“लम्हें”


95. पहचान हो उसकी जिसके काम पहचान क़ाबिल.!
कोई नेक कर कोई बदनीयती कर नाम कमाता.!!

96. बात सही मगर उनका क्या करें जो हर शै में सवाल देखते.!
खुद तो होते मतलबी”सागर“औरों को भी खुदगर्ज़ समझते.!!

97. मैंने पल-पल तेरी ख़ाहिश की थी./
बेवफा हो पहले न निकल सकी.//

98. इतना ज़ोर-ज़ोर से न हंसा करो,
कुछ पड़ोसियों की भी लिहाज़ किया करो./
बेचारे दिन-रात तरसते होंगे मान,
कलेजे ‘सागर’ पर छुरियां न चलाया करो.//

99.10% प्रतिशत का रिवाज़ चला है,
हुस्न को भी शामिल कर लो यारो./
सविंधान संशोधन झट हो जाएगा,
आँख मरुओं की कमी नहीं यारो.//

100. देर से आई चल कोई बात नहीं क्या हुआ “सागर“./
हुस्न गर जल्दी आये तो नज़ाक़त कम न हो जायेगी.//

101. तुझे दुनियां से ज़रा भी फुरसत न मिली.!
शायद वजह रही मुझ से मुहब्बत न हुई.!!

101. हो सके तो कभी तस्वीर से निकल बहार आ जाना.!
देख तड़पे है ढूंढे गली-गली शायर “सागर” दीवाना.!!

102. दिल टूटना-जुड़ना है ज़िन्दगी की रिवायत,
कुछ ऐसे भी टूटे तो टूटते गए.!
मुक़म्मिल मुहब्बत किस – किसे मिले यहाँ,
सागर“किनारे भी यहाँ टूट गए.!!

103. गर तेरा इरादा नेक मिले जल जाना भी क़बूल यारा।/
इक बार हाँ कर देख उठा लाएगा घर से ये आवारा।//

104. किसी और को लिखे प्यार के अफ़साने क़बूल नहीं इस दिल को.!
या सिर्फ और सिर्फ मेरी बन जा नहीं छोड़ दे नादान की दिल को.!!

105. संभाल अपने दिल को सूखे पत्तों-सा न बना अभी”सागर“जिन्दा।!
जब तल्क़ हैं सांसें जिस्म में तेरे साथ चलेगा बाद तो बस शर्मिंदा।!!

106. मरजावां-मिटजावां तेरी इंग्लिश ते,
कि पता क्या-क्या लिखा था.!
चल यक़ीन कर लेता हूँ फिर भी,
न कहना यक़ीं किया न था.!!

107. क्या करूँ उस चाँद  का  जो अपना न हो सके.!
सितारों माफ़िक़ दिल तुड़वाने की आदत नहीं.!!

106.मेरी आँखों की नमीं न देख,
खुद को संभाल ज़रा.!
तेरी सलामती ही”सागर“का,
आखिरी सहारा है.!!

109. हर वक़्त खुदा से मांगना “सागर“अच्छा नहीं होता.!
खुदा अपने बन्दों को बिन मांगे ही नवाज़ता रहता.!!

110. ख्वाहिशों का गुल-ए-गुलशन है ज़िन्दगी,
इक ख़त्म दूजी उमड़ आती.!
जब तलक है जान यूँ ही गुज़री “सागर”
फिर भी कोई कमी रह जाती.!!

111.चाँद नज़र आ अनजाने ही कुछ याद करा जाता.!
चोरी-चुपके से मेहबूब की मुलाक़ात करा जाता.!!

112.हज़ूर खबर दिल को भी इतना हसीं चेहरा Fake नहीं हो सकता
जिसे रोशन खुदा करे वो नूर “सागर” कभी बेनूर हो नहीं सकता

113. क्यों औरों में तलाशते ‘सागर‘ वफादारी की बातें.!
गर खुदको ही संभाल लें दुनियां सुहानी लगती है .!!

114.दर्द न समझोगे मुहब्बत क्या खाक जानोगे.!
ज़हाँ को उल्फत से झुका दें ऐसे सौदागर हैं.!!

115.रात भर जागें भी और इलज़ाम भी सर लें
ए चाँद तेरी ये आदत बेईमानी है.!
बेहतर था “सागर” सो ही जाते निर्मुहे चाँद
को तड़पाने की बात सायानी है.!!

116.कुछ ऐसे वफादार होते जो वक़्त के साथ बदल जाते.!
ये भी सकूँ की बात है वक़्त रहते ऐसे से सम्भल जाते.!!

117.तू कभी चाहे मुझे दिल की.
ख्वाहिश है यही.!
तुझे खुदा समझ अपना तेरी,
इबादत की है.!!

118.तन्हा-तन्हा न कटे दिन का क़रार.!
गर साथ तेरा मिले हो दिलको सकूँ.!!

119.मेरे शेरों को इतनी सी मुहब्बत देदे.!
💘💘💘💘💘💘
तुझे याद आऊं क़यामत के दिन भी.!!

120.यूँ बात-बेबात खुदा से दुआ करना-मांगना ठीक नहीं है.!
वो मालिक ज़हाँ का जो भी करे उस में कोई रज़ा होती.!!

121.तन्हा वो होते जिनकी
ख्वाहिशों की इंतहां नहीं होती.!
यहाँ तो शे को खुदा की रज़ा समझ
क़बूल क़बूल क़बूल किया.!!

122.दीवाना कह कर हमें कब तल्क़ दर्द-ए-दिल छुपाओगे.!
कहीं ज़िक़्क़र हो गया हमारा अश्क़ कैसे रोक पाओगे.!!

123. वक़्त चाहे कैसा भी गुज़रे यारो हर हाल में खुश रहिये.!
भलाई इसी में है  खुद  खुश रहो औरों को भी रखिये.!!

124.काश वफ़ा हमारी का एतेबार किया होता.!
वजह कोई न होती फिर इंतज़ार करने की.!!

125. कमी मुझ में  न  थी कमी तुझ में भी न थी.!
ये तो वक़्तिया हालात थे जो दूरियां हो गई.!!

126. कम्बखत दिल है के मानता नहीं
कितना समझाओ फिर भी सुनता नहीं.!
आ जाए गर किसी पर तो बेरहम
अपने दिल की कभी बात मानता नहीं.!!

127. तेरी अदाओं की ख़ता जो दिल गैर दिखाता.!
हकीकत ये है तुझे प्यार बहुत ज्यादा करता.!!

128. दर्द-ए-दिल गर यारों का महसूस न किया होता.!
तो लब पर तब्बस्सुम को हरदम बिखराया होता.!!

129. कुछ लम्हें ऐसे भी गुज़रें ज़िन्दगी में यादों का हम साया बन जाएँ.!
अपने कही धुंधली यादें न बन जाएँ कमरे में कैद करलो ज़िन्दगी.!!

129. शुक्र खुदा है का कुछ तो क़बूल तो किया.!
वरना उम्मीदों का दामन छोड़ ही चुके थे.!!

130. इस दिल से मुहब्बत की आरज़ू न कर.!
और होंगे जहाँ उल्फत के फूल खिलते.!!

131. मुद्दत से तमन्ना थी कोई तुझ सा हसीं मिले
मिले तो सही मगर तुम मिले देर से.!
वक़्त साम्भै भी संभलता नहीं यहीं रीत है
सांस जाने को है आये ज़रा देर से.!!

132. हुस्न के आगे हर कोई यारो हो जाए बेहाल.!
वक़्त आता इश्क़ का भी दिल ज़रा संभाल.!!

About Dilkash Shayari

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Posted on July 3, 2019, in लम्हें. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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