Dedicate To International Workers’ Day


किंतनी अज़ीब बात है जो किसी देश का  निर्माण करते हैं, जो इंसानों के जीने का इंतज़ाम करते हैं उनको हम सिर्फ़ और सिर्फ़ एक दिन यानी हर वर्ष एक मईलेबर डे’(इंटरनॅशनल वर्कर्स डे) के रूप में याद करते हैं??इनको हम मजदूर कहते हैं?इनको हम कभी वो सम्मान ना दे पाए जिसके ये वास्तविक हक़दार हैं,ये हैं तभी हम चैन से जी रहे हैं?मकान से ले सड़क,आनाज़ से ले सॉफ-सफाई और ना जाने क्या-क्या?’गंद हम डालें और सफाई ये करें फिर भी ये छोटे हम बड़े?
इनके दम से ही हम साहेब कहलाते हैं वरना हम क्या हैं?
आईना देखिए ये भी हम जैसे ही हैं बस फ़र्क है (शायद) हमारे कपड़ों का या ये कहिए हमारी छोटी सौच का?काश हम इनको वो सम्मान दे पायें जिसके ये वास्तविक हक़दार हैं?

हमें चाहिए हम खुद को इनमें देखें और इनकी तकलीफ़ों को महसूस करें,रोज़-हर वक़्त?
आज ये अदना-सा शायर’सागर‘कुछ लिखना चाहता है किसी को बुरा लगे तो माफ़ करना!
अर्ज़ है:-ssemras2

 

           

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सारी दुनियाँ  को आप  ही  तो बनाते हो,
फिर भी बस एक दिन ही याद आते  हो.!

आपकी तक़दीर कहूँ अपनी मगरूरियत,
बराबर हो  पर  बराबर  ना माने जाते हो.!!

कोई काम नहीं ऐसा जो आप नहीं करते,
बड़े – बड़े  काम कर भी छोटे कहलाते हो.!

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कभी पत्थर  तोड़ते कभी मिट्टी उठाते,
रिक्शे को  खिंचवा  इंसान  कहलवाते हो.!!

खुश किस्मत हो’सागर‘ये हैं अपने साथ, 
इन  की  मेहनत  से सब बड़े कहे जाते हो.!

ना  समझो  इन्हें छोटा ना कहो मजदूर,
ये हैं तभी तो सब  साहेब बनाए जाते हो.!!

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Saari Duniyaan Ko Aap Hi To Banaate Ho,

Phir  Bhee  Bas  Ek  Din  Hi  Yaad Aate Ho.!

 

AapKi Taqdeer Kahoon Apani Magruriyat,

Barabar Ho Par Barabar Na Mane Jate Ho.!!

 

Koyi Kaam Nahin Aisa Jo Aap Nahin Karte,

Bade – Bade Kaam Kar Chote Kehalate Ho.!!

 

Kabhi  Paththar Todte Kabhi Mitti Uthate,

Rishe Ko Khinchwa Insaan Kehalwate Ho.!!

 

Khush Kismat Ho’Sagar‘Ye Hain Apne Sath,

In Ki Mehnat  Se  Sab Badhe Kahe Jaate Ho.!

 

Na Samjhon Inhein Chota Na Kaho Majdoor,

Ye Hain Tabhi To Sab Saheb Banaye Jate Ho.!! 

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About Dilkash Shayari

"Everyone Thinks Changing The World,But No One Thinks Of Changing Himself" I'm Advocate(Lawyer) Writer&Poet BHOPAL All Copyrights Are Reserved.(Under Copyright Act) Please Do Not Copy Without My Permission.

Posted on May 1, 2016, in Shayari Occasion Zone. Bookmark the permalink. 5 Comments.

  1. U r right saagar ji.majadooron ne jis din kaam ban kar diya,sab ki sahibgiri dhari rah jaayegi.

    Liked by 1 person

  2. Shukriya Aruna ji.

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  3. The power of the human spirit,incredible

    Liked by 1 person

  4. Hard work and honest which I highly respect without them is no fashion, … and dress regardless of form

    Liked by 1 person

Comments/विचार

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