बढ़ गईं थी धड़कने जो उन संग मिले थे…


प्यार में पहले दिन जो उन संग मिले थे,
बढ़ गईं थी धड़कने थम गया समां था.!

ज़ुबाँ से कम हुई नज़रों ने ज्यादा कही,
जैसे कई जन्मों की पहचान पुरानी थी.!!
प्यार में पहले दिन…

आवारा जुल्फें गालों को छेड़ रही थी,
शर्म- ओ- हया से नज़रें झुक उठ रही.!

कैसे गुज़रा वक़्त ज़रा भी न खबर हुई,
वादे- कसमें खाई वही बात पुरानी-सी.!!
प्यार में पहले दिन…

सागर“यूँ तो जीवन भूली-बिसरी यादें,
मगर कुछ ऐसी भी चाह न भूली जावें.!
कुछ उन से ऐसा अपना भी मिलना था,
वफ़ा- वादों की यही अपनी कहानी थी.!!
प्यार में पहले दिन…

About Dilkash Shayari

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Posted on April 19, 2019, in Nagama-e-Dil Shayari. Bookmark the permalink. 2 Comments.

  1. अपने अंदर अच्छा महसूस करने के वादे को पूरा करने जैसा कुछ नहीं। इसी से प्यार का जश्न मनाया जाता है।
    apane andar achchha mahasoos karane ke vaade ko poora karane jaisa kuchh nahin. isee se pyaar ka jashn manaaya jaata hai.

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