Author Archives: Ocean’s Waves

# Quote


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मैं अभी मरा नहीं हूँ.!! 


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सज-धज्ज रहा करो,
मैं अभी मरा नहीं हूँ.!
क्यों सजाती नहीं मांग,
मैं अभी मरा नहीं हूँ.!!

हसीं खवाब देखा करो,
अभी कई मुकाम बाकी.!
बेफिक्र हो रहा करो,
मैं अभी मरा नहीं हूँ.!!

दुनियां का क्या है यारा,
सबकी अपनी जागीर है.!
आईने से मुहब्बत रखो,
मैं अभी मरा नहीं हूँ.!!

कहाँ से कहाँ आये साथ,
सफर कितना सुहाना है.!
मालिक का शुक्र्र मना,
मैं अभी मरा नहीं हूँ.!!

तुम्हीं से हर एहसास है,
तुम्हीं”सागर“की शायरी.!
कई गीत-नग्में हैं लिखने,
मैं अभी मरा नहीं हूँ.!!

💞☘💞☘🍁🎭🍁☘💞 

दिल खिलौना समझते हैं.!!


इश्क़ से नहीं इश्क़ करने से डरते है,
हो जाए न इश्क बच-बच चलते हैं.!
यही अदा क़ातिल हसीनों की”सागर“,
दिल को बस खिलौना समझते हैं.!!

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Ishq se nahin ishq karne se darte hain,

Ho jaaye na ishq bach-bach chalte hain.!

Yahi ada qaatil haseenon ki “Sagar“,

Dil ko bas khilona samjhte hain.!!

 

Sam…


💞☘💞☘🍁🎭🍁☘💞 

मुक़द्दर में मिले अहसास को जानना होगा,
वो नहीं अब पास मानना होगा.!
क्यों करें शिद्दत से इंतज़ार उस खवाब का,
ज़िन्दगी को यूँही गुज़ारना होगा.!!
💞☘💞☘🍁🎭🍁☘💞

🙏😊 GOOD MORNING 🙏

आना मेरी मज़ार पर…


गर ज़िन्दगी में आप को कोई अच्छा लगे तो.!
वक़्त गुजरने से पहले उसे हाल-ए-दिल सुना दें.!!

अर्ज़ है:-

आना मेरी मज़ार पर,
अश्क ना बहाना.!
उम्र भर उड़ाया मज़ाक,
अब आदत ना बिगाड़ना.!!
आना मेरी मज़ार पर…

उस जिस्म पर क्यूं मातम,
जिसकी कभी जरुरत न समझी.!
मेरे बाद भी हँसते रहना,
अपने होंठों से हंसी ना मिटाना.!!
आना मेरी मज़ार पर…

कोई शिक़वा न मां-बाप से,
ना गीला खुदा से.!
बस एक ही आरज़ू मालिक से,
हर जन्म इन्हीं सबको मेरा बनाना.!!
आना मेरी मज़ार पर…

कमियां गिना-गिना यारो,
मुझे मजबूत बनाते हो.!
इस हुनर को तुम सब,
हर बार यूँही मुझ पर आजमाना.!!
आना मेरी मज़ार पर…

आना मेरी मजार पर....jpg

 

Of Course Bewafa ho…


Hum karein to khta hai,

Tum karo to ada,

Kya khub hai Tumhari muhabbt ka flsfaan.!

Khud sote ho chain se,

Akhiyon ki neend chura,

Subaha hote Takiye par ashkon ke nishaan.!!

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————// Talaash //———–“Sagar”


Mujhe raat ka malaal nahin.!
Iq nayi subaha ki talaash hai.!!
Jo badal sake meri zindgee.!
Us rehnuma kee talaash hai.!!

Meri zindgee kee kami hai wo.!
Jise chaha ke na bhula sakun.!!
Jo gaya tanha chod mujhe.!
Us bewafa kee talaash hai.!! 

Meri zustzoo hai meri aarzoo.!
Meri san s mein ek naam hai.!!
Jo banaye hai qaayanat ko.!
Use bhi Usi kee talaash hai.!! 

Us shahar ka bata kya karun.!
Jahaan har gali ek yaad basi.!!
Jo mila sake “Sagar” yaar ko.!
Us Farishte kee talaash hai.!!

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मुझे रात का मलाल नहीं.!
क नयी सुबहा की तलाश है.!!
जो बदल सके मेरी ज़िंदगी.!
उस रहनुमा की तलाश है.!!

मेरी ज़िंदगी की कमी है वो.!
जिसे चाहा के ना भुला सकूँ.!!
जो गया तन्हा छोड़ मुझे.!
उस बेवफा की तलाश है.!! 

मेरी ज़ुस्तज़ू है मेरी आरज़ू.!
मेरी सांस में एक नाम है.!!
जो बनाए है क़ायनात को.!
उसे भी उसी की तलाश है.!! 

उस शहर का बता क्या करूँ.!
जहाँ हर गली एक याद बसी.!!
जो मिला सके”सागर“यार को.!
उस फरिश्ते की तलाश है.!!

तलाश.!.!!


ये फ़िरोज़ाबाद की गलियां और उनमें तेरी तलाश.!
ज़िन्दगी जब तल्क रहेगी होगी बस इक तेरी आस.!!

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Ye Firozabaad aur unmein teri talkaash.!

Zindagi jab tlk rahegi hogi bas ir teri aas.!!

 

Sms…


बीमार हूँ मगर बीमार नहीं दिल मेरा,
जानता हूँ हसरतें दिल की दिल में लिए चला जाऊंगा.!
कहने को बहुत कुछ है पास अब भी,
खुदा जाने क्या कभी हाल-ए-दिल अपना सुना पाऊंगा.!!

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मायने…


हर इक आरज़ू से बेहतर है  तेरी इकआरज़ू.!
तू नहीं तो ख्वाहिशों के मायने क्या रह जाते.!!

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Har  ik  aarzoo  se  behtar   hai   teri   ik  aarzoo.!

Tu nahin to khwahishon ke maine kya reh jaate.!!

ये कैसी मुहब्बत है…..(Gazal)


तेरी दिल न लेने-देने की कोई वजह हो सकती है.!
मैं चाहूँ न तुझे ये मेरे दिल-औ-दिमाग का हक़ है.!!

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ये कैसी है तेरी मुहब्बत जो मुझ से दूर कर बैठी है.!
इतनी भी कोई खता न की है जो मुंह पहला बैठी है.!!

ज़िन्दगी का क्या है भरोसा ज़रा इसे भी याद रखना.!
कहीं बेहतरीन वक़्त को जायां तो नहीं कर बैठी है.!!

कोई शेर ऐसा ना लिखा तेरे दिल को को तोड़ जाए.!
फिर किस बात को जान-ए-जहाँ दिल लगा बैठी है.!!

कोई रात ऐसी न गुज़री तेरी याद में करवटें न बदली.!
सूरत दिखा अपनी इस तन-बदन आग लगा बैठी है.!!

प्यार में गर कोई कमी की हो तो बता न”सागर“को.!
क्यों बेवजह धड़कने “सागर” दिल की छीन बैठी है.!!

कहकशां…!!


(1)

तेरे ख्यालों  सिवा  मेरा तस्सव्वुर नहीं.!
बता कोई और तस्वीर फिर देखूं कैसे.!!

(2)

किसी भी इंसान को हक़ नहीं दूजे पर अपनी ही कहनासागर”.!
आईने के आगे खुद को खड़ा कर देखिये कितने पाक-साफ़ हैं.!!

(3)

बहुत कमजोर है दिल मेरा,
यूँ ना बोलिये.!
किसी काम का नहीं हूँ,
यूँ न तोलिये.!!!

Your Pic…


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तू नहीं तो  क्या  तेरी तस्वीर ही काफी है,
तेरी कमी भुलाने के लिए.!
हसीं चेहरा पतली कमर सुराहीदार गर्दन,
यारों को तड़पाने के लिए.!!

For You…


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ज़िन्दगी तुझ संग कोई शिकायत नहीं,
फिर शिक़वा करूँ किस बात का.!
नहीं रास आती गर तुझे अब बातें मेरी,
अब मैं चर्चा करूँ किस बात का.!!

गिला तुझे होगी मुझ संग ज़रूर कोई,
इसमें शुबा नहीं किसी बात का.!
गलतफहमियां बढ़ाती दिलों में दूरियां,
वरना शिक़वा है किस बात का.!!

गर मुहब्बत नहीं किसीसे आ बात कर,
अपनों से राज किस बात का.!
मेरी सांसों में बसी तेरे तन की खुशबू,
मुझे नाज़ इसी इस बात का.!!

तेरी आँखें…


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ये जो तेरी उलझी सी आँखें हैं,
खुदा कसम जीने नहीं देती.!
ना देख इन्हें जीना चाहा बहुत,
क्या करूँ भूलने नहीं देती.!!
ये जो तेरी…

मदहोश कजरारी प्यारी-सी हैं,
मगर उम्मीद जगाये रखती.!
इक पल भी ना देखूं अगर तो,
चैन से रहने ही नहीं देती.!!
ये जो तेरी …

बेक़रारी ख्यालों में जब बढ़ती,
धड़कने बंद होने-सी लगती.!
गुज़रे लम्हों की यादें सताती हैं,
तस्वीर निकलने नहीं देती.!!
ये जो तेरी…

Thanks…


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ये सुबह भी ख़ास है,
गुज़री हुई हर सुबह की तरह…!!
शुक्रिया मालिक तेरा,
इक और दिन बक्शने के लिए…!!!

Morning Message.!!


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तुझसे मुहब्बत न करूँगा तो न जी पाऊंगा.!
तेरे बिन जहाँ में मैं कहीं का न रह पाऊंगा.!!

गर शिकवे तुझे हैं मुझ से मुझे भी हैं बहुत.!
तुझे शिकायत न करूँ किसे सुना पाऊंगा.!!

एक ही है जान माना तेरे चाहने वाले हैं कई.!
मिली न गर तो सोच कहीं का न रह पाऊंगा.!!

फल्क़ सितारों में रोशन नहीं दूजा महताब.!
बता कहाँ से किसी संग आँख लड़ा पाऊंगा.!!

यूँ ना रूठ दीवाने “सागर” से जान-ए-जहाँ.!
तड़प-तरस के देखना एक दिन मर जाऊंगा.!!

तेरी तस्वीर…


मेरी खामोशियों को मेरी कमजोरी न समझ ए दोस्त.!
ये तो मेरी मुहब्बत जो तुझे रुस्वा करना नहीं चाहती.!!

छुप-छुप कर अपनी दिली ख्वाहिशों को पूरा न कर.!
वफ़ा खुदगर्ज़ नहीं तुझे बंदिशों में रखना नहीं चाहती.!!

तेरी तस्वीर में तेरे लबों पर हंसी बड़ी हसीं लग रही.!
मेरी उल्फत तेरे होंठों से खुशियां चुराना नहीं चाहती.!!

प्यार किया तुझ से क्यों न दुआओं में शामिल करूँ.!
दिल की धड़कनें तुझे दिल से जुदा करना नहीं चाहती.!!

कब की है अपना बनाने की ज़िद्द जो खफा हो बैठी.!
कैसे मनाऊं क्या है खता बता तूं मुझे क्यों नहीं चाहती.!!

16

Good Bye…


जिस दिन भी करोगे याद अपने करीब पाओगे.!
ज़िद्द कर शायद “सागर “को कहीं खो जाओगे.!!

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इलज़ाम”सागर“सर रख,
तू जो यूँ यहाँ से मुंह फेर जायेगी.!
क्या खुदगर्ज़ समझा है,
देखना अब दुनियां में ना पायेगी.!!

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Ilzaam “Sagar” Sar Rakh,

Tu Jo Yun Yahan Se Munh Pher Jayegi.!

Kya Khudgarj Smjha Hai,

Dekhna Ab Duniyan Mein Na Payegi.!!

 

वफ़ा में शामिल व्यापार की बातें.!!


ढूंढे से नहीं मिलते कैयस के नग्मे लैला के वादे,
शीरीह के इरादे फरहाद की बातें.!
आज सब बिकता दिल बिकता ज़ज़्बात बिकते,
वफ़ा में शामिल व्यापार की बातें.!!

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Dhoonde se nahin milte Kaiys ke ngmein Lailla ke wade,

Sheerihi ke iraade Farhad ki batein.!

Aaj sab bikta dil bikta zazbat bikte,

Wafa mein shamil Vyapar ki batein.!!

Morning Message…


इक हसीं ख्वाब से कम नहीं हो,
रात करीब होते.!
सुबह होते ही बहुत दूर चले जाते,
बड़ा तड़पाते हो.!!

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Ik haseen khawab se kam nahin ho,

Raat kareeb hote.!

Subaha hote hi bahut door chale jate,

Bada tadpate ho.!!

तुझ से बेहतर हैं कई मेरे पास.!!


वो दिन गुज़रे जब रात-रात भर जाग तेरे ख्यालों में,
अपनी शायरी की मलिका तुझे बनाया करते थे.!

आज तुझ से बेहतर हैं मेरे पास कई हुस्न वाले देख,
जो कभी करीब आने को तरस जाया करते थे.!!

2

तेरे बिन.!!


तेरे बिन ज़िन्दगी के गर मायने होते,
खुदा कसम जी लेता सह सारे रंज-औ-गम.!
तू हो तो हर मौसम में होती बहार,
ज़िन्दगी खिली रहे जैसे की बहार-ए-चमन.!!

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Tere bin  zindagi  ke  gar  maine hote,

Khuda kasam jee leta sah saare ranj-o-gam.!

Tu ho to har mausam mein hoti bahar,

Zindagi khili rahe jaise ki bahar-ey-chaman.!!

इश्क़.!!


तेरे हुस्न की नज़ाकत देख,
खुदा भी शायर हुआ.!
लिख गया ग़ज़ल तेरे नाम,
इश्क़ में घायल हुआ.!!

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Tere Husn Ki Nazakat Dekh,

Khuda Bhi Shayar Hua.!

Likh Gya Gazal Tere Naam,

Ishq Mein Ghayal Hua.!!

सिला.!!


तुझे चाहने का क्या खूब सिला मिला,
जां निकली जिस्म से लबों उफ्फ न कहा.!

फिर भी  बदनाम  हुवे  सारे शहर में,
तेरे सिपाहा-सलाहकारों ने बेवफा कहा.!!

9

Tujhe chahne ka kya khub sila mila,

Jaan nikali jism se labon uff na kaha.!

Phir bhi badnam huve sare shahar mein,

Tere sipaha-salahkaron ne bewafa kaha.!!

 

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