यूँही कोई बेवफा नहीं होता…Dedicated.


नैनों से अश्क़ ना चुरा सका,
गर होंठों पर मुस्कान ना ला सका.!
किस काम का शायर”सागर“,
ज़िन्दगी में मुक़ाम ना दिला सका.!!

 …..

इंसान चाहे कितना भी दुःख-तकलीफ में हो कुछ पल
अपने ख़ास लोगों के लिए निकाल ही लेता है…
बस ज़ज़्बा होना चाहिए अपने-पन का…

अर्ज़ है:-

वो कहते हैं कोई उनकी वफ़ा-मुहब्बत से खेल गया.!
कुछ तो रही होगी वजह यूँही कोई बेवफा नहीं होता.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

 

इक ताली नहीं बजती इक हाथ बजा दिखा दीजिये.!
गर उधर कोई कमी होगी इधर भी खता रही होगी.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

 

ज़ुबाँ आपकी कुछ भी बयान कर लीजिये सफाई में.!
वाक़्या और नज़र आता बिस्तर की सलइए देखकर.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

 

बिन परखे तन-मन गैर नज़र करना कैसी है उल्फत.!
नापाक मुहब्बत में कमी क़ातिल आदाओं की भी हैं.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

 

इक शम्मा-परवाने की बेवफाई से वफ़ा दागदार नहीं.!
इस सफर-ए-हयात पाने को अभी बहुत कुछ बाकी है.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

 

गर आप से कोई खता हुई खता से सबक ले आगे बढ़ें .!
मुहब्बत में गर धोखे मर-मिटने वालों की भी कमी नहीं.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

 

कैसे यक़ीन करे”सागर“बेवफा है सारा ज़माना यहाँ.!
लैला के नग्में फरहाद के किस्से क्यूँकर भूले ज़माना.!!
यूँही कोई बेवफा नहीं होता…

6.jpg

About Dilkash Shayari

All Copyrights Are Reserved.(Under Copyright Act) Please Do Not Copy Without My Permission.

Posted on January 12, 2018, in Ghazals Zone. Bookmark the permalink. 2 Comments.

  1. Satya panktiyan. Liked it. 👌☺️👍

    Like

  2. Khubsurat….kamal ki shayari.👌👌

    Like

Comments / आपके विचार ही हमारे लिखने का पैमाना हैं.....ज़रूर दीजिये...

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: