ज़रा ध्यान से…


वैसे हर किसी से तुम…तुम्हारा… कर बात करना,
कुछ लोगों को काफी तहज़ीब भरा लगता है…?

3

मज़ाक ही तो किया था,
नहीं चाहिए तेरी किस्स,
वैसे भी तू पान बहुत खाती है…

 

तेरे भी हैं कुछ सपने,
तेरे भी अरमान,
उनके होंठ अपने हैं,
तेरे लब उनके,
फिर कैसे तेरी आरज़ू,
कैसे तेरी ज़ुस्तज़ू,
अपनी तो वैसे भी ग्वालियर वाली है ना …

 

कभी पागल कहती,
कभी आवारा,
माना हम रूठ जाते,
रूठते तो मान भी जाते,
तेरी तरह नखरे पर,
नखरा भी न दिखाते
अब छोड़ भी वैसे भी,
परपोज़ तेरी सहेली ने क्या है…

 

फ़िरोज़ाबाद के अंगूर,
तुझे हों मुबारक,
आगरे का पेठा,
अपने घर ही मंगवा,
तेरी सोच गैर समझ भी,
गैर होने की बू आती,
क्यों”सागर“हो परेशान,
वैसे भी साथ बगल वाली है ना…

About Dilkash Shayari

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Posted on December 31, 2017, in Funny Poetry, Nagama-e-Dil Shayari. Bookmark the permalink. 5 Comments.

  1. Aap gazab likhte ho..
    happy new year.

    Liked by 1 person

  2. Hanji yahan par Post sabhi Personal hain.Sher-o-Shayari is my passion…Same to You Ritu ji.

    Liked by 1 person

  3. kya bolun. m apke post pe itne comments krke, baaki logon ko pareshan nhi krna chahti. 🙂

    Liked by 1 person

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