“लम्हें”


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1) दावत-ए-इश्क़ ने तेरा तलबगार बनाया.!
यूँ और भी कई हुस्न वाले यहाँ रहते थे.!!

2) न कर ऐसी तैसी इक दिन चाय पर भुला तो देख
क्या पता तुझे भी किसी से इक़रार हो जाए.!

बहुत गुमाँ तुझे दिल न देने-लेने पर जान-ए-जिग्गर,
दुआ”सागर“की तुझे भी प्यार हो जाए यारा.!!

3) सच है मगर कितने हैं वादा-ए-वफ़ा निभाने वाले.!
अब”सागर“लोग इश्क़ करते मशहूर होने खातिर.!!

4) कौन कहता है बेवफा हैं “सागर“.!
काश दिल में झांक कर तो देखते.!! 

5) अलफ़ाज़ दिल से निकालें,
अब वो ज़माना कहाँ रहा”सागर“.!

लोग किताबों से पढ़ कर,
मुहब्बत जताने के ज़ज़्बात ढूंडते.!! 

6) ये इत्र नहीं तेरे तन की खुशबू है,
जो मिल मेरी सांसों तेरी रूह में समाई.!

सागर” अपनी-अपनी खुशनसीबी,
किसी को ज़न्नत कहीं मिली जग हंसाई.!! 

7) गर इतनी जल्दी हार मान जाओगे,
दिल की कैसे फिर बताओगे.!

अज़ी इश्क़ तो यूँ ही इतराता है,
भाव खाओ फिर न पछताओगे.!!

8) इश्क़-विश्क की बातें अब रही न ज़माने में .!
सागर“दिल लगते हैं महज़ दिखाने के लिए.!!

9) सागर” अभी देखी कहाँ मुहब्बत की कसक.!
जब दिल लग जाएगा देखना दिल की कसक .!!

10) कच्ची उम्र है अभी यूँ इश्क़ की आरज़ू न कर.!
यहाँ भँवरे कई रूह को चाहने वाला न कोई .!!

11) ये अपनी बदनसीबी नहीं तो और क्या था.!
जिसे चाहा जी भर वही दूर होता चला गया .!!

 

 

About Dilkash Shayari

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Posted on June 6, 2019, in लम्हें. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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