Kudi Firozabaadi…


कोई त्योहार हो और सब आयें मुबारकबाद दें,
परन्तू जिनका इंतज़ार हो वो मुँह सुजा रखें
और ना आयें तो कितना अज़ीब लगता है?
अज़ी जनाब छोड़िए गुस्सा और आइए लीजिए
मज़ा!!
ना जाने ज़िंदगी कितने दिनों की है फिर कभी
इस त्योहार को मना ही ना पायें उनके साथ
जिन्हें आप पसंद करते हैं?नौक-झौंक तो लगी
ही रहती है?रूठना-मनाना भी? बहुत हो गया
कुछ समझे?मान जाइए?वरना बहुत हैं…
अर्ज़ किया है:

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जिसका था इंतज़ार वो ही नहीं आए,
सौचा था आयेंगे हेप्पी क्रिस्मस कह जायेंगे.!

बड़े तंग दिल हैं लगता ‘सागर‘ वो,
मगरूर भी चाहा कर भी कुछ ना कह पायेंगे.!!

1

Jiska Tha Intzaar Wo Hi Nahin Aaye,

Socha Tha Aayeinge Happy Christmas Keh Jayeinge.!

Bade Tang Dil Hain Lagata’Sagar‘Wo,

Magrur Bhi Chaaha Kar Bhi Kuch Na Keh Payeinge.!!

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About Dilkash Shayari

"Everyone Thinks Changing The World,But No One Thinks Of Changing Himself" I'm Advocate(Lawyer) Writer&Poet All Copyrights Are Reserved.(Under Copyright Act) Please Do Not Copy Without My Permission.

Posted on December 25, 2016, in Shayari Khumar -e- Ishq. Bookmark the permalink. 4 Comments.

  1. इतनी मनुहार के बाद तो संगदिली ठीक नही

    Liked by 1 person

  2. बेशक़-बेशक़,पर गर मान जाए तो हुस्न की
    नज़्ज़ाक़ात और मगरूरियत का क्या होगा?
    बंटी जी!

    आपने अपना कीमती वक़्त निकाल पढ़ा और अपने विचार रखे इसका तह-ए-दिल से शुक्रिया!

    Liked by 1 person

  3. स्वागत है आपका! Sir.

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Comments/विचार

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