Sms-ग़ज़ल 


Sms-ग़ज़ल 

भेजे हुए Sms दिखा तो न दोगे.!
ज़माने में रुस्वा करा तो न दोगे.!!…

पहली बार लगी आँख किसीसे.!
ज़हान से खफा करा तो न दोगे.!!…

मिलती है वफ़ा बमुश्किल यहाँ.!
हंसीं-हंसीं में ही उड़ा तो न दोगे.!!…

दुशमन-ए-मुहब्बत सारा ज़हान.!
हाथों से लकीरें मिटा तो न दोगे.!!…

मज़हब-जाति में कैद हुई वफ़ा.!
रिवाज़-ए-परवाह करा तो न दोगे.!!…

न हुए”सागर“के न होंगे गैर के.! 
बाद कोई सेज़ सजा तो न दोगे .!!…

About Dilkash Shayari

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Posted on June 10, 2019, in Shayari Khumar -e- Ishq. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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