Only for U…


तेरी मुहब्बत में गर नज़ाकत है तो”सागर” मेरी बगावत देख .!
तेरी गली गुज़रना तेरे नग्में सुनता मगर नाम लेना छोड़ दिया .!!

Teri muhabbat mein  gar nazakat hai to meri bagaawat dekh.!

Teri gali guzrna tere nagmein sunta magar naam lena chod diya.!!

 

माना हम गुनहगार हैं आपकी नज़रों में,
कोई कसर आपने भी तो कम न की हमें रुस्वा करने की.!
भुला सको तो भुला देना कौन रोकता है,
हमनें तो हर सुबह रब्ब से दुआ की बस आपके नाम की.!!

 

अफ़सोस नहीं क्यों इलज़ाम लगाए,
गम इस बात का क्यों अपने मसाइल पर खुद बात ना की.!
दुनियां ने कब हैं सुलझाए मामलात,
रिश्तों को तोडा और दिलों में बस नफरत की शुरुवात की.!!

 

दर्द गर वहां है तो यहाँ कुछ कम नहीं,
और बात तुम ने कभी हवाओं में सिसकियाँ न महसूस की.!
सागर” की लहरों से कभी पूछ लेते,
क्यों इतनी हलचल-तड़प है और परेशानी है किस बात की.!!

bharat

About Dilkash Shayari

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Posted on July 10, 2018, in Ghazals Zone. Bookmark the permalink. 2 Comments.

  1. Bahut khoob shayar ji!

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