जब वतन परस्ती हर दिल थी l
तुम कहा हो जल्दी आओ ऐसे वीर नौजवानों ll

तुम उतनी हसीं न जितना सर चढ़ा दिया l
मान मेरा अहसान मशहूर तुझे करा दिया ll

तुम गुणा की शहज़ादी हो या मोरेना की
कोई फर्क नहीं l
हम बस ये जानते युवराज हैं ग्वालियर के
तुम पहचानते नहीं ll

कद से छोटी हो बेशक चलेगा👌👌
पर नाक से लम्बी न हो👃👃
क्युकी नाक पे गुस्से वाली सुन्दर लगती💘
फिर मर्द का जॉब पर जाना मुश्किल हो जाता💗💗

किसी न किसी की वफाओं में कमी थी l
वरना मुहब्बत यूँ कम ही मंज़िल न पहुंचे ll

ये बहकती आँखे और चाँद सा मुखड़ा
काफी हैं क़तल करने जे लिए l
इतरा कर आना मासूमियत से कहना
हम गुनहगार नहीं खुदा कसम ll

सुबह हो तो ऐसी चाय की चुस्कियां l
उनकी मुस्कान और खनकती चूड़ियां ll

हमसफ़र मिलता कोई न कोई ज़रूर l
वक़्त रहते ना पहचानते होते मगरूर ll

खामोश रहने की आदत न थी l
मुहब्बत ने मगर होंठ सिल दिए ll

जिसे होगी मुहब्बत सच्ची सच्ची l
करेगी हर बात वो अच्छी अच्छी ll
लड़कियां होती नहीं बच्ची बच्ची l
लड़के खुदही कराते कच्ची कच्ची ll

सुना था प्यार में लोग पागल हो
अंधे हो जाते देख भी लिया /
सबूत पर सबूत मिलने बाद भी
कोई आबरू लुटाने को तैयार //

सकूं भरी ज़िन्दगी मिलती
सागर किनारे l
साहिल की बाहों का सहारा
लगा दे किनारे ll

“लम्हें”


गर दिल में बसा चाहो किसी को
खामोश दिल भी चहकना सीख जाता

कसम खुदा की हंसने का दिल तो बहुत करता
मगर क्या करूँ तू मेरे करीब भी तो कम रहता

तेरा यूँ चाय पर बुलाना
नज़रें झुका मुस्कुराना
बनाता दिल को अपना
दिल का है दीवाना

एक बार आजमाओ तो सही
दिल के बदले दिल ही दोगे

चुलबुल से हम
बुलबुल सी तुम
होले हौले हम
करीब आ रहे हैं

कुछ ऐसी हवा चली यारो
सब को अपना गम प्यारा

मुसाफिर हूँ कुछ पल का
अब चले जाना,
तेरी यादों को साथ लिए
रुखसत हो जाना..!

तुझे चस्का फॉलो लड़के करने का
हमें मगर मंज़ूर नहीं,
बेवफाओं की फितरत ही ऐसी होती
तेरा कोई कसूर नहीं..!

शिद्दत से मुहब्बत की थी इक बेवफा से,
मालूम न था वो झूठी उसका प्यार झूठा..!

दम भरते हैं आजकल वो भी
जिन्हें मुहब्बत की ABC नहीं आती..!
आशिक़ बदलते पल पल जो
बातें वफ़ा की करते ज़रा शर्म न आती ..!

जीवन के सफर में
उस के बिछड़ने का गम क्या होगा,
जिस के आने से
सिवा दुःख और कभी कुछ न मिला..!

ज़िन्दगी वही
जो देश की खातिर फन्हा हो,
वो मौत हसीं
होगी जो वतन के काम आये..!

उनकी आरज़ू में कुछ ऐसे हुए,
हर वक़्त याद सताती है..!
देखें जिस और हर शे उन की,
तस्वीर नज़र आती है..!

तोहमतें न लगा
दिल ए यार पर,
खुद भी तो कम
गुनहगार नहीं. !

ए ढलती शाम ज़रा रुक जा अभी,
कई ख्वाहिशें और काम अभी बाकी है..!

लगा के लड़कों की फोटो
डरामा कर रही है,
समझती बेवकूफ दमादम
लड़कों से लगी है..!

ज़िन्दगी तेरे ख्वाबों की पनाहों में गुज़र सकती तो अच्छा था,
ताह उम्र तेरे बिन गुज़र करने से अच्छा है फिर मर ही जाएँ..!

ताह उम्र साथ निभाने की कसम खाई है,
तेरे बिन जीने में हमारी रुस्वाई है..!
तेरे अलविदा कहने से गर भूल सकते तो,
तेरे वादों से ये भी हमारी बेवफाई है..!

यूँ निगाहों के तीर
ना चलाया करो,
कोई बेमौत मर
जायेगा खुदा कसम..!!

Lamhey


I’m mirror,
Without me,
Everyone is invaluable.
But I wish,
Smiles on everybody’s
Face…

बारिश का मौसम हो
साथ में तुम हो,
हाथों में गर्म पकोड़े हों
साथ में चाट हो.!!

वो बेवजह हमें गुनहगार बना गया,
किसी को पाने की चाह में
दुरी हमसे बना गया.!!
7वो पब जी कुछ यूँ खेलती न बात करती न छोड़ती है,
बैठे रहते हैं बस इंतज़ार में जाने कुड़ी कब बोलती है.!!

Every girl is sweet,
want’s respect but some,
Idiots make noise…

मर्दों को पैदा किया औरत ने
बदले में मिली हवस रुस्वाई,
भूल जाते घर में माँ बहन है
फिर भी करते बाहर बेहयाई.!!

वक़्त बदला है जाने क्या बात है कोरोना से लगते वो आजकल,
जिन्हें गले लगा चूमने को दिल करता था वो बुरे लगते आजकल.!!

दिल में था इक़रार मगर
होंठों पर थी ना ना.!
तेरा रातों जाग बाते करना
महज़ इत्तेफ़ाक़ था..!!

यूँ तेज़ क़दमों से न चला करो मेरे सरकार,
मुहब्बत की राहें यूँ भी पत्थरीली होती हैं.!!

गर साथ तेरा हो फिर डार किस बात का,
राह के पत्थर भी फूल बन जाएंगे यक़ीनन.!!

माँ को भी समझा दो इतना बता दो,
साथ टूशन पढ़ने वाले कोई गैर नहीं.!!

होंसले बुलंद रख जो मिलना मिल कर रहेगा
खुदा की रज़ा न कोई समझा न ही समझेगा,
उस मालिक ने बनाया है वही फैसला करेगा
जी तेरा है ज़माना करे जतन तेरा ही रहेगा !!

Good people are always hee,it’s depand upon you. You find them or believe on Fake personality?
When the Proofs are Clear indicated..

लम्हें


Kids are futur of Nation,
Love and respect them.
If they becomes Bright,.
Futur of Nation is Bright…

हमनें देखा है ज़माने को बड़े करीब से,
ज़िन्दगी वही जो तेरे साथ बसर होती.!!

दिल तो चाहता है बड़ और मैं ठहर भी जाऊं,
तेरे इशारे पर नज़र झुका पलकें तो रुक जाऊँ.!!

हुस्न की यही अदा तो क़ातिल,
प्यार करता मगर इक़रार नहीं.!!

तीर ए नज़र चला वो खुद तो जा सौ गए,
बैचैन दिल के मारे रात करवटें बदलते रहे.!!

Your lips are like a rose’s petals,
Your eyes are Ghazal of a poet,
Pink cheeks like morning’s redness,
Tell me the reason,
Why I should not love you…
There is no one in World like you,
Moon is nothing in front of your beauty,
The beauties of world standing behind you,
Oh God.! then, 
Why I can’t propose you.

तेरे बिन जीने की आरज़ू हो कैसे,
हर हसरत में तेरी ख्वाहिश शामिल.!!
गर्दिश-ए-हालत बना देते गुनहगार
कौन नहीं यहाँ इज़्ज़त जा तलबगार,
दिए की रौशनी न बुझा सके कोई
जिसे खुदा ने किया गुल-ओ-गुलज़ार.!!
मुहब्बत में खोने पाने की फ़िक्र हो,
पाक वफ़ा करने वाले अंजाम न सोचते.!!

रूपए पैसों की ऐसी हवस जितना भी कमाइए कम है,
माँ कहती कामना है बेटा इंसानियत कमा सदियों तक चलेगी.!!

ज़िन्दगी यूँ रूठ कर दूर न जा
पुराणी यादें सकूँ से जीने न देती
पलट पलट कह
पलट दिया है
पलटने का रास्ता
पलट दिया l
पलट दिया दिल
इरादा भी पलटा
पलट में दिल
अपना पलटा लिया ll

आगे से सुन्दर हो इसलिए पीठ पीछे बुराई करते,
वैसे भी चापलूसों से दोस्ती करती है ये दुनियां.!!

इस को भी पागल उसको भी पागल कह वो खूब Manage करती है.!
नादाँ जानती नहीं खुद का तमाशा बनवा अपना Dismanage करती है.!!

लम्हें


मेरे अरमानों की कुछ ऐसी होली जली,
दिल-ए-गुलशन की न खिल सकी कली.!

कभी फुरसत मिले तो पीछे मुड देखना ज़रूर.!
ज़िन्दगी में क्या ठुकराया और क्या खोया यहाँ.!!
कुछ अच्छा करने की चाहा में कई दिल तोड़ दिए,
मगर हक़ीक़त ये है यहाँ हक़ीकत की कीमत नहीं.!!

अपने दिल से पूछो ये सवाल क्यों प्यार करते हो,
कुछ तो हमारी भी खता होगी जो करते एतबार.!!

मुहब्बत में जिस्म से जिस्म का मिलना ज़रूरी नहीं,
अफ़सोस आज बिस्तर बिन मुहब्बत मुक़म्मिल नहीं.!!

रात को तेरी नज़रों में बसने वाला नवाब हूँ मैं,
सुबह उठ Unfollow करने वाला ख्वाब हूँ मैं !!
जली कटी सुनाने में तेरा कोई भी तोड़ नहीं,
तेरा प्रेमी कोई और है मुझ पे तेरा ज़ोर नहीं.!!

जैसी भी तुम हो मेरी नज़रों का नूर हो,
चाहूंगा ताह उम्र बेशक तुझे नामंज़ूर हो.!!

हर Atitude रखने वाली को Unfollow कर दिया,
क्यूंकि हम भी Handsome हैं और Atitude रखते.!!

हाँ जी हाँ क्यों न करेगी साइंस की पढ़ाई दूजे की
तस्वीर जो दिल में बसाई,
जाती है मेरी जान जाये तेरी बला से तूने तो करनी
चढ़ाई खानी है रस मलाई.!!
एक काम कर बोरिया बिस्तर उठा और सीधे मेरे,
घर चली आ जो सच में थम सा गया है सब कुछ !!

हक़ीक़त में जीना है
हक़ीक़त में मरना,
हक़ीक़त ये है की तू
अब मेरे पास नहीं.!!

कोई बात दिल से कह के सारी उम्र तुझे याद रखूं,
दिल को छु जाए तुझे अपना बनाने की चाहा रखूं.!!

ये ऊँची इमारतें किस काम की गर दिल में सकूँ नहीं,
गरीब की झोंपड़ी में जा देखो मुहब्बत की गंगा बहती.!!

मेंढक जैसी आँखें इसकी
घोड़ी जैसी चाल,
सर पर लगा के टोपी रखे
छुपाती गंजी बाल.!!

इक बार हाँ तो कर खुदा को भी मना लूंगा,
तक़्क़्दीर का क्या फिर पल में बदलवा लूंगा.!!

मृत्यु वास्तविकता है किन्तु
इंसान फिर भी मोह माया
नहीं त्यागता !!

उनकी आँखें हैं जैसे
फलक पर चमकते
हैं रोशन सितारे,
आधी रात को भी
जगती याद करा करा
हो गए हम बेचारे !!

बहुत कुछ जहाँ में तेरे मांगने के लिए,
एक हम ही नहीं ज़रूरी जीने के लिए !!

मंदिर मस्जिद जाते लोग
दिल काले मगर रखते हैं,
वही सच्ची पूजा करते हैं
जो दिल में खुदा रखते हैं.!!

उसकी मर्ज़ी के बिन तो कुछ भी मुम्मक़िन नहीं ,
मगर दिल न हों ज़ज़्बा तो शिकायत उससे नहीं,
ज़िन्दगी की नाव जो समुन्दर उतरे वही पार पावे
बिन लहरों के थपेड़ों के साहिल कोई बनता नहीं.!!
तुझे इश्क़ हो गया
कोई दिल चुरा गया है,
याद कर वो शक़्स
जो ज़ेहन में बस गया है.!!

मुहब्बत में यही दुश्वारियां,
मिले तो खूब न मिले दर्द.!!

.मुझसे ही प्यार कर तह उम्र
मेरी ही रहना,
मुझसे ही शादी करना बच्चों
जी मम्मी बनना.!!


Kuch hongi majburiyan Shahar se jane ki,
Muhabbat gar Dil mein ho Duriyan maybe nhin rkhti !!

लम्हें


मार डालेगी उनकी
जी जी एक दिन,
हज़ूर को ना ना कहना
भी नहीं आता..!

कुछ दायरे तेरे हैं,
कुछ मेरे भी तो हो सकते…
कुछ भी हों बेशक,
मगर बेवफा नहीं हो सकते..!

वो और होंगे जिन्हें,
तेरे हुस्न से प्यार है…
हमें पर्दानशीनों पर ,
बस एक एतेबार है..!

दिन में तो न आये मिलने
कल रात ख्वाबों में उन का दीदार हो गया…
क्या खूब लग रहे थे वो
आँखें तरसती लब नशीले जैसे प्यार हो गया..!

प्यार उसने हमसे बहुत किया
मगर शर्तों पर…
काश समझ पाते वो समझौते
प्यार में न होते..!

काश वक़्त ठहर जाये
इन मुहब्बत के पलों का…
ताह उम्र गुज़ारे यूँ ही
मिले सहारा इन बाँहों का..!

न खेल मेरे दिल से यूँ,
मिटाने के बहाने और भी है..!

यूँ रुक रुक कर न छेड़ मेरे दिल के तराने,
कोई एक बज गया तो बड़ा पछताएगी तू..!
न जी न गल्त तुम ना थे गल्त हम ही हैं,
तुम्हारी बन्दानवाज़ी न समझ सके…

अपनी मगरूरियत में इतने मशगूल हुए,
इंसानी ज़ज़्बों को ज़रा न समझ सके…!

कुछ दायरे तेरे हैं,
कुछ मेरे भी तो हो सकते…
कुछ भी हों बेशक,
मगर बेवफा नहीं हो सकते..!

तेरे पास होंगे कई दिल,
एक उसके लिए एक इसके…
मेरा दिल तो बस,
तेरा नाम ले ही धड़कता है..!

ना कर मुहब्बत किसी से इतनी “परदेसी”
के नाज़ुक दिल पत्थर हो जाये,
काँटों की राह गुज़र फूलों तक पहुंचना न
हो तो हर काम आसां हो जाये..!

अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा,
कल भी झूठा था आज भी झूठा संसार..!

मौत मेहबूबा है उस संग भी साथ निभाना है,
तेरी मुस्कान खातिर जीना उसी खातिर मरना..!

तेरे पास होंगे कई दिल,
एक उसके लिए एक इसके…
मेरा दिल तो बस,
तेरा नाम ले ही धड़कता है..!

न समझ नहीं हो यारा इतने भी,
इजहार-ए-मुहब्बत नैनों की न समझो. !
हुस्न कल भी बेपरवाह आज भी,
भूल पाओगे क्या या दीवाना ही समझो..!

इश्क़ में तुम भी रूबरू हुआ करो,
किसी शाम घर की छत रहा करो..!
तरसती सांसों की उम्र बढ़ जाएगी,
कभी तो रेहम हम पर किया करो..!

तेरे बिन इस जहाँ में क्या रख है,
चाह नहीं हमारी तो कुछ भी नहीं..!

गल्त है इलज़ाम गल्त सारी बातें,
पीठ पीछे वार करने की आदत नहीं..!
प्यार करते हैं तुझसे करते रहेंगे,
किसी से भी लड़ने की ज़रूरत नहीं..!

प्रणाम 🙏

उम्मीद का सागर है
उगते सूर्य का आगमन,
नई ऊर्जा का जीवन
में फिर से है समागम..!

चाँद सी नटखट हो सुन्दर भी बहुत
कभी दिखती कभी छुपती,
दिल की खूबसूरत बातें प्यारी बहुत
कभी मिट्ठी कभी दिलकश..!

तेरे शौख ए क़दमों की इनायत,
जो जीने की आरज़ू हो आई..!
वरना इस दिल ने कब से यहाँ,
जीने की हसरत छोड़ दी थी..!

मार डालेगी उनकी
जी जी एक दिन,
हज़ूर को ना ना कहना
भी नहीं आता..!

इक नई सुबह का आना सदा बेहतर होता है,
पिछली बातों को भुला नया आगाज़ होता है..!

आओ न इतने करीब की सांसें महकने लगें,
बहक जाएं इस क़द्दर की दिल मचलने लगे..!

ख्वाब देखना गुनाह नहीं,
गर इरादे नैक हों..!
ऐसे भी ज़नून रखते तो,
मंज़िल मिलती नहीं..

हर सुबह जीने का एक नया पैगाम ले आती,
बीती बातों को भुलाने का अरमान ले आती.!!

आओ न इतने करीब की सांसें महकने लगें,
बहक जाएं इस क़द्दर की दिल मचलने लगे..!

मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो,
डर लगता कहीं रूठ न जाओ..!

तेरी ख्वाहिश तेरी ज़ुस्तज़ु,
मेरी ज़िन्दगी की हसरत..!
अब तू ही कर फैसला मैं,
तेरे बिन जियूं कैसे..!

होते जो दिलदार तेरे,
पलकों में संजोये रहते..!
गुज़ारिश न करते यूँ,
वफ़ा गर पाक तुम करते..!

छोड़ कर तन्हा बीच रह चले जाते,
फिर कहते तुम मुहब्बत हो हमारी..!
कितना तड़पते हैं तुम बिन सोचा,
कैसी हालत हुईं तुम बिन हमारी..!

तेरी वफ़ा ही मेरी ज़िन्दगी और मंज़िल,
वरना जीने को क्या रखा है अब जहाँ में..!

बेवजह धुआं उठता नहीं,
यक़ीनन कोई दिल जला रहा होगा..!
जान कर भी अनजान क्यूँ,
अब किस बात का इंतज़ार रहा होगा..!

पलकों में सज़ा रखा,
दिल में सज़ा रखा..!
होंठों इक तेरा नाम,
बता कैसे भुला रखा..!

ख्वाब देखना गुनाह नहीं,
गर इरादे नैक हों..!

ऐसे भी ज़नून रखते तो,
मंज़िल मिलती नहीं..!

बात करने की वजह ज़रूरी नहीं,
यूँ भी तुझे मेरी कोई ज़रूरत नहीं..!

फरेब है तू और तेरी मुहब्बत साथिया,
क्या करूँ फिर भी तेरी याद सताती है..!

अब अल्लाह ही बचाये इन हुस्न वालों से
दिल में है क़रार मगर ऊपर से न न करते..!

तुमने वादा किया था उम्र भर साथ निभाने का,
ज़रा सी आहट हुई तो तुम हाथ छुड़ा चल दिए..!

जिनकी बुनियाद टिकी फरेब पर
वो क्या वादा निभाते,
यहाँ यारा शिद्दत से इंतज़ार खबर है
तुम आज भी न आते…!

मौज़ों को गरूर सागर से जुदा न हो सकती,
नादाँ समझती नहीं किनारे से वो भी टकराती..

न समझ नहीं हो यारा इतने भी,
इजहार-ए-मुहब्बत नैनों की न समझो. !
हुस्न कल भी बेपरवाह आज भी,
भूल पाओगे क्या या दीवाना ही समझो..!

तुम वो दर्द हो,
न न बिलकुल नहीं..!
सच तो ये है जी,
तुम ज़िन्दगी हो मेरी..!

यूँ न मांगों दिन रात दुआओं में,
मरना चाहें तो मर न पाएं..!
साथ जीने का तस्सव्वुर लिए रहे,
बाद दुनियां में दौराहे जाएं..!

ना गुज़रा कर मेरी गली
से मुस्कुराते हुए,
गुमां हो जायेगा तुझे भी
मुझसे प्यार है..!

नज़र रखना अपने दिल पर हमारी यादें तुम्हारे साथ हैं,
और परिंदा न बैठ सकेगा शाख पर यक़ीन बेशुमार है..!

इक शेर ऐसा लिखना की मरना आसां हो जाये,
तेरी यादों के संग रुखसत कुछ कामयाब हो जाये..!

तेरी पलकों में कब कब देखा,
तस्वीर खुदकी नज़र आई..!
पलट कर देखा जो आईना तो,
तेरी तस्वीर खुदमें दिख आई..!

कुछ अहसास
इतने खुबसुरर होते,
ज़िन्दगी गुज़र
जाती पता न चलता..!

हाथों की मेहँदी में सजालो मुझको,
शिद्दत से सांसों में बसालो मुझको..!
इससे पहले किसी और के हो जाएँ,
मखमली बाँहों में सम्भालो मुझको..!

लम्हें


ज़िन्दगी जी है अपनी शर्तों पर मौत को भी उँगलियों पर नचाएंगे l
मगरूर नहीं मगर मंजूर नहीं सर झुकना हँसते हँसते मिट जाएंगेेll

कुछ इस तरह मेरे प्यार में तू घुलने लगी l
चाय में मिठास तेरे हाथों की आने लगी ll

मीर की ग़ज़ल है या है खैय्याम की रुबाई,
जो भी हो मगर इस दिल को खूब है भाई l
तुझे देखूं जी भर फिर भी दिल नहीं भरता,
सोचता हूँ रब्ब ने ये मूरत फुर्सत में बनाईंं ll

अपने होंठों की तब्बस्सुम बना लो मुझे l
यूँ ही करीब रह लब छू लिया करूँगा मैं ll

साँझ सवेरे जुल्फें बिखरा छत पे न आया करो l
दीवाने गुड नाईट कह देंगे तुझे चाँद समझ कर ll

न शिक़वा और न कोई शिकायत किसी से l
ज़िन्दगी हर मनचाही ख्वाहिश पूरी न होती ll

वर्क्ष को गरूर होता अपनी बड़ी बड़ी शाखाओं पर l
मगर फ़िज़ा के मौसम में पत्ते भी साथ छोड़ देते हैं ll


लम्हें


तुम मुझे याद करो न करो कोई फर्क नहीं पड़ता यारा l
मैं ताह उम्र तुम्हारी सलामती की दुआ करता रहूंगा ll

2)
शरबती आँखों से पिलाने की वजह तो बता दे l
कहीं तेरा भी मेरे होंठों का तल्बगार तो नहीं है ll

3)

न कोई आरज़ू न कोई हसरत अब बाकी l
ईश्वर ने जो भी दिया बहुत खूब है दिया ll

4)

चिराग ख्वाहिशों के दिल में जलाये रखना ‘रवि’ l
शाम तो होनी है मगर सुबह की आरज़ू ज़रूर रखना ll ाााााााााााााााााााााााााााााा

5)
जीना है तो ज़िंदादिली से जियो यारो l
जाने कौन पल मौत की अमानत हो ll

6)
लगा के डीपी हुस्न ए ज़माल की वो इतराते हैं,
व्हाट्सप्प पर भी कइयों को दीवाना बना के जाते हैं l
इससे भी न काम चले तड़पाने तरसाने का तो,
‘रवि’ कभी कभी प्रोफाइल पिक ब्लेंक छोड़ जाते हैं

7)

नज़रें मिला पलकें का मतलब तो समझ आता
मगर रुख पर पर्दा गिराने का मतलब क्या है
शर्म गैरों से किया करो मगर ‘रवि’ दिल से नहीं

तेरा मेरी ज़िन्दगी में आना इक ख्वाब से कम न था

है खबर मुझको भी हर ख्वाब मुक़म्मिल नहीं होता

देखा है ज़िन्दगी को बड़ा करीब से रिश्तों को टूटते अपनों को बदलते बाग़-ए-वफ़ा में इश्क़ फरमाते मगरदुःख इस बात का नहीं तुमने इक़रार न किया गम इस बात का तुमने इंकार भी तो न किया मैं उल्फत के चिराग दिल में जलाये बैठा रहा क्यूँ फिर मेरे बाद तूने किसी से प्यार न किया ll

“लम्हें”


किस बात का है गरूर
तड़पाया न करो..
अब यूँ पानी में भी आग
लगाया न करो…

जो फूल दिए तूने किताबो में रखे थे
वक़्त गुज़रे तेरी यादों के खत बन गए..
पढ़ता हूँ रोज़ ​जब तेरी याद सताती…

ज़िन्दगी के क़ाफ़ले में तन्हा ही रहे..
लोग मिलते रहे बिछड़ जाने के लिए…

मुसाफिर हूँ दो पल का
जाने कब चले जाना..
न ठोर न ठिकाना पता
अधूरा कुछ रह जाना…

सितारों उनसे कह दो मुहब्बत करके तो देखें,
इतने बुरे नहीं मर कर ही साथ छोड़ेंगे उनका…

न कर तीर ए नज़र का इस्तेमाल यूँ.
घायल हो दिल और ज़ख्म भी न भरे…

हर लड़की एक सी
जैसी मेरी माँ की..
छाती
सबको एक सी…

उन्हें भूलना ही बेहतर..
जो याद रखने लायक नहीं…

तुम आओ तो सही इक बार यार..
देखो ज़िन्दगी कैसे निखर जाती है…

क्यों कर करे सज़दा
इतना भी तल्बगार नहीं..
गर तू है पूरी बेवफा
तो हम भी तेरे यार नहीं..

नशेमन हूँ जब से देखा है मदहोश ही रहने दो..
आँखों के मैखाने में ज़िन्दगी बसर कर लेने दो…

उन्हें दावा था हमसे मुहब्बत का
मगर महफ़िल में रुस्वा करते गए..
जो बातें हमसे तन्हाई में करते थे
सर ए बाजार नुमाइश करते गए…

गर मुहब्बत तुमने दिल से की होतो..
प्यार हम भी फिर शिद्दत से निभाते…

बाली उम्र है माना मगर फिर भी सम्भल रहा करो..
यूँ झुल्फों की क़यामत सरे राह न बिखराया करो…

जवानी में यारो जब जब चढ़े
इश्क़-ए-ज़नून ..
पल्ट घर के कांच की खिड़कियाँ
भी देख लेना…

तेरी सांसों की खुशबु से तेरा पता पहचान लेते.!
जान ए जहाँ कुछ इस तरह तेरा घर तलाश लेते.!!

मॉ से बेहतर न कोई हुआ हैं न होगा..
जो न हुआ मैं का और का क्या होगा…

जब से तुझे देखा है हम अपना दिल हार गए..
जान-ए-जां तेरी आँखों में खुद को निहार गए…

की जब से देखा तुझे दिल बेताब सा रहता है..
दिन रात करवटें बदलते इंतज़ार सा रहता है…

बस मुंह फुला कर ही रहना
दूजा काम तो आता न,
कोई न प्यार किया है तो
नखरे भी तो उठाने होंगे…

माना के तेरी नज़रों का नूर ए नज़र नहीं..
मगर ये सांसें तेरी खुशबु की तलबगार हैं…

जब से तुझे देखा है हम अपना दिल हार गए..
जान-ए-जां तेरी आँखों में खुद को निहार गए…

मैं इक दूर का ख्वाब हूँ..
देखना अब बंद कर दो…

मेरी मुस्कुराने की वजह तुम हो..
मगर तुम तो धोखेबाज़ निकले…

न कर हुस्न की नुमाइश यूँ..
हर कोई मरने वाला नहीं…

इस क़ाबिल कहाँ की मेरी दुआओं में शामिल हो..
एक वक़्त था तुझे चाहा था सांसो से भी बढ कर…

न कर पलकें झुका एहतराम यूँ..
मेरा खुदा जनता तू ही मेहबूब है…
जो किया कोई वादा न निभा सके,
वो चले हैं वादा ए वफ़ा करने फिर…

ब्स मुंह फुला कर ही रहना
दूजा काम तो आता न,
कोई न प्यार किया है तो
नखरे भी तो उठाने होंगे…

न कर पलकें झुका एहतराम यूँ..
मेरा ईश्वर जनता तू ही मेहबूब है…

रंज नहीं इसका किसी ने क्या दिया,
जो भी दिया खूब दिया भरपूर दिया…

ख्याबों की दुनियां में कुछ ख्वाब अधूरे हैं,
फिर भी इस जीवन में फेहरिश्त लम्बी हैं…

दगदरों की कमी नहीं इस जहाँ में,
फिर भी क्यूँ लोग इश्क़ किया करते…

इस क़ाबिल कहाँ की मेरी दुआओं में शामिल हो..
एक वक़्त था तुझे चाहा था सांसो से भी बढ कर…

अब तो किताबों में रखे फूल भी सूखने लगे..
जिनमें तेरी सूरत देख सीने से लगा रखा था…

बस मुंह फुला कर ही रहना
दूजा काम तो आता न,
कोई न प्यार किया है तो
नखरे भी तो उठाने होंगे…

यूँही साल पर साल गुज़र जायेगा
देखते देखते तीन साल गुज़र जायेगा..
फिर होगी मिलना की घड़ी जानम
बाँहों में उम्र का शबाब गुज़र जायेगा…

मुहब्बत…


जो मुहब्बत में चाल चलते वो मुहब्बत कहाँ करते.!
प्यार करने वाले हार जीत का अंजाम नहीं सोचतेे!!


 

कोई पल ऐसा न गुज़रे जब याद आती नहीं…
सुनो माँ तुम पल हर पल बहुत याद आती हो…

धन बल समय ज्ञान का सदुपयोग करें….
फ़िज़ूल खर्च करने से बचें विचार करें…

“लम्हें'”


खुश रहो होंठों पर यूँ ही चंचल मुस्कान रहे..
हमनें तो अब चले जाना है आप सलामत रहे..!

लाख कोशिशें इंसान करे अपने हाथ कुछ नहीं.
होता वही है यारो जो मजूर-ए-खुदा होता है..!!

गर पाक वफ़ा के इरादे हों जिस्म किस काम का ..
शक्ल सूरत से नहीं मुहब्बत दिलों से दिल का मिलन है …

प्यार तो बाहर किया है मगर तुम ने,
एतबार न किया..
नफरत की ज़लील किया अफ़सोस,
प्यार न किया…

Girl kitna bhi Na Na kare..
❤ Ek din de hi Jaati hai…

काश तुम वो न करते जो कर गए..
हम गुनाह न करते जो कर गए..

दिल कहता है तुम यहीं करीब हो फिर भी मिलने से घबराते हो..
क्या बात है दिल में कह दो कहने से क्यों कतराते हो..!
ये मुहब्बत का असर है हज़ूर..
देखिये दिल सीने में है की नहीं..!

वादा निभाने की बातें उनके मुंह अच्छी नहीं लगती..
ना आएं वक़्त पर उनकी कसमें सच्ची नहीं लगती..!
जीना मरना तो वो देता है
और मिलन भी..
गर मुक़फ्दर में होगा मिलन
कोई न रोक पायेगा..!


ख्वाब बन पलकों में समाया करो
नया साल है कभी तो वक़्त पर आया करो ll

कुछ भूली बिछड़ी यादों संग
लौर आया फिर दोहराने कुछ

ये शरारत नहीं तो और क्या है हज़ूर
दिल चुराया और मुझे ही खबर नहीं

न कर इतनी मुहब्बत
चाहा कर भी भुला न सकूँ
ज़िन्दगी जीने की चाहा लिए
दुनिया से चला जाऊं

वो हुस्न क्या जिसके नाक पर गुस्सा न हो,
अज़ी इश्क़ की तो आदत सब सहने की
यूँ भी सुना है हुस्न गुस्से में और निखरता,
कभी इश्क़ की बारी भी होगी मुस्कुराने की

तेरे नखरों पर खुदा का दिल भी आया है
बेशक उसने बड़ी फुर्सत से तुझे बनाया है
पशापोश में वो भी होगा ज़मीं पे भेज कर
तुझे बनाने बाद वो मंद मंद मुस्कुराया होगा

इस राह होना है या उस राह चलना फैसला कर लीजिये
जीवन जो राहें हैं संघर्ष भरी थोड़ा सा कष्ट कर लीजिये.

जो मज़ा इंतज़ार में
वो मिलन में कहाँ
मिलने बाद तो इंतज़ार
और बड जाता
छूटी स्कूल की बातें कॉलेज का ज़माना आया
वक़्त ही बताएगा यारो वो अच्छा था या ये अच्छा

बीती यादों में ये साल भी गुज़र गया
आओ नए साल इंतज़ार और कर लेते

उफ़ वो कम्बख्त हसीं
चेहरा भूलता ही नहीं
माना मतलब की है दुनियां मगर सारा जहाँ नहीं
एक दिन कोई आ सारी तन्हाईयाँ चुरा ले जायेगा

मैं जैसा भी हूँ वैसा ही रहूँगा क्यों बदलूँ खुद को
लोगों का क्या चाँद को निहारते कमी भी ढूढ़ लेते
तू अल्मोड़ा की चाँदनी है मैं हल्द्वानी का सपूत.;
तेरी मेरी निभनी तय है किस को चाहिए सबूत..!!


ख्वाब बन पलकों में समाया करो
नया साल है कभी तो वक़्त पर आया करो ll

कुछ भूली बिछड़ी यादों संग
लौर आया फिर दोहराने कुछ

ये शरारत नहीं तो और क्या है हज़ूर
दिल चुराया और मुझे ही खबर नहीं

न कर इतनी मुहब्बत
चाहा कर भी भुला न सकूँ
ज़िन्दगी जीने की चाहा लिए
दुनिया से चला जाऊं

Firstly why
I lost u.

वो हुस्न क्या जिसके नाक पर गुस्सा न हो,
अज़ी इश्क़ की तो आदत सब सहने की
यूँ भी सुना है हुस्न गुस्से में और निखरता,
कभी इश्क़ की बारी भी होगी मुस्कुराने की

तेरे नखरों पर खुदा का दिल भी आया है
बेशक उसने बड़ी फुर्सत से तुझे बनाया है
पशापोश में वो भी होगा ज़मीं पे भेज कर
तुझे बनाने बाद वो मंद मंद मुस्कुराया होगा

इस राह होना है या उस राह चलना फैसला कर लीजिये
जीवन जो राहें हैं संघर्ष भरी थोड़ा सा कष्ट कर लीजिये.

जो मज़ा इंतज़ार में
वो मिलन में कहाँ
मिलने बाद तो इंतज़ार
और बड जाता

By ❤️


कुछ अहसास ऐसे भी होते जो दिखाए
न दीखते महसूस होते
वक़्त आने पर दिख जाएगा मुहब्बत
किस को कहते दर्द कैसे लेते

कभी फुर्सत मिली तो पूछना खुद से
दिल लगाया तुझ से क्या यही खता थी
ये तेरी नज़रों का धोखा है
हम कल भी तेरे साथ थे,
आज भी हैं कल भी रहेंगे
न हो यक़ीन दिल में देख

चल जा झूठी
कहीं ख्याल खयूल नहीं रखती

गली से निकलो तेरी तो
अपने कुत्ते पीछे लगा देती
अभी कल ही इंजेक्शन लगवाया

हर वक़्त मुस्कुराती हवा आज क्यूँ खामोश बैठी है,
लगता किसी सखी के तन्ज़ को दिल पर ले बैठी है

यूँ तो ख़ामोशी कुछ इल्ज़ामों की दवा हो सकती है,
मगर खोमश रह शक को क्यूँ हक़ीक़त बना बैठी है

फिर से इक तस्वीर अपनी भेज देना सनम
आँखों में कैद कर
ग़ज़ल लिखूंगा दिल के अल्फ़ाज़ों से

कम्बख्त दिल भी कितना नादाँ होता
ज़ख्म जिनसे पाए गुनहगार न कहता
यूँ तेरा रूठ कर जाना एक पल न सुहाता है
शायद तेरे दिल को अब कोई और भाता ह

दिल चुराते ज़रा भी शर्म न आई अब मुझसे आँख चुराते हो
अरे कुछ तो रहम करो यारा क्या खुदा का खौफ भी खाते हो

कुछ ऐसा ही हाल इधर भी घायल हम भी कम नहीं
ये और बात तुमने सिर्फ अपने जख्म देखे है हर बार

पहले तो बातें कर जगाया फिर सपनों में आ आ तड़पाया
कैसी है मुहब्बत की मगरूरियत अब समझ आया है यारो

जिसके जीने का सहारा बन गया हो उसका प्यार
वो कैसे जियेगा बिन उसके ज़रा सोचो तुम्हीं यार

ये मुहब्बत भरी बातें उल्फत भरी रातें इशारा हैं किसी कहानी का
जो हम ने रहेंगे दोहराएगी दुनियां तोहफा है ये मुहब्बत की निशानी का

कुछ अहसास ऐसे भी होते जो दिखाए
न दीखते महसूस होते
वक़्त आने पर दिख जाएगा मुहब्बत
किस को कहते दर्द कैसे लेते

कभी फुर्सत मिली तो पूछना खुद से
दिल लगाया तुझ से क्या यही खता थी
ये तेरी नज़रों का धोखा है
हम कल भी तेरे साथ थे,
आज भी हैं कल भी रहेंगे
न हो यक़ीन दिल में देख

चल जा झूठी
कहीं ख्याल खयूल नहीं रखती

गली से निकलो तेरी तो
अपने कुत्ते पीछे लगा देती
अभी कल ही इंजेक्शन लगवाया

लड़की अगर रुमाल की
जगह नाक भी फेंके तो
कुछ दीवाने उसे भी उठा
सहेज रख लेते😅😅

हर वक़्त मुस्कुराती हवा आज क्यूँ खामोश बैठी है,
लगता किसी सखी के तन्ज़ को दिल पर ले बैठी है

यूँ तो ख़ामोशी कुछ इल्ज़ामों की दवा हो सकती है,
मगर खोमश रह शक को क्यूँ हक़ीक़त बना बैठी है

फिर से इक तस्वीर अपनी भेज देना सनम
आँखों में कैद कर
ग़ज़ल लिखूंगा दिल के अल्फ़ाज़ों से

कम्बख्त दिल भी कितना नादाँ होता
ज़ख्म जिनसे पाए गुनहगार न कहता
यूँ तेरा रूठ कर जाना एक पल न सुहाता है
शायद तेरे दिल को अब कोई और भाता है

दिल चुराते ज़रा भी शर्म न आई अब मुझसे आँख चुराते हो
अरे कुछ तो रहम करो यारा क्या खुदा का खौफ भी खाते हो

कुछ ऐसा ही हाल इधर भी घायल हम भी कम नहीं!
ये और बात तुमने सिर्फ अपने जख्म देखे है हर बार.!!

पहले तो बातें कर जगाया फिर सपनों में आ आ तड़पाया
कैसी है मुहब्बत की मगरूरियत अब समझ आया है यारो

लम्हें


फूलों की तरह महको
चांदनी सी नहायी होंठों कहकशां सलामत रहे
आसमाँ पर राज करो
हर तरफ जिक्कर हो दुनियां तुम पर नाज़ करे

जियो हज़ारो हज़ार साल 👍🌹

जो खुद बंजर वो क्या जाने कीमत किसी की
प्यार वो करते जो प्यार करने में क़ाबिल होते
किस बात की सज़ा मिली मुझे यार
किसी को चाहना क्या खता है यार
किसी को चाहना…
कहे मुझसे खुश रहा करूँ हर वक़्त
सोच तेरे बिन कितना गरीब हूँ यार
किसी को चाहना…
दिन गुज़रता है बस किसी तरह से
तन्हा रातों के साये बड़ा डराते यार
किसी को चाहना…
वो तेरी खनकती चूड़ियाँ प्यारी बातें
कहीं कोई ख्वाब देखा तो न था यार
किसी को चाहना…
तुम्हारे दिल में बस कर रहूं ये आरज़ू
या निकले आखिर साँस तेरे दर यार
किसी को चाहना…
जिन्हें आदत हो आसमाँ पर पत्थर उछालने की,
वो भला ज़मीं का क्या मोल लगा पाएंगे
अंधेरों में कहकहे लगाने वालो से क्या उम्मीद,
वो रोशनी में कहाँ राह कभी ढूंढ पाएंगे

हाँ तुम पागल सी हो
जीने की वजह भी हो…

जब देखो लड़ती रहती
नाक पे गुस्सा आँखों में शौखी
थोड़ा गरजती न बरसती
इतराती मगर दिल की चौखी
हाँ तुम पागल सी हो
जीने की वजह भी हो…

दही की लस्सी करती
छेड़ हंसती फिर आंसूं पोछती
पागल की ग़ज़ल तुम्हीं
दुनियां जो सोचती रहे सोचती
हाँ तुम पागल सी हो
जीने की वजह भी हो…

दर्द का समुन्दर है दिल में
जिन्हें लफ़्ज़ों उतार लेती
कौन ज़ख्म दे गया इस नन्ही
जान को वो ही जाने…
उन्मीद दामन न छोड़ अभी
तो आसमां में उड़ना है
किसके दिल बस्ती सपनों की
हो शहज़ादी न जाने…

लम्हें


खुदगर्ज़ हो चला ज़माना,
लोग जीते यहाँ अपने लिए
दिल को बस खेल समझते,
दिल तो है खेलने के लिए

ज़िन्दगी ज़िंदादिली से जियो,
मौत का क्या खौफ
इक दिन आनी ही ह

चल छोड़ तेरा तस्सव्वुर ही छोड़ देता हूँ
तुझ संग जीवन का हर नाता तोड़ लेता हूँ

चिराग उल्फत के न जलाये,
पाक-ए-वफ़ा का ज़माना गया
अब तो हर दिन मुहब्बत जवाँ,
एक संग निभाना मुश्किल हुआ

आज रात बाद मंज़र थम जायेगा,
तेरा दीवाना बज़म से चला जायेग

तू नहीं तो क्या हुआ आखिर तेरी सहेलियां किस दिन काम आएंगी
यूँ भी रिश्ते से लगती सालियाँ देंगी साथ तभी चांदी छल्ला पाएंगी

इलज़ाम मेरे सर वो कुछ यूँ लगा गया
दोस्त समझ सराहा क़ातिल बना गया

जो गुज़र गया वो धुआं हूँ मैं
किसी काम न मैं आ स्का
एक ख्याल का मोहताज़ मैं
तुझे चाहा कर न भुला स्का

Best part of your Life
When your Parents are
Alive.🌹🌹

Beautiful Angle with
Heart breaking eyes.

Amazing thoughtful nd
Creative writer.

Friend of Friends.
बहुत शौक़ है न दिल लगा तोड़ने का
मुझ संग दिल लगा देख वफ़ा क्या होती

वादों का है क्या वादे तो होते ही तोड़ने के लिए
यहाँ दोस्त बन बन मिलते लोग मिटाने के लिए

Your smile,
Bend the eyelids,
draw close,
I remember even today.!
Vibrating lips
Aromatic breaths,
Body’s heat,
How can I forget.!!

Your love,
Your consent,
Promises,
There is hope to live.!
This restlessness,
And Loneliness,
Your memories,
Now is a nightmare. !!

In Hindi

तेरा मुस्कुराना,
पलकें झुकाये,
करीब आना,
आज भी याद है…..
कंपकाते होंठ,
महकती सांसें,
तन की गर्मी,
कैसे भुला सकता…..

तेरा प्यार,
तेरा इक़रार,
कसमें वादे,
जीने का सहारा है…..
ये बेचैनी,
और तन्हाई,
तेरी यादें,
ख़राब ख्वाब है…..
Life is a challenge,
Struggle is a guide to meet the way of goal…
To achieve the goal,
You  should  spread  your  arms with smile…

Read in caption.

Best moments of boy’s life when someone love him with true heart …..

But girls think they”re
Roadside Romiyo…..

क़त्ल कर के वो कितने मासूम बना करते
हुस्न वाले यूँही दिल ले तबाह किया करते

जीवन में खुश किस्मत हैं वो जिन्हें किसी का प्यार मिला
कुछ अभागे ऐसे भी होते जो तिरस्कार कर बाद पछता

 

लम्हें



God Bless U.
खुश रहो होंठों पर यूँ ही चंचल मुस्कान रहे..
हमनें तो अब चले जाना है आप सलामत रहे..!
Always Smile as it’s

 

 


 

रोज़ा-ए-रामज़ाम में खुदा के बाद दुआओं में शामिल रखना,
ईद के दिन छत पर खड़ी हो जाना चाँद बहाने दीदार कर लूंगा l

ये ज़मीं ये आस्मां भला किस काम के,
जो तू नहीं घी के चिराग जला क्या करूं l

रुख पर नक़ाब डाल वो घर से जो निकले,
दीवाने बेताब हो गए ईद मनाने के लिए l

तेरे रूठने को अदा मानते,
इसी अदा पर दिल क़ुर्बान l
तू ही इस दिल की आरज़ू,
तू ही तो है मेरी निगहबान l

यहाँ चेहरे पे चेहरा लगा आते हैं लोग,
दूसरे के राज़ जान खुदके छिपाते हैं लोग l

Smart hona achchi baat hai
But Over smart hona aapko
Society me Gira deta aur aap achchey mitro ko kho dete hain….

Amazing New Comer..!!
नई नवेली दुल्हन जैसी वो शरमाई,
सुन अपनी तारीफ कली मुस्काई है,
दीवाना बनाती अपनी आँखों से यूँ,
यारों को मैखाने की लत छुड़ाई है…..

बहुत देखे हैं हुस्न वालों के लुभावने जुमले
अब तो वफाओं से भी वफ़ा करने का दिल नहीं चाहत

मुहब्बत को रोज़ कपड़ों की तरह बदलते देखा है
अब वफ़ा को बस बिस्तर पर दम तोड़ते देखा है

अधूरी ग़ज़ल

कितनी दूर तक चलोगे साथ ज़रा ये तो बता दो
बीच राह ही कहीं छोड़ तो न दोगे इतना बता दो…

बड़े सहे सितम दुनियां की सर्द हवा के अब तक
कहीं एक झोंका बन सहला तो न दोगे ये बता दो…

तस्वीर आँखों में लिए फिरते इधर उधर आजकल
सुरमें से आँखें सजा तो न लोगे इतना ही बता दो…

हर रात ख्वाब बन बन आते हो दीदार कराने को
हक़ीक़त को कहीं ख्वाब बना तो न दोगे बता दो…

बहुत शौक़ है न दिल तोड़ मुस्कुरा ना कहने का
रुक्सती में ज़नाज़े पर अश्क़ बहा न दोगे बता दो…

 


तेरी मुस्कुराहटों में इक कशिश है जो मेरे गमों को ले उड़ती
सोचता कुछ ऐसा कर जाऊं तू मुस्कुराती रहे मैं देखता रहूं

मना किया था आखिर चले गए न
दो चार की वजह से सब को छोड़ गए न
दुनियां पहले समझी जो समझती
क़द्दर थी जिन्हें उन का दिल तोड़ गए न

एक हसीना के ही होकर रह गए हो
दायरों में क्यों सिमट रहे हो
खुली हवा में साँस लो दुनियां हसीं है
हम भी खड़े हैं ज़रा देख लो

इक बार आजमा कर तो देखते अपने हक़ की हद
मेरी सांसों मेरी रूह पर जाने कहाँ कहाँ तेरा हक़ हैकुछ तो होती वजह यूँ ही कोईं बेवफा नहीं होता
दिल में होता इक़रार बाहर से बेक़रार नहीं दिखता

रूठ बेशक तू कल भी मेरी थी आज भी कल भी रहेगी
देखना एक न एक दिन तेरी डोली मेरे घर को ही उठेगी

Love is passion for those
Who think love is KHEL

बहुत खूब हैं उनकी मुहब्बत में रियायतें
कम से कम Lockdown में Chatting तो कर लेते

इश्क़ में जां देना आसाँ
किसी की याद में जीना इश्क़ की इबादत है
वो लोग और थे यारो
जिए यार-ए-ख्वाहिश जानते वो गैर अमानत है

क्या खूब है लफ़्ज़ों की करामात जो मिली खुदा से,
कम ही हुए इस ज़हान में नसीब हो जिन्हें नज़राना,
बस दुआ रब्ब से यही इन लफोन को परवान मिले,
तुम सलामत रहो और सलामत रहे अंदाज़-ए-शायराना

ये ज़मीं ये आसमां सब मिल जाएँ.!
गर एक साथ जो तेरा मिल जाए.!!

“लम्हें”


खुनसुरत प्यारी दिल की दुलारी,
दिखती चाँद सी लिखती कमाल
दिल की मिठ्ठी है सब से निराली,
जब से आई मचा रखा है धमा

लोग कब अपने हुए बातों को बनाया भूल गए
मगर तेरा मेरा अफसाना दुनियां दोहराएगी बाद भी

अपने दिल के आँगन झांक कर देखना इक फूल अब भी खिला
किसी के प्यार की निशानी है बेशक उसे कभी तेरा प्यार न मिला

अपने सवालों को देदे मुझे और जवाब ले ले
वो दोस्त क्या जो मुश्किल वक़्त काम न आये

ये कम्बख्त मेहबूब भी चाय की तरह है
सुबह उठते ही इसकी तल्ब हो.जाती है

With the flying wind someone smells your words and knew what you said…..

ये सच है कोई किसी
के बिन नहीं मरता,
पर किसी ख़ास से
बिछड़ कोई बस जीता
न उम्मीद की बस्ती में
उम्मीद लिए रहता,
कब हो जाये खुदा
मेहरबाँ इसिलए जीता

जब गर्दिश-ए-हवा चली जिन्हें तकिया बना सोया करते थे,
वही टहनियां झूम झूम कर गैर हो साथ छोड़ गई

पकड़ा जो अब ये हाथ मर कर ही छूटेगा
लकीरें कुछ कहें उम्र भर साथ न छूटेगा

बेशक अगर साथ देने का वादा करो
उम्र भर की मुहब्बत फिर हमसे लेलो
बाँहों का तकिया बना के रखेंगे करीब
गम दे अपने खुशियां तुम हमसे लेलो

हाय रे हुस्न और उसकी अदाएं
नाक पे गुस्सा और लेती बलायें

वो मगरूर लड़की थोड़ी नकचढ़ी पर दिल की अच्छी
आखिर अंजाम तो यही होना था प्यार उसे होना ही था

उधर तू परेशां इधर हम भी हेरां
उफ़ ये रात कैसे कटेगी तन्हा

अपने अपने दायरों में रहो तो
ज़िन्दगी अच्छी गुज़र जाती है

Tumko bhul gya ha dil magar
Tum ho raato ko bhi sone na dete

Dil lgaya tha ik hoor se
Mil gya dard shayri ke liye.

दिल क्या रूह में इस तरह बसें हो
जान निकलने बाद ही भुला पाएंगे

लौट कर गर आ जाते जाने बाले तो याद कोई रखता ही क्यों.!
दीये की रोशनी की एहमियत दीया बुझने बाद ही हुआ करती.!!


 

किस बात की सज़ा मिली मुझे यार
किसी को चाहना क्या खता है यार
कहे मुझसे खुश रहा करूँ हर वक़्त
सोच तेरे बिन कितना गरीब हूँ यार
दिन गुज़रता है बस किसी तरह से
तन्हा रातों के साये बड़ा डराते यार
वो तेरी खनकती चूड़ियाँ प्यारी बातें
कहीं कोई ख्वाब देखा तो न था यार
तुम्हारे दिल में बस कर रहूं ये आरज़ू

या निकले आखिर साँस तेरे दर यार

मुस्कुराहटें होंठों की कभी कम न होने देना,
ज़माने का क्या कब फूल बरसाए इसने
ज़िन्दगी का क्या है कब कब हुईं किसो की,
वक़्त कैसा भी रहे होंसले न टूटने देना

ये सच है झोपडी में मिलती खुद्दारी की झंकार मगर कुछ महल भी अछूते नहीं
बईमानों की भीड़ भरी महफ़िल में ईमानदारी की चीखें कहाँ सुनाई देती

गर दौलत में दम होता तो अमीर कोई परेशान न होता
लग जाती कतारें गरीब की शाम में कोई स्थान न होता

मैं और तुम मिलकर आओ
एक नया जहाँ बना लें
जहाँ हमारे सिवा कोई दूजा न हो

इतने बुरे भी न जितना तुम ने मान लिया
तुम्हें पसंद किया क्या हमनें गुनाह किया

शुक्र है खुदा का कुछ एहसास तो हुआ
वरना खामखा पत्थर से सर टकरा रहे थे

जीवन के इस मोड़ पर
निकले उम्मीद संजो कर
शाम बाद सुबह भी होती
अंधेरों का दामन छोड़ कर

पर कुछ ऐसे भी होते एक तरफ़ा दोस्ती पर रिश्ते निभवाते
एक बार मुंह सूज़ा लें तो लाख मिन्नत बाद भी कभी न मानते

अपने ख्वाबों से कह दो मुलाक़ात की ज़िद्द न करें
दीदार बाद ख्वाबों की ख्वाहिशें और बढ़ जाती हैं

वक़्त की नज़ाक़त मि किस ने कब की परवाह?
मेहबूब के आने का कब किया इंतज़ार
वो दिन और हुए जब मुहब्बत पाक साफ थी,
अब तो हर दिन इजहार हो फिर इंकार

किसी को हम से दिकत हो
ये कह नहीं बचना हमे क्या
मैं खुली किताब की तरह हूँ
आ एक बार पढ़ कर तो देख
गुज़रता ही नहीं इक pal इनके बिना
जो थे कभी दिल के करीब
वो ज़िन्दगी से कुछ ऐसे गए लगने लगा
हम हो गए हैं गरीब

अपने बीमार के लिए
नर्स माँ जैसी होती है
दिन रात सेवा करती
मगर मांगती न कुछ

गुज़रता ही नहीं इक pal इनके बिना
जो थे कभी दिल के करीब
वो ज़िन्दगी से कुछ ऐसे गए लगने लगा
हम हो गए हैं गरीब

अपने बीमार के लिए
नर्स माँ जैसी होती है
दिन रात सेवा करती
मगर मांगती न कुछ

काश इस गधे से तुझे प्यार हो जाये तेरा सरनेम बदल जाये
घूमें जब नन्हे घर आँगन तेरे लबीं मेरा असली नाम आ जाए

जो रुस्वाई करे यार की
वो मुहब्बत क़ाबिल नहीं
हमनें चाहा ज़माने से छिपा
किसी और के तल्बगार नहीं

मुहब्बत खुदको करनी न आई बेवफा हमें बना दिया
क्या गया हमारा खुदको सर-ए-बाजार रुस्वा करा लिया

ये इश्क़ है जनाब अव्वल तो होता नहीं
और अगर हो जाये अच्छे अच्छों का दिनाग हिला दे

काश सीख लेती पैग बनाना छोड़ देता वो बोतल उठाना
खूब करता तेरी आँखों से नशा चाय भी पीता जां लुटाता

न छेड़ दिल के अरमानों को बहक गया तो सितम होगा
न जाने फिर किस गली रौशनी कहाँ कहाँ अँधेरा होगा

मुहब्बत कोई लुक्का छिप्पी नहीं
करि और पतली गली हो लिए
दो दिलों का मेल उम्र भर का साथ
जो टूटे मौत के ही बाद

यूँ मुहब्बत को सर-ए-आम न कर,
बदनाम हो जायेगी ये काम न कर
यही जीवन आना जाना लगा रहता,
भूल उसे अपनों के कुछ काम कर

जब मिलने रूबरू न आओगे तो ख्वाबों में ही आ तड़पाएँगे?
दिन में जितना तड़पाते तरसाते हिसाब कुछ यूँ ही चुकाएंगे

पहले मुहब्बत दिल से होती थी इसिलए तो अंधी थी
दिमाग अब नाप तौल प्यार करे हक़ीक़त में व्यापर करे

उन्हें बड़ा नाज़ था खुद पर और अपना दिल न देने पर
इक दिन कोई बंजर ज़मीं पर फूल खिला दीवाना बना गया

बहुत शौक है बेवफा बेवफा कहने
पानी में आग लगाने का
कोई न गर हो गई मुहब्बत याद करोगे
तकिया भिगो भिगो

देखो देखो दिए की लौ कैसे टिमटिमा रही,
शायद मुझे ज़िन्दगी का सबक सिख रही,
इक दिन जो रोशन है जीवन बुझ जानी लौ,
आने वाले वक़्त का अहसास करा रही l
प्यार हमनें तो किया था उम्र भर का
साथ निभाने के लिए
गर्दिश-ए-हवा यूँ चली तिनका तिनका
हो सब बिखर गया


 

इससे पहले किसी और का हो जाऊं आ कर मिल..
मौत को अपनी दुल्हनियां बनाऊं आ कर मिल..!

न खेल आग से शोला हूँ मैं जल जाएगी..
अमानत मैं किसी की उम्र भर पछताएगी..!!

अजीब है यारो दुनिया छत पर चढ़ ताली तो बजाती..
वक़्त गुज़रे बाद उन्ही को Hate u कह मान बढ़ाती..!!

रात ये कह कर छेड़ती अबतो तन्हा ही बितानी होगी…
चैन से सो ना सकेगा खवाबों में उनकी तस्वीर सताती रहगी..!!

इक शौक सा हो गई आज उल्फत,
यहाँ पल हर पल आशिक़ बदलना जारी..
वो वक़्त गुज़रा जब मुहब्बत खातिर,
मीरा ने ज़हर पिया फरहाद ने जां लुटाई..!!

तेरे माथे की बिंदिया मेरे दिल का चैन चुराती..!
यही जीने की उम्मीद होने का अहसास कराती..!!

एक मुहब्बत ही नहीं सब कुछ जीने के लिए,
पीछे कई अपने और उम्र भर रोने के लिए..
सोच उनका जो यहाँ तक लाये उन्मीद पाले,
कुछ फ़र्ज़ नहीं क्या उनके सपनों के लिए..!!

जबसे तुझ संग अखियां हैं लड़ी तनहा दिल बहुत सोचता है..
क्यों बेचैनी सी रहती नींद न आती क्या प्यार ऐसा ही होता है..!!
Gazzl

जीवन की कंटीली राहो पे हिम्मत कर बढ़ जाना तुम..
बुरे हैं बेशक माना मगर कभी हमें भूल न जाना तुन..!

कुछ हम पागल कुछ तुम दीवाने अब मान भी जाओ..
बीती बातें भुला खवाबों में लाला हमें मुस्कुराना तुम..!!

प्यार मुहब्बत सब खेल समझना फितरत नहीं हमारी..
क्यों कर भूल जाएँ हो मिला खुदा का नजराना तुम..!!

कुछ मजबूरियां तुम्हारी तो कई गम इस जीवन में भी..
सबसे निजात मिलती तुनसे जीने का हो बहाना तुम..!!

दुनियां मुंह मोढ़े चाहे तो रब्ब भी रूठे तुम साथ देना..
इन सांसों की अंतिम डोर तक बस न ठुकराना तुम..!!

 

 


 

Muhabbat gar pak ho majboori kyunkr..
Wafa Mazhab mein kb kaid rahi Yaara..!!

क्या खबर तेरी नज़रों की खता रही जो पढ़ न पाई सही से..
जो इधर थी वो जला गयी हो उसके घर को..!!

मुहब्बत गर अपना समझ करते..
खुदा कसम यूँ मजबूर न होते..!!

गर्दिश-ए-हवा इन दिनों कुछ ऐसी चली है..
ज़रा ज़रा काँपता शहर की गलियों में चलते..!!

कहते थे न भूलेंगे न छोड़ेंगे कभी भी साथ..
भुला बैठे वही आज जा गैरों की बाँहों में..!!

कोई गुंजाइश फ़िलहाल तो नज़र नहीं आती..
इश्क़ करते मगर इक़रार करने से डरते हो…!

Har kisi se Prem ki
Bhasha boliye
Khud bakhud Samne
wale ko Pyaar ho jayega

Koyi aisi harkat na krna
dil ka tootna lazim !
Ilzaam lgate rhoge un par
phir sambhlna mushqil !!
मुझ गरीब की बस्ती में आग लगा बता तुझे क्या मिला..
मांग ने सिंदूर गैर का मेरी वफाओं का अच्छा सिला दिया ..!!
आज की रात आना सनम
शिद्दत से इंतज़ार करेंगे..
कल चले जाना जाने कहाँ
फिर तुम कहाँ हम कहाँ..!!

दुआ रब्ब से यही अब मैं रहूं न रहूं वो रहना चाहिए..
जिसे दिल की गहराई में बसा पूजा चाहा है मैंने..!!
चिराग-ए-उल्फत जलाये बैठे हैं..
कब आओगे आँखें थक चुकी हैं..!!

जो इश्क़ को समझते हैं खिलौना वो क्या किसी का प्यार समझेंगे..
जान निकल जाये किसी की बस मज़ाक समझेंगे..!!

बात बात पर I Love Miss u कहने वाली
दिलरुबा लगती थी..
बाद में पता चला वो एक फरेब है
सब की दिलरुबा थी..!!
सबसे है मुहब्बत यहाँ किसी से बैर नहीं मुझ को…
जाना मुझे भी इक दिन सदा रुकना नहीं मुझ को…!!
Boy: I miss u😘
Girl: Why 😀
Boy: I need u🥰
Girl: Why😀
Boy: I love u💞
Girl: But I don’t😆
Boy: Now I want to die☺️
Girl: Go to hell😀😀(move with simle)

Why she’s smiling?

घर के चिराग ने अग्नि दिखाई
सूखी घास के घर को..
लोगों का क्या करे आग बुझा
देंगे दिल पर लगी कौन बुझाये..!!
पलट कर देखने अब किसी को यहाँ अब
चाहत नहीं रही..
बेवफा नहीं ज़माना मगर यक़ीन करने की
हिम्मत नहीं रही..!!
अपने होंठो की लाली से दिल चुरा रही हो..
मासूमियत से पूछती क्यूँ परेशान हो रहे हो..!!

ये मेरी शेर-ओ-शायरी ग़ज़लें महकती हैं तेरी सांसों से
तेरे ख्वाब है इनमें शामिल..
अब तू नहीं जीवन में तो ये दुनियां मेरे किस काम की..!!

न कर इतने सितम की मिल न सकें फिर..
खफा कसम तेरे बिन न जीने की खाई है..!!
यही दुनियां का चलन यहाँ अच्छों को बुरा साबित करते..
हर वक़्त ढूँढ़ते रहते औरों में अपनी बुराई दूर ना करते..!!
बहुत किया तेरा इंतज़ार यारा अब नहीं करना..
अच्छा किया मज़ाक मुझ संग अब नहीं रहना..!!

जब चारो और अँधियारा हो,
हर उम्मीद नाउम्मीद बन जाए..
बस दुआएं काम करती हैं,
जो सच्चे दोल से निकलती हैं..!!

अपनी दुआओं में शामिल रखना..
ज़िन्दगी रही तो फिर किसी मोड़ मुलाक़ात ज़रूर होगी..!!

क्यों बनाया इंसान
खून का रंग दिया एक सा..
फिर नफरत क्यूँ
बस खुदा से यही पूचंस है..!!

तेरी निगाहों में गुनहगार सही
चल कोई न..
खुश रहना
अब हम चलते हैं..!!

हर लम्हें का एहतराम करो..
ज़िन्दगी को यूँ सलाम करो..!!

मेरे घर की खिड़कियॉँ बँद
उन हवाओं के लिए..
जो तेरी यादों को ले उड़ें
तन्हाई देने के लिए..!!

या मेरे अल्लाह कैसी अदा
है इन हसीनों की..
रोज़ रोज़ गली से गुज़रती
नागा एक न करती..
मगर रुख से पर्दा हटा
चाँद का दीदार न कराती..!!
इससे पहले चले जाएँ आ कर मिलो..
फिर न कहना वक़्त रहते बताया न था..!!

मांगी हुई खुशियों से जना ज़िन्दगी बसर नहीं होती..
जो कोई अपनी ख़ुशी से दे वही तह उम्र साथ चलती..!!

किसी गैर के नहीं हुए
दिल धड़कता अब भी तेरे नाम से..
यक़ीन नहीं तो करीब आ
देख अपना चेहरा मेरी आंख में..!!

जो हाल उधर वो इधर भी,
कल रात ख्वाबों में आ बड़ा तडपाई..
तकिया कस कर पकड़ा,
फिर आँख खुली तू कहीं नज़र न आई..!!

संभाल के रख अपने सीने के दिल को,
अभी मैं बेवफा नहीं हुआ..
बेमतलब इलज़ाम न लगा जान-ए-जहाँ,
अभी तो प्यार शुरू ही हुआ..!!

तुम दूर हो मगर दिल के करीब हो बहुत..
कोई लम्हा ऐसा भी होगा खुदको करीब पाओगे..!!
तेरे मेरे दरमियाँ जो ये फासले हैं,
लगता जैसे सदियों के फैसले हैं..
न सुलझ सकेंगे ये ऐसे मसले हैं,
दिल के सुलगते ये कैसे हौसले हैं..!!

गर इरादे नेक हों होंसले बुलंद..
क़दमों तले मजिल आ ही जाती..!!

एक तेरी न से ज़िन्दगी में हैं दुश्वारियां..
वक़्त रहते संभल उम्र भर पछताएगी..!!

देख आईने में चेहरा इलज़ाम
और पर लगा गए..
शर्म-ओ-हया इतनी अपनी
परेशानियां न बता सके..!!

हर चहरे के पूछे,
उम्मीद है जिज्ञासा है,
ज़िन्दगी की शाम बेशक हो रही,
पर एक खूबसूरत सुबह जरूर होगी..!!

 

 

 

 

 

 

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