“लम्हें'”


खुश रहो होंठों पर यूँ ही चंचल मुस्कान रहे..
हमनें तो अब चले जाना है आप सलामत रहे..!

लाख कोशिशें इंसान करे अपने हाथ कुछ नहीं.
होता वही है यारो जो मजूर-ए-खुदा होता है..!!

गर पाक वफ़ा के इरादे हों जिस्म किस काम का ..
शक्ल सूरत से नहीं मुहब्बत दिलों से दिल का मिलन है …

प्यार तो बाहर किया है मगर तुम ने,
एतबार न किया..
नफरत की ज़लील किया अफ़सोस,
प्यार न किया…

Girl kitna bhi Na Na kare..
❤ Ek din de hi Jaati hai…

काश तुम वो न करते जो कर गए..
हम गुनाह न करते जो कर गए..

दिल कहता है तुम यहीं करीब हो फिर भी मिलने से घबराते हो..
क्या बात है दिल में कह दो कहने से क्यों कतराते हो..!
ये मुहब्बत का असर है हज़ूर..
देखिये दिल सीने में है की नहीं..!

वादा निभाने की बातें उनके मुंह अच्छी नहीं लगती..
ना आएं वक़्त पर उनकी कसमें सच्ची नहीं लगती..!
जीना मरना तो वो देता है
और मिलन भी..
गर मुक़फ्दर में होगा मिलन
कोई न रोक पायेगा..!

About Dilkash Shayari

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Posted on May 11, 2020, in Shayari Khumar -e- Ishq. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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