ज़िन्दगी एक जुआ है कोई जीतता कोई हारता.!!


ज़िन्दगी एक जुआ है कोई जीतता है कोई हारता.!
पर असली खिलाडी वही जिसका ज़ज़्बा हार ना मानने वाला हो.?
,उतार-चढ़ाव तो आते ही हैं और और आने भी चाहिए…
तभी कुछ सीखने को मिलेगा…
आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी…
जो जीतता रहा एक दिन किसी काम का ना रहेगा…
ठीक वैसे ही निरंतर हारने वाला निराश हो जाएगा…

हमनें जिंदगी को इक जुआ समझ जिया”सागर“.!
कई दाव अच्छे सटीक रहे कुछ उलटे ही पड़ गए.!!

गिरे पर उठ संभलने की पूरी जोरआज-माइश की.!
एक दिन ऐसा भी आया वक़्त सामने सब हार गए.!!

हर इंसान ज़िन्दगी में कभी ना कभी ठोकर खता है,
हमनें भी बहुत खाई हैं…
छोटी उम्र में पिताजी को खोया फिर माता जी को…
पर उनके बताये रास्तों पर चलने की पूरी शिद्दत से कोशिश की…
कामयाब हुए या ना कामयाब जब उनसे मिलेंगे पूछ लेंगे,
हिसाब भी तो उनको देना है“…

About Dilkash Shayari

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Posted on October 30, 2017, in From the Page of Personal Dairy.. Bookmark the permalink. 4 Comments.

  1. Jua toh jeet har hai .. zindagi toh hanske jeene ka Nam hai

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  2. सच है ज़िन्दगी हंसकर बितानी चाहिए…
    हंसना-रोना तो अपने हाथ है…
    But Life…ईश्वर/खुदा के…
    जिसमें हारना-जीतना हमारे हाथ नहीं जुआ ही तो है…
    शुक्रिया अपने विचार देने के लये ज्योत्सना जी.

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  3. Bilkul sahi .. :):)

    Liked by 1 person

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