Happy Teddy Bear Day 10 Feb 2019


दिल की गहराईयों से लिखी ये ग़ज़ल खास मौके के लिए…
जाने ज़िन्दगी में दोबारा वक़्त मिले न मिले…
अर्ज़ किया है…

तेरे शहर से वाकिफ फिर भी अंजान बना हूँ… 

ssemras2 

वाकिफ नहीं ज़रा भी मेरे रंज-औ-गम से ./

तभी तो मुझ पर तुम  इलज़ाम लगा रहे हो .//

बुझता हुआ दीया हूँ तुझे कैसे समझाऊँ ./
कुछ दाग ऐसे होते  जो दिखाए नहीं जाते .//

मुझे शौक़ नहीं है तुझसे दूरियां बनाने का ./
मजबूरियां मेरी भी क्यों खामखा मुंह चढ़ाते .//

रस चूस उड़ जाऊँ ऐसा भंवरा नहीं हूँ मैं ./
चेहरे पर यूँही तुम शिकन चढ़ाये हो जाते .//

उल्फत में सब पाना ही हासिल वफ़ा का ./
ऐसी खुदगर्ज मुहब्बत का सबक क्यों पढाते .//

बहुत शौक है न तुझ को चेहरा देखने का ./
आइना देख लेना मेरे अक्स हैं नज़र आते .//

जाते हुए लम्हों पर एतबार न किया करते ./
गुज़रे को वापिस आने की आदत कहाँ होती .//

तेरे शहर से वाकिफ फिर भी अंजान बना हूँ ./
राज़ जान जाते गर मुझे बेवफा बता न पाते .//

कुछ होती वजह यूँ कोई बेवफा नहीं होता ./
इश्क़ इबादत खुदा की यहाँ बुत हैं पूजे जाते .//

ishq 2.jpg

About Dilkash Shayari

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Posted on February 10, 2019, in Ghazals Zone, Shayari Occasion Zone. Bookmark the permalink. 3 Comments.

  1. Ramyani Bhattacharya

    Waah. Bahut achaa. 🙂

    Liked by 1 person

  2. Aajkal tabiyat jyada khrab hai bed pr lete lete jo bhi khyal aaye likh diye…aapko pasand aaye shukriya…Ramyani ji.

    Like

  3. Ramyani Bhattacharya

    😊

    Like

Comments / आपके विचार ही हमारे लिखने का पैमाना हैं.....ज़रूर दीजिये...

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